Karnataka Congress Leader Threatens Woman Commissioner | Karnataka News- आग लगा दूंगा…महिला कमिश्नर कांग्रेस नेता की धमकी, ‘गालियों’ वाला ऑडियो लीक होने से घिरी सिद्धारमैया सरकार
न्यूज18 कन्नड़
Karnataka Congress Leader Threatens Woman Commissioner: कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है. इस बार वजह कोई नीतिगत फैसला नहीं, बल्कि एक कथित ऑडियो क्लिप है. इस कथित ऑडियो क्लिप ने सत्ता में बैठी कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है. शिदलघट्टा में बैनर हटाने को लेकर कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा और एक महिला नगर आयुक्त के बीच हुई बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. ऑडियो में कथित तौर पर महिला अधिकारी को धमकी और गालियां सुनाई दे रही हैं. ‘आग लगा दूंगा’ जैसे शब्दों ने न सिर्फ प्रशासनिक हलकों को झकझोर दिया, बल्कि महिला अधिकारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए.
इस मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि आरोप सीधे सत्ताधारी दल के नेता पर हैं. बैनर हटाने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई पर इस तरह की भाषा और धमकी को विपक्ष कानून-व्यवस्था और महिला सम्मान से जोड़कर देख रहा है. सिद्धारमैया सरकार पहले ही कई मोर्चों पर घिरी हुई है और अब यह मामला सरकार की छवि पर सीधा असर डालता दिख रहा है. कर्मचारी सड़कों पर हैं, विपक्ष हमलावर है और ऑडियो की हर लाइन सियासी बहस का हथियार बन चुकी है.
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला चिक्कबल्लापुर जिले के शिदलघट्टा का है. यहां नगर पालिका की महिला कमिश्नर अमृता गौड़ा ने एक बैनर हटवाया जो कथित तौर पर सड़क के बीचों-बीच लगाया गया था. प्रशासन का कहना है कि इस बैनर की वजह से एक दुर्घटना हुई थी और लोगों की शिकायत के बाद इसे हटाया गया. आरोप है कि यह बैनर कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा का था, जिन्हें यह कार्रवाई नागवार गुजरी.
ऑडियो क्लिप में क्या सुनाई दे रहा है
सोशल मीडिया और मीडिया में वायरल ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर राजीव गौड़ा महिला कमिश्नर से ऊंची आवाज में बात करते सुने जा रहे हैं. ऑडियो में ‘अगर मेरा बैनर हटाया है तो मैं आकर आग लगा दूंगा’ जैसे शब्द सुनाई देते हैं. इसके साथ ही अधिकारी पर गालियां देने और बैनर को दोबारा उसी जगह लगाने का दबाव बनाने का भी आरोप है. कमिश्नर ऑडियो में यह कहते हुए सुनी जाती हैं कि बिना अनुमति सड़क के बीच बैनर लगाना नियमों के खिलाफ है और हादसे की जिम्मेदारी प्रशासन पर आती है.
कर्मचारियों का विरोध, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद शिदलघट्टा सिटी म्युनिसिपल काउंसिल के कर्मचारियों ने दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया. कर्मचारियों का कहना है कि अगर एक निर्वाचित नेता इस तरह महिला अधिकारी को धमका सकता है, तो फील्ड में काम करना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने सरकार से मांग की है कि राजीव गौड़ा के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और महिला अधिकारियों को सुरक्षा का भरोसा दिया जाए.
काग्रेस नेता राजीव गौड़ा ने क्या कहा?
आरोपों पर घिरे राजीव गौड़ा ने खुद को निर्दोष बताया है. उन्होंने कहा कि बैनर लगाने की अनुमति ली गई थी और प्रशासन बार-बार उनके बैनर हटाता रहा. उनका दावा है कि ‘आग लगाने’ की बात का गलत मतलब निकाला गया. उन्होंने कहा कि उनका आशय अवैध बैनरों से था न कि महिला अधिकारी से. राजीव गौड़ा ने यह भी कहा कि ऑडियो में सुनी जा रही गालियां महिला कमिश्नर के लिए नहीं थीं और अगर उनसे कोई गलती हुई है तो वह माफी मांगने को तैयार हैं.
विपक्ष का हमला क्यों तेज हुआ?
इस मामले ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है. बीजेपी और जेडी(एस) ने सिद्धारमैया सरकार पर महिला अधिकारियों की सुरक्षा में नाकाम रहने का आरोप लगाया है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि यह सिर्फ कानून तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि एक महिला अधिकारी के सम्मान का सवाल है. वहीं जेडी(एस) नेता और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने मुख्य सचिव से बात कर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
सरकार के लिए क्यों मुश्किल है यह मामला?
- आरोप सत्ताधारी दल के नेता पर हैं.
- मामला महिला अधिकारी से जुड़ा है, जिस पर संवेदनशीलता ज्यादा है.
- ऑडियो सबूत के तौर पर सामने है, इससे सफाई मुश्किल हो रही है.
फिलहाल सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है. अगर मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो विरोध और तेज हो सकता है. महिला अधिकारियों की सुरक्षा और प्रशासन की स्वतंत्रता को लेकर यह केस आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है.