यूट्यूब से अनपढ़ ने सीखा कफ सिरप बनाना, छाप दिया खटाखट पैसा, पुलिस पहुंची तो लैब था तैयार
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उत्तर प्रदेश में इन दिनों कफ सिरप को लेकर प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है. एक तरफ जहां कोडीन युक्त कफ सिरप को लेकर छापेमारी जारी है तो वहीं दूसरी तरफ नकली कफ सिरप बनाने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है. इसी कड़ी में पीलीभीत जिले में कफ सीरप बनाने की फैक्ट्री का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है.
घर में कफ सिरप बनाने वाला पकड़ा गया.पीलीभीतः उत्तर प्रदेश में इन दिनों कफ सिरप को लेकर प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है. एक तरफ जहां कोडीन युक्त कफ सिरप को लेकर छापेमारी जारी है तो वहीं दूसरी तरफ नकली कफ सिरप बनाने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है. इसी कड़ी में पीलीभीत जिले में कफ सीरप बनाने की फैक्ट्री का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. यह फैक्ट्री एक झोलाछाप डॉक्टर चल रहा था, जिसने कफ सीरप बनाने का फार्मूला यूट्यूब से सीखा था.
घर में यूट्यूब से बना रहा था कफ सिरप
पुलिस ने इसके पास से सैकड़ों की संख्या में कफ सिरप की शिशियां भी बरामद की हैं. पीलीभीत के घुंघचाई थाना पुलिस को मुखबिर द्वारा लगातार सूचना मिली थी कि उसके क्षेत्र में पड़ने वाले गांव लाह रहने वाला सुरेश कुमार अपने घर में ही कफ सिरप बना रहा है. पुलिस ने जब इसके घर छापेमारी की तो वह भी दंग रह गई. पुलिस ने सुरेश कुमार के घर से 340 टॉपेक्स गोल्ड ,35 coyorex-t की भरी शीशी बरामद की है.
पुलिस को क्या-क्या मिला
इसके साथ ही कफ सीरप बनाने का सामान, 488 नई खाली सीसी,110 रैपर, 1939 ढक्कन 3 स्प्रिट भरी शीशी एक छोटा सिलेंडर और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. पुलिस ने जब नकली कफ सिरप बनाने वाले सुरेश कुमार से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह पढ़ा लिखा नहीं है और उसने कफ सीरप बनाने का फार्मूला यूट्यूब से सीखा था.
80 में बनाता 10 बोतल, बेचता था 600 रुपये में
सुरेश कुमार ने बताया कि उसको 10 सीसी कफ सिरप बनाने में 80 रुपए का खर्चा आता था. जबकि वह इसको ₹600 में बेच दिया करता था. फिलहाल सुरेश कुमार पुलिस की गिरफ्त में है और अब इस पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी में स्थानीय पुलिस जुटी हुई है. आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने साल 2003 में एक अस्पताल में कंपाउंडर के पद पर नौकरी किया था.वहां से इसको थोड़ी-बहुत जानकारी मिली और फिर लगभग एक साल से यह घर में कफ सिरप बना रहा था.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें