एक मिसाइल से 64 टारगेट खल्लास; स्वदेशी भार्गवास्त्र बनेगा PAK के ड्रोन्स का काल, दुनिया में कोई नहीं कर पाया ऐसा
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Bhargavastra: भारत ने भार्गवास्त्र विकसित कर रक्षा क्षेत्र में इतिहास रच दिया है. यह दुनिया का इकलौता स्वदेशी सिस्टम है जो मात्र 10 सेकंड में 64 माइक्रो-मिसाइलें दागकर दुश्मन के ड्रोन झुंड को तबाह कर सकता है. नागपुर की SDAL कंपनी द्वारा निर्मित यह हथियार 10 किमी दूर से खतरे को पहचान लेता है. किफायती लागत और हर मौसम में काम करने की क्षमता इसे भारतीय सेना के लिए गेम-चेंजर बनाती है.
भारत ने नया कीर्तिमान बनाया. नई दिल्ली. भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. भार्गवास्त्र के साथ भारत अब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश बन गया है जिसके पास एक साथ 60 से अधिक (सटीक क्षमता 64) माइक्रो-मिसाइलें दागने वाला स्वदेशी सिस्टम है. महाराष्ट्र के नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) द्वारा विकसित यह सिस्टम विशेष रूप से ड्रोन झुंड (Swarm Drones) को पलक झपकते ही तबाह करने के लिए बनाया गया है. 19 जनवरी 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस प्रणाली की सफलता की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की एक बड़ी जीत बताया.
भार्गवास्त्र: तकनीक, क्षमता और विकास की पूरी कहानी
निर्माण और विकास: भार्गवास्त्र को सोलर ग्रुप की सहायक कंपनी ‘इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड’ (EEL) ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनाया है. इसके सफल परीक्षण मई 2025 में गोपालपुर, ओडिशा में किए गए थे.
मारने की अभूतपूर्व क्षमता: यह सिस्टम एक साथ 64 माइक्रो-मिसाइलें/रॉकेट मात्र 10 सेकंड में दाग सकता है. इसकी तुलना में दुनिया के अन्य आधुनिक सिस्टम एक बार में अधिकतम 4 मिसाइलें ही दाग पाते हैं.
मल्टी-लेयर सुरक्षा: यह दो स्तरों पर काम करता है. पहला स्तर अनगाइडेड रॉकेटों का है जो 20 मीटर के दायरे में ड्रोन झुंड को खत्म करते हैं और दूसरा स्तर सटीक गाइडेड माइक्रो-मिसाइलों का है.
रेंज और रडार: यह 6 से 10 किमी दूर से ही दुश्मन के ड्रोन को पहचान लेता है और 2.5 किमी की दूरी तक उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देता है.
लागत (Cost): पारंपरिक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (जैसे S-400) के मुकाबले इसकी लागत बहुत कम है, जिससे यह ड्रोन जैसे सस्ते हमलों को रोकने के लिए एक किफायती समाधान बनता है.
5 महत्वपूर्ण सवाल
सवाल 1: भार्गवास्त्र को ‘ड्रोन किलर’ क्यों कहा जा रहा है?
जवाब: यह सिस्टम विशेष रूप से उन ड्रोन झुंडों को खत्म करने के लिए बनाया गया है जो रडार को चकमा देते हैं. इसकी 64 मिसाइलें एक साथ हमला कर किसी भी बड़े ड्रोन हमले को विफल कर सकती हैं.
सवाल 2: क्या यह सिस्टम किसी भी मौसम और इलाके में काम कर सकता है?
जवाब: हां, इसे रेगिस्तान से लेकर 5000 मीटर से ऊंचे बर्फीले पहाड़ों तक हर तरह के कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है.
सवाल 3: भार्गवास्त्र की सबसे अनोखी बात क्या है?
जवाब: इसकी ‘साल्वो मोड’ क्षमता, जिसके तहत यह दुनिया में सबसे ज्यादा (60+) मिसाइलें एक साथ दागने वाला एकमात्र सिस्टम बन गया है.
सवाल 4: क्या इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान है?
जवाब: हां, यह पूरी तरह से एक मोबाइल प्लेटफॉर्म (ऑल-टेरेन व्हीकल) पर आधारित है जिसे युद्ध क्षेत्र में कहीं भी तेजी से तैनात किया जा सकता है.
सवाल 5: यह भारतीय सेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
जवाब: यह चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के बढ़ते ड्रोन खतरे को देखते हुए भारत की रक्षा पंक्ति को अभेद्य बनाता है और कीमती मिसाइल डिफेंस सिस्टम को छोटे खतरों से बचाता है.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें