पीएम मोदी ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, 14 घंटे में हावड़ा से पहुंचाएगी कामाख्या, राजधानी से भी सुपर फास्ट

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी है. पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी को महज 14 घंटे में तय कर लेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में करीब 17 घंट लग जाते हैं. इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा. इस ट्रेन का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा है. गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड एसी का किराया करीब 2,300 के आसपास है.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भारतीय रेलवे के इतिहास में एक बड़ा और खास कदम माना जा रहा है. अब तक वंदे भारत ट्रेनें सिर्फ चेयरकार में चल रही थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के शुरू होने से लंबी दूरी की रात की यात्रा पूरी तरह बदलने वाली है. खासकर उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन बड़ी राहत होगी, जो रात में आरामदायक और तेज सफर चाहते हैं.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में क्या-क्या सुविधा?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पूरी तरह आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसके इंटीरियर को भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन दिया गया है, जिससे ट्रेन के अंदर का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि देखने में भी आकर्षक होगा. बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह की गई है कि लंबा सफर भी थकाने वाला न लगे.

स्वच्छता और हेल्थ को लेकर वंदे भारत स्लीपर में खास इंतजाम किए गए हैं. इसमें डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, कोच में यूवीसी तकनीक लगाई गई है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती है. यह सिस्टम कोच की हवा को फिल्टर करके साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है. यानी अगर आसपास किसी यात्री को सर्दी-जुकाम हो, तो भी बाकी यात्रियों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं होगी.

रेल हादसों से सुरक्षा देगा कवच

सुरक्षा के मामले में भी यह ट्रेन काफी एडवांस है. इसमें ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेन की स्पीड और सिग्नल पर नजर रखता है और हादसों की आशंका को काफी हद तक कम करता है. इसके अलावा, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी दी गई है, जिससे किसी भी परेशानी की स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन स्टाफ से बात कर सकेंगे. ड्राइवर के केबिन में भी आधुनिक कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं.

ट्रेन का बाहरी लुक भी काफी आधुनिक और एयरोडायनामिक होगा. इसका फायदा यह होगा कि ट्रेन ज्यादा स्मूद तरीके से चलेगी और ऊर्जा की खपत भी कम होगी. इसके दरवाजे ऑटोमैटिक होंगे, जो स्टेशन पर रुकने और चलने के समय अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे.

राजधानी से भी तेज रफ्तार

अगर रफ्तार की बात करें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन में यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. इस ट्रेन में यात्रियों को कई प्रीमियम सुविधाएं भी मिलेंगी. सफर के दौरान हाई क्वालिटी कंबल, कवर और एडवांस्ड बेडरोल दिए जाएंगे. साथ ही यात्रियों के लिए कैटरिंग सर्विस भी उपलब्ध होगी, जिससे खाने-पीने की सुविधा रहेगी.

आराम का खास ध्यान रखते हुए ट्रेन में बेहतर कुशनिंग वाली एर्गोनोमिक बर्थ लगाई गई हैं और शोर कम करने की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि रात की यात्रा शांत और सुकून भरी हो. सभी ऑनबोर्ड स्टाफ तय यूनिफॉर्म में मौजूद रहेंगे, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके.

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