कहानी सुनते ही बिदक गए थे राजेश खन्ना, मजबूरी में करनी पड़ी फिल्म, फिर हुआ ऐसा चमत्कार, बन गए थे सुपरस्टार

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नई दिल्ली. राजेश खन्ना को बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार कहा जाता है. उन्होंने अपने करियर में एक से एक बढ़कर यादगार फिल्में दी हैं. साल 1969 में रिलीज हुई ‘आराधना’ ने उन्हें सुपरस्टारडम के उस मुकाम पर पहुंचा दिया, जो न उससे पहले किसी ने देखा था. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि राजेश खन्ना इस फिल्म में काम नहीं करना चाहते थे. साल 1965 में उन्होंने फिल्मफेयर टैलेंट कॉन्टेस्ट जीता था. जीत के इनाम के तौर पर उन्हें यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स के साथ 12 फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट मिला, जिसमें जीपी, सिप्पी, शक्ति सामंता और बीआर चोपड़ा जैसे दिग्गज शामिल थे. उन्हीं फिल्मों में से एक थी ‘आराधना. राजेश खन्ना इस फिल्म मे काम करने से हिचकिचा रहे थे. उन्हें लगा कि यह फिल्म पूरी तरह हीरोइन (शर्मिला टैगोर) पर टिकी है.

रेडियो नशा को दिए एक इंटरव्यू में, शक्ति सामंत के बेटे असीम सामंत ने ‘आराधना’ के बनने के दिनों को याद किया और बताया कि आखिर यह फिल्म कैसे वजूद में आई. असीम ने बताया, ‘पापा (शक्ति सामंता) शम्मी कपूर के साथ एक फिल्म बनाने वाले थे, लेकिन उस समय शम्मी जी का वजन काफी बढ़ गया था और उन्होंने फिट होने के लिए 6 महीने का वक्त मांगा था. इसी खाली समय में मेरे पापा ने एक नई फिल्म बनाने का फैसला किया.

शक्ति सामंत को दमदार लगी थी आराधना की कहानी

उन्होंने आगे कहा, ‘उस दौरान यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स ने राजेश खन्ना को साइन किया हुआ था, तो पापा ने सोचा कि क्यों न उनके साथ ही फिल्म बनाई जाए. तभी सचिन भौमिक ने पापा को आराधना की कहानी सुनाई. दिलचस्प बात है कि यह कहानी उन्हें करीब 10 साल पहले सुनाई गई थी, लेकिन पापा को वह अब भी याद थी. उन्हें लगा कि अगर कोई कहानी इतने सालों बाद भी याद है, तो यकीनन वह दमदार होगी. बस, फिर उन्होंने इसी फिल्म को बनाने का फैसला कर लिया.’

आराधना फिल्म में राजेश खन्ना के साथ नजर आई थी शर्मिला टैगोर की जोड़ी.

शक्ति सामंत को पसंद आया राजेश खन्ना का काम

असीम सामंता ने बताया कि कैसे राजेश खन्ना को इस प्रोजेक्ट के लिए फाइनल किया गया. उन्होंने कहा, फिर मेरे पापा ने नासिर हुसैन को फोन किया, जो उस समय बहारों के सपने फिल्म बना रहे थे. उस फिल्म में राजेश खन्ना हीरो थे, तो पापा ने नासिर जी से गुजारिश की कि क्या वह फिल्म की एक रील दिखा सकते हैं. जब पापा ने रील देखी, तो उन्हें राजेश खन्ना का काम पसंद आ गया और उन्होंने उन्हें साइन कर लिया.

आराधना फिल्म नहीं करना चाहते थे राजेश खन्ना

मगर पेंच ये फंस गया कि राजेश खन्ना आराधना में काम करने से हिचकिचा रहे थे. असीम ने बताया, जब राजेश खन्ना ने इस फिल्म की कहानी सुनी, तो वह बोल पड़े कि ये तो हीरोइन की फिल्म है. उन्होंने पूछा- मैं क्या करूंगा?. तब मेरे पापा ने उन्हें यकीन दिलाया कि ये एक बेहतरीन फिल्म है और कहा कि तुम इसे करो, ये हिट होगी. सच तो ये है कि वह ये फिल्म करना ही नहीं चाहते थे, लेकिन यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स के कॉन्ट्रैक्ट की वजह से वो मजबूर थे. अगर वो कॉन्ट्रैक्ट न होता, तो शायद वो ये फिल्म कभी न करते. पर आखिरकार उन्होंने ये फिल्म की और इसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.’

शर्मिला टैगोर ने कैंसल कर दी थी गाने की शूटिंग

इसी बातचीत के दौरान असीम सामंत ने वो किस्सा भी याद किया, जब फिल्म का सबसे सुपरहिट गाना ‘मेरे सपनों की रानी’ शर्मिला टैगोर की वजह से लगभग फंस गया था. उन्होंने कहा, ‘एकदम आखिरी वक्त पर शर्मिला टैगोर ने मेरे सपनों की रानी की शूटिंग कैंसल कर दी. उन्होंने कहा कि उन्हें सत्यजीत रे ने बुलाया है और वह उन्हें मना नहीं कर सकतीं. यह सुनकर पापाको उन पर बहुत गुस्सा आया, लेकिन वह कर भी क्या सकते थे. इसलिए उन्होंने बिना शर्मिला के ही सिर्फ राजेश खन्ना और सुजीत कुमार के साथ पूरा गाना शूट कर लिया. बाद में, उन्होंने बाहर एक ट्रेन के डिब्बे जैसा सेट बनवाया और वहां शर्मिला के क्लोज-अप शॉट्स लिए.’ आराधना फिल्म की कामयाबी के बाद राजेश खन्ना ने सुपरहिट फिल्मों की झड़ी लगा दी थी.

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