Pramukh Snan 2026 Dates makar sankranti mauni amavasya to kartik purnima know all details | मकर संक्रांति के बाद पड़ेंगे 4 प्रमुख स्नान, जानें मौनी अमावस्या से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक की तारीख
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Pramukh Snan 2026 Dates: आज 15 जनवरी को मकर संक्रांति देशभर में मनाई जा रही है. मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, इससे पाप मिटते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. माघ माह का पहला स्नान मकर संक्रांति को होता है. तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के अवसर पर संगम में लोग आस्था की डुबकी लगाते हैं. उसके बाद दान पुण्य करते हैं. कहा जाता है कि प्रमुख तिथियों पर गंगा में स्नान करने से पाप मिटते हैं. गंगा मोक्ष देने वाली हैं, उनकी कृपा से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. मकर संक्रांति के बाद मौनी अमावस्या, माघ पूर्णिमा, गंगा दशहरा और कार्तिक पूर्णिमा प्रमुख स्नान हैं. आइए जानते हैं मकर संक्रांति के बाद ये 4 बड़े स्नान कब हैं?

हिंदू धर्म में स्नान का बहुत महत्व है. गंगा, यमुना और अन्य पवित्र नदियों में किए जाने वाले स्नान करने से पाप से मुक्ति मिलती है और पुण्य प्राप्त होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्नान करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है.

मकर संक्रांति पर प्रयागराज में बड़ी संख्या में लोगों ने स्नान किया है. इस दिन स्नान के बाद तिल, गुड़, खिचड़ी, अन्न, वस्त्र, कंबल आदि का दान करते हैं. इससे कुंडली का सूर्य और शनि दोष मिट सकता है.

मकर संक्रांति के बाद दूसरा बड़ा स्नान मौनी अमावस्या को होता है. मौनी अमावस्या का स्नान माघ कृष्ण अमावस्या के दिन करते हैं. इसे माघी अमावस्या भी कहते हैं. पंचांग अनुसार माघ अमावस्या 18 जनवरी को 12 बजकर 03 ए एम से लेकर 19 जनवरी को 1 बजकर 21 ए एम तक है. ऐसे में मौनी अमावस्या का स्नान 18 जनवरी को होगा. इस दिन स्नान, दान और मौन व्रत रखा जाता है.
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मौनी अमावस्या के बाद तीसरा प्रमुख स्नान माघ पूर्णिमा के दिन होता है. इस साल माघ शुक्ल पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी को 05:52 ए एम से लेकर 2 फरवरी को 03:38 ए एम तक है. ऐसे में माघ पूर्णिमा का स्नान 1 फरवरी को होगा. इस दिन स्नान के साथ-साथ तिल, अन्न, वस्त्र, घी और कंबल का दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है.

माघ पूर्णिमा के बाद चौथा प्रमुख स्नान गंगा दशहरा का है. पंचांग के अनुसार, गंगा दशहरा ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि को मनाते हैं. इस साल ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि 25 मई को 04:30 ए एम से लेकर 26 मई को 05:10 ए एम तक है. ऐसे में गंगा दशहरा का स्नान 25 मई को है. गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से 10 तरह के पापों से मुक्ति मिलती है. इस दिन पूजा, दान और गंगा आरती करते हैं.

साल का अंतिम प्रमुख स्नान कार्तिक पूर्णिमा को होता है. पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक पूर्णिमा तिथि 23 नवम्बर को 11:42 पी एम से लेकर 24 नवम्बर को 08:23 पी एम तक है. ऐसे में कार्तिक पूर्णिमा का स्नान 24 नवंबर को को है. कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली भी कहा जाता है और दीपदान को बहुत शुभ माना जाता है. (एजेंसी इनपुट के साथ)