Healthy Tea Alternatives। सेहतमंद के लिए परफेक्ट चाय
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Perfect Tea: भारत में चाय केवल एक पेय नहीं है, बल्कि यह रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है. सुबह की शुरुआत हो या काम के बीच ब्रेक, चाय हर मौके पर साथ देती है. बहुत से लोगों के लिए बिना चाय के दिन अधूरा सा लगता है. लेकिन चाय की सबसे बड़ी परेशानी होती है उसमें डाली जाने वाली चीनी. मीठी चाय का स्वाद भले ही अच्छा लगता हो, लेकिन ज्यादा चीनी सेहत पर बुरा असर डाल सकती है. अगर आप चाय के शौकीन हैं और सेहत का भी ध्यान रखना चाहते हैं, तो देसी खांड आपके लिए एक बेहतर विकल्प बन सकती है.

वजन बढ़ना, दांतों की समस्या और ब्लड शुगर का खतरा इसी से जुड़ा होता है. आजकल लोग हेल्दी विकल्प की तलाश में रहते हैं, खासकर ऐसे लोग जो मीठा स्वाद छोड़ना नहीं चाहते. ऐसे में एक देसी चीज चाय का स्वाद भी बनाए रखती है और चीनी की जरूरत भी खत्म कर देती है. इस देसी विकल्प का नाम है देसी खांड. यह गन्ने से बनती है और ज्यादा प्रोसेस नहीं होती, इसलिए इसमें मिठास के साथ-साथ कुछ पोषक तत्व भी मौजूद रहते हैं.

1. क्या है देसी खांड और कैसे बनती है देसी खांड गन्ने के रस से तैयार की जाती है. इसे बनाने में केमिकल या ज्यादा मशीनों का इस्तेमाल नहीं होता. गन्ने का रस पकाकर इसे तैयार किया जाता है, जिससे इसकी रंगत हल्की भूरी होती है. इसका स्वाद आम चीनी से थोड़ा अलग और सॉफ्ट होता है. यही वजह है कि यह चाय में मिलकर एक अलग ही स्वाद देती है.

2. चाय में देसी खांड डालने से कैसा आता है स्वाद देसी खांड से चाय में हल्की मिठास आती है जो मुंह में चुभती नहीं. इससे चाय न ज्यादा मीठी लगती है और न ही फीकी. जो लोग कम मीठी चाय पसंद करते हैं, उनके लिए यह एकदम सही विकल्प है. दूध और चायपत्ती के साथ इसका स्वाद अच्छे से घुल जाता है.
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3. पाचन के लिए क्यों मानी जाती है बेहतर देसी खांड को पाचन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. चाय के साथ इसका सेवन गैस, भारीपन और जलन जैसी दिक्कतों को कम कर सकता है. खासकर उन लोगों के लिए जो चाय पीने के बाद पेट भारी महसूस करते हैं, यह राहत दे सकती है.

4. चीनी की आदत छोड़ने में कैसे मदद करती है अगर आप पूरी तरह से मीठा छोड़ना नहीं चाहते लेकिन चीनी कम करना चाहते हैं, तो देसी खांड अच्छा ऑप्शन है. धीरे-धीरे इसे इस्तेमाल करने से जीभ को कम मीठे की आदत पड़ जाती है. इससे आगे चलकर चीनी छोड़ना आसान हो जाता है.

5. वजन को कंट्रोल करने में सहायक ज्यादा चीनी लेने से वजन तेजी से बढ़ सकता है. देसी खांड में मिठास कम होती है, इसलिए इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में किया जाए तो कैलोरी का सेवन भी कंट्रोल में रहता है. यह उन लोगों के लिए बेहतर है जो वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं.

6. चाय में देसी खांड डालने का सही तरीका चाय बनाते समय पहले पानी और चायपत्ती उबालें. उबाल आने के बाद आधी या एक छोटी चम्मच देसी खांड डालें. इसे अच्छे से घुलने दें. इसके बाद दूध मिलाएं और एक उबाल आने पर चाय छान लें. इस तरीके से चाय का स्वाद और खुशबू दोनों बने रहते हैं.

7. किन लोगों को रखना चाहिए सावधान देसी खांड चीनी से बेहतर मानी जाती है, लेकिन यह पूरी तरह से नुकसान रहित नहीं है. डायबिटीज के मरीज इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें. किसी भी चीज का ज्यादा सेवन सेहत के लिए ठीक नहीं होता, इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है.