कारोबारियों के लिए एक और बड़ी योजना का ऐलान, कैसे उठा सकते हैं इसका फायदा, किन कारोबारियों को मिलेगी छूट
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सीबीआईसी ने आरओडीटीईपी और आरओएससीटीएल योजनाओं को डाक द्वारा भेजे माल पर लागू किया, जिससे एमएसएमई निर्यातकों को 15 जनवरी 2026 से नए लाभ मिलेंगे.
डाक से निर्यात पर भी सरकार अब फायदा देगी. नई दिल्ली. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने शुक्रवार को कहा कि आरओडीटीईपी और आरओएससीटीएल जैसी निर्यात प्रोत्साहन योजनाएं अब डाक के जरिये भेजे जाने वाले माल पर भी लागू होंगी. वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन प्रोत्साहनों से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) निर्यातकों विशेष रूप से छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों के निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है और डाक निर्यात को काफी बढ़ावा मिलेगा.
सीबीआईसी ने बताया कि ड्यूटी ड्रॉबैक निर्यातित उत्पादों पर शुल्क एवं करों की छूट (आरओडीटीईपी) और राज्य एवं केंद्रीय करों तथा शुल्क की छूट (आरओएससीटीएल) योजनाओं के तहत निर्यात से संबंधित लाभों को 15 जनवरी 2026 से डाक के जरिये इलेक्ट्रॉनिक रूप में किए गए निर्यातों तक विस्तारित कर दिया है. ‘ड्यूटी ड्रॉबैक’ निर्यात को बढ़ावा देने वाली एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता है.
कैसे काम करती है ड्यूटी ड्रॉबैक योजना
इस योजना के तहत निर्यात किए गए माल के निर्माण या उत्पादन में उपयोग किए गए कच्चे माल पर चुकाए गए सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क (या उनके समकक्ष कर) का पूरा या आंशिक ‘रिफंड’ निर्यातक को दिया जाता है. ईवाई इंडिया के कर साझेदार सौरभ अग्रवाल ने कहा कि डाक मार्ग के लिए आरओडीटीईपी और आरओएससीटीएल के लाभों का विस्तार करके, सरकार ने दूरस्थ क्षेत्रों में एमएसएमई के लिए एक लंबे समय से चली आ रही अनुपालन बाधा को दूर कर दिया है.
क्या है योजना का उद्देश्य
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस उपाय का उद्देश्य डाक माध्यमों का उपयोग करने वाले निर्यातकों के लिए समान अवसर प्रदान करना एवं सीमा पार ई-कॉमर्स के विकास के लिए एक अनुकूल तथा समावेशी परिवेश बनाना है. सीबीआईसी ने इन लाभों को क्रियान्वित करने के लिए डाक निर्यात (इलेक्ट्रॉनिक घोषणा और प्रसंस्करण) विनियम, 2022 में संशोधन को मंजूरी दे दी है. इससे निर्यातकों को डाक मार्ग से निर्यात किए गए माल के लिए ‘ड्यूटी ड्रॉबैक’, आरओडीटीईपी और आरओएससीटीएल लाभों का दावा करने में सक्षम बनाया जा सकेगा.
देश में 28 विदेशी डाकघर
भारत में वर्तमान में सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा-7 के तहत अधिसूचित 28 विदेशी डाकघर (एफपीओ) हैं. सीबीआईसी ने डाक और ‘कूरियर’ माध्यमों से सीमा पार व्यापार को मजबूत करने के लिए कई उपाय किए हैं. डाक निर्यात (इलेक्ट्रॉनिक घोषणा एवं प्रसंस्करण) विनियम, 2022 डाक निर्यात के लिए निर्यात घोषणाओं के संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक प्रसंस्करण को सक्षम बनाते हैं. इसके अलावा डाक आयात विनियम, 2025 को डाक आयात की इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए अधिसूचित किया गया था. डाक निर्यात के लिए आईजीएसटी ‘रिफंड’ का स्वचालन सितंबर 2024 में लागू किया गया था.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें