गणतंत्र दिवस 2026: नौसेना की समुद्री ताकत और महिला सशक्तिकरण
Indian Navy: गणतंत्र दिवस परेड 2026 इस बार सिर्फ परेड नहीं, बल्कि भारत की समुद्री ताकत की पूरी कहानी बनकर सामने आएगी. भारतीय नौसेना की झांकी और मार्चिंग दस्ता यह दिखाएगा कि देश ने समुद्रों में अपनी सुरक्षा और ताकत को कैसे मजबूत किया है. कर्तव्य पथ पर जब नौसेना के जवान कदम से कदम मिलाकर चलेंगे, तो यह संदेश जाएगा कि भारत समुद्र से लेकर आसमान तक पूरी तरह तैयार है.
इस साल नौसेना की प्रस्तुति परंपरा, आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की सोच को एक साथ जोड़ती नजर आएगी. आम लोगों के लिए यह परेड सिर्फ देखने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह समझने का मौका भी होगी कि भारतीय नौसेना कैसे देश की सीमाओं की रक्षा करती है और भविष्य के लिए खुद को लगातार मजबूत बना रही है.
गणतंत्र दिवस परेड 2026 से पहले 20 जनवरी को भारतीय नौसेना ने कर्तव्य पथ पर पूर्वावलोकन आयोजित किया. इस मौके पर सेना के मार्चिंग दस्ते, झांकी और बैंड की पूरी झलक दिखाई गई. नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन सिर्फ एक रिहर्सल नहीं, बल्कि देश के सामने अपनी सोच और दिशा रखने का मंच भी है.
लेफ्टिनेंट करण नाग्याल ने परेड की अहमियत बताई
मार्चिंग दस्ते के कमांडर लेफ्टिनेंट करण नाग्याल ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड देश की एकता और ताकत का सबसे बड़ा मंच है. उन्होंने बताया कि यह परेड भारत की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और तकनीकी प्रगति को एक साथ दिखाती है. नौसेना के लिए यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है. उन्होंने कहा कि परेड और बीटिंग द रिट्रीट जैसे कार्यक्रम नौसेना की उस सोच को दिखाते हैं, जिसमें वह हमेशा लड़ाई के लिए तैयार, एकजुट और आत्मनिर्भर रहने पर जोर देती है. उनका कहना था कि नौसेना का हर जवान इस मंच पर देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण को पूरे गर्व के साथ दिखाता है.
144 युवा नौसैनिकों का अनुशासित मार्चिंग दस्ता
इस साल भारतीय नौसेना के मार्चिंग दस्ते में 144 युवा नौसैनिक शामिल होंगे. ये सभी नौसैनिक कर्तव्य पथ पर कंधे से कंधा मिलाकर कदमताल करते नजर आएंगे. इस दस्ते को मिनी इंडिया भी कहा जा सकता है, क्योंकि इसमें देश के अलग अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए जवान शामिल हैं. इनकी औसत उम्र करीब 25 साल है, यानी यह भारत की युवा ताकत का प्रतीक है. परेड के लिए इन जवानों को दो महीने से ज्यादा समय तक कड़ा और खास प्रशिक्षण दिया गया है. दस्ते का नेतृत्व लेफ्टिनेंट करण नाग्याल करेंगे, जबकि लेफ्टिनेंट पवन कुमार गांधी, लेफ्टिनेंट प्रीति कुमारी और लेफ्टिनेंट वरुण ड्रेवेरिया प्लाटून कमांडर की भूमिका निभाएंगे.
झांकी में दिखेगा भारतीय नौसेना का ऐतिहासिक सफर
गणतंत्र दिवस परेड 2026 में नौसेना की झांकी का विषय है एक सशक्त राष्ट्र के लिए एक सामर्थ्यवान नौसेना. इस झांकी में भारत की समुद्री यात्रा का पूरा इतिहास दिखाया जाएगा. इसमें पांचवीं शताब्दी के प्राचीन रस्सियों से सिले जहाज को दिखाया जाएगा, जिसे अब आईएनएसवी कौंडिन्य नाम दिया गया है. इसके साथ मराठा नौसेना के गुरब श्रेणी के जहाज और आधुनिक भारत की ताकत दिखाने वाले प्लेटफॉर्म भी शामिल होंगे. झांकी में आईएनएस विक्रांत, आईएनएस हिमगिरी, आईएनएस उदयगिरी, कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी और जीसैट 7आर उपग्रह को भी दर्शाया जाएगा. यह झांकी अतीत से भविष्य तक की पूरी कहानी कहेगी.
नविका सागर परिक्रमा और महिला सशक्तिकरण की झलक
नौसेना की झांकी में नविका सागर परिक्रमा 2 अभियान को भी खास जगह दी गई है. इसमें आईएनएसवी तारिणी द्वारा किए गए विश्व भ्रमण मार्ग को दिखाया जाएगा. यह अभियान इसलिए भी खास है क्योंकि इसका नेतृत्व महिला अधिकारियों ने किया. वाइस एडमिरल प्रवीण नायर ने बताया कि यह झांकी महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है. इसमें सी कैडेट्स कोर की युवा बालिकाएं भी शामिल होंगी, जो कई सालों बाद फिर से गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बन रही हैं. यह संदेश साफ है कि नौसेना में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और आने वाला समय बराबरी और नेतृत्व का है.
नौसेना बैंड में संगीत और जोश का संगम
भारतीय नौसेना का बैंड भी इस साल खास आकर्षण होगा. बैंड में 80 संगीतकार शामिल होंगे, जिनका नेतृत्व एमसीपीओ एम एंटनी राज करेंगे. यह बैंड 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट समारोह में शानदार धुनें पेश करेगा. खास बात यह है कि बैंड में अग्निवीर योजना के तहत चुनी गई छह महिला संगीतकार भी शामिल हैं. यह नजारा न सिर्फ कानों को सुकून देगा, बल्कि आंखों को भी गर्व से भर देगा. नौसेना का बैंड हमेशा से अनुशासन और ऊर्जा का प्रतीक रहा है, और इस बार भी दर्शकों को कुछ यादगार पल देने के लिए पूरी तरह तैयार है.