मोटी आंखों-मासूम चेहरा, मजाक ने छीनी पढ़ाई, बड़े एक्टर्स संग किया काम, 80-90s की क्वीन ने कैसे लड़ी अकेलेपन से जंग?
Last Updated:
करियर के शिखर पर पहुंचने के बाद निजी जिंदगी में आए उतार-चढ़ाव, तलाक और फिर जीवनसाथी की मौत ने उन्हें अकेलेपन से रू-बरू कराया. कभी भीड़ से घिरी रहने वाली यह 80-90s की क्वीन अब खामोशी में अपनी जंग लड़ती नजर आई. जहां हिम्मत ही उनका सबसे बड़ा सहारा बनी.

नई दिल्ली. मोटी-मोटी आंखें, मासूम सा चेहरा और क्लासिकल डांस की गहरी समझ… 80 और 90 के दशक में इस अदाकारा ने अपनी अलग पहचान बनाई. बड़े पर्दे पर कदम रखते ही वह हर बड़े स्टार की पसंद बन गईं और देखते-ही-देखते साउथ से लेकर हिंदी सिनेमा तक करीब 150 फिल्मों का सफर तय किया. लेकिन चमकती कामयाबी के पीछे उनकी जिंदगी इतनी आसान नहीं थी. फोटो साभार- @bhanupriya_fanpage/Instagram

हिंदी सिनेमा पर कई खूबसूरत अभिनेत्रियों ने राज किया, जिनमें जया प्रदा, हेमा मालिनी, रेखा, श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित के नाम आज भी दर्शकों के जुबां पर हैं. 80 के दशक में एक ऐसी अभिनेत्री की भी एंट्री हुई थी, जिसकी मोटी-मोटी आंखें, मासूम चेहरा और लंबे बालों ने लगभग 150 फिल्मों का सफर पूरा किया. हम बात कर रहे हैं भानुप्रिया की, जिन्होंने पहले साउथ और फिर हिंदी सिनेमा में कई फिल्मों में अपनी एक्टिंग से फैंस का दिल जीता. फोटो साभार- @bhanupriya_fanpage/Instagram

15 जनवरी को जन्मीं भानुप्रिया वह अदाकारा हैं, जिन्होंने 80 के दशक में हिंदी सिनेमा के हर बड़े स्टार के साथ काम किया है. उन्होंने गोविंदा, मिथुन, रजनीकांत, चिरंजीवी, धर्मेंद्र, ऋषि कपूर और जितेंद्र के साथ काम किया था, लेकिन एक समय ऐसा था, जब फिल्मों की वजह से ही उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और स्कूल जाना तक बंद कर दिया. फोटो साभार- @bhanupriya_fanpage/Instagram
Add News18 as
Preferred Source on Google

इसके पीछे का कारण था मजाक बनना. भानुप्रिया स्कूल के समय से बहुत अच्छी डांसर थीं और उनकी बड़ी आंखें और क्लासिकल (कुचिपुड़ी डांस) लोगों का दिल धड़का देता था. फोटो साभार- @bhanupriya_fanpage/Instagram

दरअसल, भारतीय फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक, अभिनेता और फिल्म निर्माता के. भाग्यराज को नए चेहरे की तलाश थी. अच्छे क्लासिकल डांस की वजह से भाग्यराज ने भानुप्रिया को अपनी फिल्म के लिए चुन लिया, लेकिन उम्र में बहुत अंतर और छोटी होने की वजह से फिल्म से बाहर भी कर दिया. अब भानुप्रिया पहली फिल्म मिलने से इतनी खुश थी कि पूरे स्कूल में इस बात का हल्ला कर दिया. फिल्म से निकाले जाने के बाद वे दोबारा कभी शर्म की वजह से स्कूल जा नहीं पाई. उन्हें डर था कि स्कूल में उनका मजाक बनेगा. फोटो साभार- @bhanupriya_fanpage/Instagram

भानुप्रिया के करियर की शुरुआत 1983 में आई तमिल फिल्म ‘मेल्ला पेसुन्गल’ से हुई. उन्होंने लगातार तमिल और तेलुगू सिनेमा में काम किया और फिर 1986 में आई फिल्म ‘दोस्ती-दुश्मनी’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया. फोटो साभार- @bhanupriya_fanpage/Instagram

उन्हें 1987 में आई ‘खुदगर्ज’, 1989 में आई ‘दाव पेंच’, ‘कसम वर्दीकी’, और 1990 में आई ‘जहरीले’ समेत कई फिल्मों में देखा गया, लेकिन पूर्व पति की मौत के बाद अब अभिनेत्री गुमनाम जिंदगी जी रही हैं और उनकी याददाश्त भी प्रभावित हुई है. फोटो साभार- @bhanupriya_fanpage/Instagram

अभिनेत्री ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि साल 2005 से तलाक के बाद एक्ट्रेस अपनी बच्ची के साथ अकेली रह रही थी, लेकिन साल 2018 में पूर्व पति की मौत के बाद उन्हें मानसिक रूप से कई परेशानियां का सामना करना पड़ा. भानुप्रिया ने बताया कि उन्हें याद रखने में मुश्किल होती है और फिल्म के डायलॉग तक याद रखना मुश्किल हो रहा था. फोटो साभार- @bhanupriya_fanpage/Instagram