Saraswati Puja 2026 Kab hai?: सरस्वती पूजा कब है? कैसे तय होता है पूजा का दिन, ज्योतिषाचार्य से जानें मुहूर्त, शुभ योग, इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
Saraswati Puja 2026 Kab Hai Date: सरस्वती पूजा हर साल वसंत पंचमी के दिन मनाते हैं. दैनिक पंचांग के अनुसार सरस्वती पूजा के लिए माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि निर्धारित है. लेकिन कई बार इसकी तिथि को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बनती है तो लोग तय नहीं कर पाते हैं कि सरस्वती पूजा किस दिन करें. इस साल सरस्वती पूजा के दिन 3 शुभ योग बन रहे हैं. वहीं सरस्वती पूजा के लिए 5 घंटे से अधिक का समय प्राप्त हो रहा है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि सरस्वती पूजा कब है? सरस्वती पूजा की तारीख कैसे तय होती है? सरस्वती पूजा का मुहूर्त और शुभ योग क्या हैं?
सरस्वती पूजा 2026 कब है?
सरस्वती पूजा का दिन कैसे तय होता है?
ज्योतिषाचार्य भट्ट बताते हैं कि सरस्वती पूजा या वसंत पंचमी किस दिन मनाई जाए, इसका निर्धारण उदयातिथि के आधार पर करते हैं. उदयातिथि का अर्थ है कि सूर्यदेव का उदय निश्चित तिथि में होना. उदाहरण के लिए सरस्वती पूजा माघ शुक्ल पंचमी को होती है. आप देखेंगे कि 23 जनवरी को सूर्योदय पंचमी तिथि में हो रहा है और 24 जनवरी का सूर्योदय षष्ठी तिथि में होगा. इस आधार पर पंचमी की उदयातिथि 23 जनवरी को प्राप्त हो रही है. ऐसे में सरस्वती पूजा 23 जनवरी को है. इस तरह से व्रत और त्योहार के तारीख तय होते हैं.
सरस्वती पूजा मुहूर्त
23 जनवरी को सरस्वती पूजा के लिए आपको 5 घंटे से अधिक का शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहा है. स्कूल, कॉलेज, कला, संगीत आदि से जुड़े संस्थानों आदि में सरस्वती पूजा सुबह 7:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे के बीच होगी. इस समय में आप विधि विधान से सरस्वती पूजा करें.
3 शुभ योग में सरस्वती पूजा
इस साल की सरस्वती पूजा 3 शुभ योग में है. सरस्वती पूजा के दिन रवि योग, परिघ योग और शिव योग बन रहे हैं. रवि योग दोपहर में 2 बजकर 33 मिनट से अगले दिन सुबह 7 बजकर 13 मिनट तक है. वहीं परिघ योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 3 बजकर 59 मिनट तक है. उसके बाद से शिव योग है. सरस्वती पूजा के समय परिघ योग रहेगा.
सरस्वती पूजा पर दोषरहित पंचक
सरस्वती पूजा को पूरे दिन पंचक लगा हुआ है. इस पंचक का प्रारंभ बुधवार से हुआ है, जो दोष रहित माना जाता है. इस वजह से आप कोई भी शुभ काम कर सकते हैं.
सरस्वती पूजा पर पूरे दिन अबूझ मुहूर्त
सरस्वती पूजा के दिन पूरे समय अबूझ मुहूर्त रहता है. इसका मतलब यह है कि आपको कोई भी मांगलिक कार्य करना है तो बिना पंचांग देखे किसी भी समय कर सकते हैं क्योंकि पूरे दिन स्वयंसिद्ध मुहूर्त होता है. लेकिन इस बार सरस्वती पूजा पर शुक्र अस्त हैं, इस वजह से कोई मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि नहीं हो सकेगा.
सरस्वती पूजा का महत्व
- सरस्वती पूजा के दिन ज्ञान और वाणी की देवी सरस्वती का प्रकाट्य हुआ था, इसलिए इसे सरस्वती जयंती भी कहते हैं.
- इस दिन सरस्वती पूजा करने से ज्ञान और कला में बढ़ोत्तरी होती है. वाणी का प्रभाव बढ़ता है.
- सरस्वती पूजा के दिन छोटे बच्चों को अक्षर ज्ञान का प्रारंभ कराते हैं. यह इसके लिए शुभ दिन माना जाता है.