यमुना के किनारे प्रभात गिरी पर्वत पर है जैन धर्म की पवित्र पबोषा भूमि, तीर्थंकर आदिनाथ से है संबंध, मकर संक्रांति पर लगता है मेला

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Kaushambi news: उत्तर प्रदेश कौशांबी जिले का प्रसिद्ध प्रभास गिरी पाबोसा एक प्राचीन तीर्थ स्थल और ऐतिहासिक कथा जैन धर्म के सांस्कतिक उत्सव भी है मेले में छठे तीर्थंकर भगवान पद्वाप्रभु से जुडी है.जिन्होंने यहीं तपस्या कर ज्ञान प्राप्त किया. यहां पर ऐतिहासिक रूप से कई गुफाएं भी हैं. कौशांबी का पाबोसा का पहाड़ यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है. यहां पर प्रतिवर्ष मकर संक

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कौशांबीः उत्तर प्रदेश कौशांबी जिले का प्रसिद्ध प्रभास गिरी पाबोसा एक प्राचीन तीर्थ स्थल और ऐतिहासिक कथा जैन धर्म के सांस्कतिक उत्सव भी है मेले में छठे तीर्थंकर भगवान पद्वाप्रभु से जुडी है. जिन्होंने यहीं तपस्या कर ज्ञान प्राप्त किया. यहां पर ऐतिहासिक रूप से कई गुफाएं भी हैं. कौशांबी का पाबोसा का पहाड़ यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है. यहां पर प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के पर्व पर भब्य मेले का आयोजन होता है जहां पर कई लाखों की संख्या पर लोग पहुंचते हैं.

500 सीढ़ी चढ़कर जाते हैं मंदिर

प्रभाष गिरी एक प्राचीन, खूबसूरत और धार्मिक स्थल पर्वत है. यह पर्वत कौशाम्बी के पभोसा गांव में स्थित है.यह स्थान जैन धर्म के लिए उनकी तीर्थस्थली है,साथ ही अन्य लोगों के लिए यह बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थल भी है.यहाँ पर कई लाखो की संख्या मे पर्यटक लोग आते है. यमुना नदी के दोआब क्षेत्र में स्थित इस स्थान की कई कहानियां हैं जो यहां के गांव वाले सुनाते हैं. यहां प्रभास गिरी नाम का एक पर्वत है जहां जैन मंदिर स्थित है.पर्वत मे चढ़ने के लिए लगभग 500 सीढ़ियां चढ़कर जब आप मंदिर पहुंचेंगे तो यहां आपको कई बेहद प्राचीन मूर्ति जैन धर्म की मिलती है. जो जमीन से खुदाई के दौरान निकाली गयी थीं.वर्तमान में इस क्षेत्र में चार जैन मंदिर है, पांच मंदिर तलहटी में और दो पहाड़ी पर स्थित हैं. यह पहाड़ दो भागो मे बटा हुआ है.

जैन धर्म के तीर्थंकर का हुआ था आगमन

पभोसा एक पावन भूमि है जहां जैन धर्म के अनेक तीर्थंकरों और महापुरुषों का आगमन हुआ था. यहां पर स्थित प्राचीन जैन मंदिर विशेष रूप से भगवान आदिनाथ और अन्य तीर्थंकरों से जुड़ी हुई है. जैन धर्म श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र है.पभोसा का मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि  सामाजिक और संस्कृत उत्सव भी है.मेले मे ग्रामीण जीवन की सादगी और लोकसंस्क़ति की झलक देखने को मिलती है.

कौशांबी का प्रभात गिरी पर्वत यमुना नदी किनारे बसा हुआ है. पर्वत पर प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के पर्व पर मेले का आयोजन होता है. मेला देखने के लिए दूर-दूर से कई लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. मेले में पहुंचकर लोग पर्वतों पर चढ़कर एक अलग सा नजारा देखते हैं. प्रभास गिरी पर्वत जैन और हिंदू धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है, जहाँ जैन धर्म के छठे तीर्थंकर भगवान पद्मप्रभु ने तपस्या कर ज्ञान प्राप्त किया था, और यह उनकी तपोस्थली है; वहीं, हिंदुओं के लिए यह वह स्थान है जहाँ भगवान कृष्ण ने अपने अंतिम दिन बिताए थे, और इस पर्वत पर उनसे जुड़ी कई कथाएँ और पौराणिक स्थल हैं, जहाँ भक्तगण आकर दर्शन करते हैं.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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