US Attacks Iran India Impact: दूर ही रहें तो अच्छा! पूर्व विदेश सचिव बोलीं- ईरान जला, तो लपटें यहां भी आएंगी
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ईरान के हालात पर भारत की पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव ने सरकार को सावधानी बरतने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि ईरान में जो हो रहा है, वह बुरा है. लेकिन अगर भारत ने सावधानी नहीं बरती, तो उसके परिणाम हमारे लिए बहुत बुरे हो सकते हैं.
पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव.ईरान के हालात भारत के लिए भी टेंशन देने वाले हैं. अमेरिका और इजरायल चाहते हैं कि हर हाल में वहां रिजीम चेंज हो. खामेनेई की सत्ता हटाई जाए और नई सरकार बने. भारत की पल-पल इस पर नजर है. इस बीच भारत की पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव ने सरकार को ईरान से दूर रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा, अगर ईरान जला तो लपटें, हम तक भी आएंगी. पूर्व विदेश सचिव ने एक्स पर लिखा, हमारा दृष्टिकोण नपा-तुला, सावधानीपूर्वक और कैलिब्रेटेड होना चाहिए. हमें भावुक होकर या जल्दबाजी में किसी भी पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं करना चाहिए.उन्होंने साफ साफ बताया कि क्यों भारत को ईरान संकट में नहीं पड़ना चाहिए, बल्कि दूर से ही हालात पर नजर रखनी चाहिए.
निरुपमा राव का तर्क है कि ईरान में स्थिति उस बिंदु पर पहुंच गई है जहां आउट साइड एक्टर्स यानी अमेरिका, रूस या भारत जैसा कोई भी देश अब वहां के हालात को कंट्रोल नहीं कर सकता. वहां जो हो रहा है, वह अब किसी के बस की बात नहीं रही. अगर भारत वहां दखल देने या किसी एक गुट का साथ देने की कोशिश करता है, तो हम खुद मुसीबत में फंस सकते हैं. इसलिए दूरी बनाए रखना ही सबसे बड़ी समझदारी है.
पहली ड्यूटी अपने लोगों को बचाना
कूटनीति में देश का हित सबसे ऊपर होता है, लेकिन उससे भी ऊपर होती है अपने नागरिकों की जान. निरुपमा राव ने सरकार को याद दिलाया है कि इस वक्त भारत का पहला कर्तव्य अपने लोगों को बचाना है. ईरान और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में हजारों भारतीय रहते हैं. कोई वहां नौकरी करता है. कोई छात्र है, तो कोई व्यापार कर रहा है. पूर्व विदेश सचिव ने कहा, हमारे दूतावासों को हाई अलर्ट पर रहना चाहिए. उन्हें पता होना चाहिए कि कौन सा भारतीय कहां फंसा है.अगर हालात बिगड़ते हैं, जैसे कि गृहयुद्ध छिड़ जाए या बड़ी बमबारी हो तो भारतीयों को वहां से निकालने का ‘प्लान बी’ और ‘प्लान सी’ तैयार रहना चाहिए. हमें इंतजार नहीं करना है कि जब मुसीबत आएगी तब सोचेंगे, तैयारी आज ही होनी चाहिए.
#Iran
India’s approach has to be measured and carefully calibrated . It should keep a certain distance, because the situation in Iran has reached a point where outside actors cannot control the ramifications, nor reliably shape the outcome. The first duty is protection: the…