Ganesh Jayanti 2026 Puja vidhi Muhurat mantra aarti moonrise time today maghi ganesh Chaturthi | रवि योग में गणेश जयंती आज, जानें पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र, आरती, वर्जित चंद्र दर्शन समय

Share to your loved once


Ganesh Jayanti 2026 Puja Vidhi Muhurat: गणेश जयंती आज है. गणेश जयंती पर रवि योग बना है, जो सुबह में 07:14 बजे से शुरू होकर दोपहर 02:27 बजे तक रहेगा. रवि योग में शुभ कार्य करना उत्तम फलदायी रहता है. पौराणिक कथा के अनुसार गणेश जी का जन्म माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ था, इसलिए इस तिथि को गणेश जयंती मनाते हैं. इसे माघी गणेश चतुर्थी और माघ विनायक चतुर्थी भी कहते हैं. गणेश जयंती के दिन चंद्रमा का दर्शन वर्जित होता है. जो लोग व्रत और पूजा करते हैं, उनके कार्य सफल होते हैं, जीवन में आने वाली विघ्न और बाधाएं दूर हो जाती हैं. गणेश जयंती की पूजा सामग्री की व्यवस्था पहले से कर लेनी चाहिए. आइए जानते हैं गणेश जयंती की पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र, आरती आदि के बारे में.

गणेश जयंती मुहूर्त

  • माघ शुक्ल चतुर्थी तिथि का प्रारंभ: 22 जनवरी, गुरुवार, 2:47 एएम से
  • माघ शुक्ल चतुर्थी तिथि का समापन: 23 जनवरी, शुक्रवार, 2:28 एएम पर
  • गणेश जयंती पूजा मुहूर्त: दिन में 11:29 बजे से लेकर दोपहर 1:37 बजे तक
  • रवि योग: आज सुबह 07:14 बजे से दोपहर 02:27 बजे तक
  • चांद निकलने का समय: सुबह 09:22 ए एम
  • चांद डूबने का समय: रात 09:19 पी एम पर

आज के दिन चंद्रमा देखने से कलंक लग सकता है.

गणेश जयंती के अशुभ समय

भद्रा काल: दोपहर में 02:40 पी एम से कल, 02:28 ए एम तक

इस भद्रा का वास धरती पर है, तो इस समय कोई शुभ या नया काम न करें, उसमें बाधाएं आ सकती हैं. वैसे गणेश जयंती की पूजा में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि पूजा मुहूर्त के बाद भद्रा लग रही है.

राहुकाल: दोपहर में 01:53 बजे से 03:12 बजे तक

गणेश जयंती पूजा मंत्र

  1. ॐ गं गणपतये नमो नमः
  2. वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
    निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
  3. एकदन्ताय शुद्घाय सुमुखाय नमो नमः।
    प्रपन्न जनपालाय प्रणतार्ति विनाशिने ॥

गणेश जयंती व्रत और पूजा विधि

  1. आज ब्रह्म मुहूर्त 05:27 ए एम से 06:20 ए एम में उठकर स्नान दान करें. उसके बाद साफ वस्त्र पहनें. फिर हाथ में जल और फूल लेकर व्रत और पूजा का संकल्प करें.
  2. उसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें. दोपहर के समय पूजा का मुहूर्त है, तो उससे पहले पूजा सामग्री और हवन सामग्री का प्रबंधन कर लें. फिर शुभ मुहूर्त में गणेश जी की स्थापना करें. पंचामृत से उनका अभिषेक करें.
  3. गणेश जी का पूजन लाल और पीले रंग के फूल, अक्षत्, धूप, दीप, चंदन, माला आदि से करें. उनको लाल रंग का सिंदूर अर्पित करें. पान का पत्ता, सुपारी, हल्दी, इलायची, लौंग, मौसमी फल आदि चढ़ाएं. नए वस्त्र और जनेऊ चढ़ाएं.
  4. अब आप दूर्वा लेकर गणेश जी के मस्तक पर अर्पित करें. दूर्वा के बिना गणेश जी की पूजा अधूरी है. तुलसी के पत्ते न ​अर्पित करें, तुलसी उनकी पूजा में वर्जित और शापित हैं.
  5. इसके बाद मोदक, लड्डू, पंचमेवा, घर के बने पकवान आदि का भोग लगाएं. गणेश जयंती की व्रत कथा सुनें. गणेश चालीसा और उनके मंत्र पढ़ें. उसके बाद गणेश जी की आरती घी के दीपक या कपूर से करें. उसके बाद क्षमा प्रार्थना करें.
  6. दिनभर फलाहार पर रहें. रात के समय में जागरण करें. अगले दिन सुबह उठकर स्नान करें. पूजा पाठ करें और दान दें. गणेश जी से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें. सूर्योदय के बाद पारण करके व्रत को पूरा करें.

गणेश जी की आरती

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
जय गणेश जय गणेश…

एकदंत दयावंत चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी।।
जय गणेश जय गणेश…

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डू के भोग लगे संत करें सेवा।।
जय गणेश जय गणेश…

अंधे को आंख देत कोढिन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया।।
जय गणेश जय गणेश…

‘सूर’ श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।।
जय गणेश जय गणेश…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP