Vande Bharat Sleeper Train | PM Modi Vande Bharat Sleeper Train | वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर कैसा खतरा? पीएम मोदी के प्रोग्राम से पहले रेलवे को सताया डर, ममता की पुलिस को भेजा मैसेज

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल के मालदा दौरे पर हैं, जहां वह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने वाले हैं. पीएम मोदी के इस कार्यक्रम से पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं. ईस्टर्न रेलवे ने राज्य पुलिस को पत्र लिखकर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई है और मालदा व आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है. रेलवे को इनपुट मिले हैं कि असामाजिक तत्व प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान हंगामा कर सकते हैं और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रवाना होते ही उस पर पत्थरबाज़ी की कोशिश की जा सकती है.

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, खुफिया जानकारी में खासतौर पर मालदा, जमीरघाटा, खल्तीपुर, चमाग्राम, संकोपारा, न्यू फरक्का, बल्लालपुर, धुलियान, बसुदेबपुर और टिलडांगा जैसे संवेदनशील इलाकों का जिक्र किया गया है. इन क्षेत्रों में ट्रेन के गुजरने के दौरान पत्थर फेंकने और अराजकता फैलाने की आशंका जताई गई है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ काले झंडे दिखाने की भी संभावना बताई गई है. इसी को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन परिसरों, ट्रैक के किनारे वाले इलाकों और कार्यक्रम स्थल के आसपास व्यापक सुरक्षा इंतजाम करने को कहा है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहे हैं. अब तक वंदे भारत ट्रेनों में केवल चेयरकार हुआ करती थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के शुरू होने से लंबी दूरी की रात की यात्राएं कहीं ज्यादा आरामदायक और तेज होंगी. यह ट्रेन खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आई है, जो रात में सफर करते हुए बेहतर सुविधा और आराम चाहते हैं.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में क्या कुछ खास?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को अत्याधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. ट्रेन के इंटीरियर में भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन देखने को मिलेगा, जिससे कोच का माहौल न सिर्फ आरामदायक बल्कि आकर्षक भी होगा. बर्थ, लाइटिंग और कोच की बनावट इस तरह तैयार की गई है कि लंबी यात्रा के दौरान थकान कम महसूस हो.

सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो सिग्नल और स्पीड पर लगातार नजर रखता है और दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम करता है. इसके अलावा इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट की सुविधा भी दी गई है, जिससे यात्री किसी भी आपात स्थिति में सीधे ट्रेन स्टाफ से संपर्क कर सकेंगे.

स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में विशेष इंतजाम किए गए हैं. कोचों में यूवीसी आधारित डिसइंफेक्टेंट तकनीक लगाई गई है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करती है. यह सिस्टम कोच के भीतर की हवा को फिल्टर कर साफ करता है और फिर ताजी हवा अंदर छोड़ता है, जिससे यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित और स्वस्थ माहौल मिल सके.

हवा से बात करेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

रफ्तार के मामले में भी यह ट्रेन बेहद खास है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन के दौरान यह करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं. यात्रियों को सफर के दौरान प्रीमियम बेडरोल, हाई क्वालिटी कंबल और कैटरिंग जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी. अनुमान है कि इसका किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा अधिक हो सकता है.

हालांकि, इस ऐतिहासिक शुरुआत से पहले सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ी हुई है. रेलवे और पुलिस प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पहली यात्रा बिना किसी बाधा के पूरी हो सके.

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