vasant panchami what makes it an ideal date for marriage | Vasant Panchami For Marriage: वसंत पंचमी विवाह के लिए क्यों होता है शुभ? पूरे दिन में कभी भी ले सकते हैं फेरे
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Vasant Panchami For Marriage: वसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा करते हैं. लेकिन यह दिन विवाह समेत अन्य सभी मांगलिक कार्यों के लिए शुभ होता है. वसंत पंचमी के दिन ऐसा क्या है, जिसकी वजह से पूरे समय आप फेरे ले सकते हैं. आइए जानते हैं कि वसंत पंचमी विवाह के लिए शुभ दिन क्यों है?
वसंत पंचमी पर विवाह के लिए मुहूर्त होता है.वसंत पंचमी विवाह के लिए शुभ क्यों?
काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, वसंत पंचमी को पूरे दिन स्वयं सिद्ध मुहूर्त होते हैं. इसके लिए एक शब्द और प्रसिद्ध अबूझ मुहूर्त. अबूझ मुहूर्त का अर्थ यह है कि वसंत पंचमी के दिन आपको कोई शुभ काम करना है या विवाह करना है तो आपको मुहूर्त जानने के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं है. इस दिन आप बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ काम कर सकते हैं.
वसंत पंचमी का संबंध कामदेव और रति से भी है. इस दिन कामदेव की पूजा करते हैं. वैवाहिक जीवन में दांपत्य सुख के लिए कामदेव की कृपा का होना जरूरी है. पति और पत्नी के बीच प्रेमपूर्ण संबंध होना आवश्यक होता है. पौराणिक कथा के अनुसार वसंत पंचमी के दिन ही कामदेव और रति ने पहली बार मनुष्यों के हृदय में प्रेम और सौंदर्य के प्रति आर्कषण उत्पन्न किया किया था. ऐसे में वसंत पंचमी पर जो विवाह करते हैं, उनका दांपत्य जीवन प्रेम पूर्ण होता है.
वसंत पंचमी पर किसी भी समय ले सकते फेरे?
अब वसंत पंचमी पर पूरे दिन यानि 24 घंटे अबूझ मुहूर्त है तो आप उस दिन किसी भी समय पूरे विधि विधान से शादी के 7 फेरे ले सकते हैं. आजकल रात के समय में विवाह का प्रचलन है तो आप रात में या फिर चाहें तो दिन में भी विवाह कर सकते हैं. शास्त्रों में विवाह के लिए रात्रि के मुहूर्त की बाध्यता नहीं है.
वसंत पंचमी के अलावा इस दिन भी अबूझ मुहूर्त
पंचांग में सिर्फ वसंत पंचमी के दिन ही अबूझ मुहूर्त नहीं होता है. वसंत पंचमी के अलावा अक्षय तृतीया, फुलेरा दूज, भड़ली नवमी, देवउठनी एकादशी, विजयादशमी आदि को भी पूरे दिन अबूझ मुहूर्त होता है. हालांकि वसंत पंचमी के अलावा अक्षय तृतीया को भी विवाह के लिए बड़ा ही उत्तम दिन माना जाता है.
वसंत पंचमी 2026 पर क्यों नहीं होंगे मांगलिक कार्य?
इस साल की वसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त होने के बावजूद विवाह, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे. इसकी सबसे बड़ी वजह है शुक्र ग्रह का अस्त होना. शुक्र 11 दिसंबर 2025 से लेकर 1 फरवरी 2026 तक अस्त है. ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को भौतिक सुख, सुविधाओं, सुखी दांपत्य जीवन, प्रेम आदि का कारक ग्रह है. शुक्र के अस्त होते हुए वसंत पंचमी पर विवाह करना शुभ और मंगलदायक नहीं होगा. ऐसे में विवाह करने पर दांपत्य जीवन खुशहाल नहीं होगा. ऐसी मान्यताएं हैं.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें