Amay Khurasiya: पहले UPSC किया पास फिर टीम इंडिया में बनाई जगह, डेब्यू मैच में जमाया अर्धशतक

Share to your loved once


नई दिल्ली. हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह अपने देश के लिए कम से कम एक बार खेले. भारत जैसे देश में जहां हर दूसरा बच्चा सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली या जसप्रीत बुमराह बनना चाहता है, वहां नेशनल टीम में जगह बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है. अब सोचिए अपने देश के लिए खेलना और साथ ही भारत के सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी को भी पास करना. यह लगभग नामुमकिन सा लगता है, है ना? लेकिन एक ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा भी पास की है और वे अधिकारी बने, उनका नाम है अमय खुरासिया.

अमय खुरासिया ने 1999 में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए डेब्यू करने से पहले ही सिविल सर्विसेज परीक्षा पास कर ली थी. वे भारतीय कस्टम्स और सेंट्रल एक्साइज विभाग में इंस्पेक्टर हैं (22 फरवरी 2025 तक), और उन्होंने अपने छोटे अंतरराष्ट्रीय करियर में भारत के लिए 12 वनडे भी खेले हैं.

सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर के साथ वीरेंद्र सहवाग

खुरासिया ने घरेलू क्रिकेट में खूब रन बनाकर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई थी. वे उस समय एक शानदार बाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में मशहूर हुए, जो तेज़ी से रन बना सकते थे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भी शानदार अंदाज में की थी, डेब्यू मैच में श्रीलंका के खिलाफ तेज़ अर्धशतक जड़ा था. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें आगे चलकर काफी मुश्किलें आईं. वे 1999 के वर्ल्ड कप स्क्वाड में भी शामिल हुए, लेकिन एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला.

उन्होंने भारत के लिए आखिरी मैच जुलाई 2001 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था, इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और फिर कभी चयन नहीं हुआ. आखिरकार उन्होंने अप्रैल 2007 में संन्यास लेने का फैसला किया और कहा कि वे कोचिंग के जरिए खेल में योगदान देते रहेंगे. अमय खुरासिया घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश के लिए खेलते हुए भारी मात्रा में रन बनाए. उन्होंने 119 मैचों में 7304 रन बनाए, औसत 40.8 रहा, जिसमें 21 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं.

उन्होंने 112 लिस्ट ए मैच भी खेले, जिसमें 3768 रन बनाए, औसत 38.06 रहा, जिसमें चार शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वे सिर्फ 149 रन ही बना सके, औसत 13.54 रहा, जिसमें सिर्फ एक अर्धशतक था, जो डेब्यू पर आया था. खेल से संन्यास लेते समय उन्होंने इस बात का अफसोस जताया कि जब वे अपने करियर के चरम पर थे, तब उन्हें राष्ट्रीय टीम में ज्यादा मौके नहीं मिले.

अपने क्रिकेट करियर के ऐसे निराशाजनक अंत के बावजूद, अमय खुरासिया ने यूपीएससी परीक्षा जीतने के बाद हार नहीं मानी और फिलहाल केरल क्रिकेट टीम के हेड कोच हैं. पिछले साल अक्टूबर में उन्हें कोच नियुक्त किया गया था, जिसके बाद केरल ने शानदार प्रदर्शन किया और पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची. भले ही वे खिताब नहीं जीत सके, लेकिन उनके प्रदर्शन की खूब तारीफ हुई और अमय खुरासिया की देखरेख में टीम सही दिशा में आगे बढ़ती नजर आ रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP