Business Idea: Start This Special Home Business, Earn Year-Round Income – Uttar Pradesh News
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अमेठी में कई लोग घर बैठे अपना व्यवसाय शुरू करके खुद का रोजगार पैदा कर रहे हैं. ऐसे छोटे-छोटे व्यवसाय न केवल साल भर आय का जरिया बन सकते हैं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी देते हैं. हवन सामग्री, मोमबत्ती और अगरबत्ती जैसे व्यवसायों से लोग आसानी से घर बैठे अच्छी कमाई कर सकते हैं.
रिपोर्ट- आदित्य कृष्ण, अमेठी: बेहतर जीवन यापन के लिए रोजगार नितांत आवश्यक है, लेकिन यदि हम अपना खुद का रोजगार घर बैठे शुरू करें, तो इसमें केवल फायदा ही फायदा हो सकता है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे व्यवसायों के बारे में बता रहे हैं, जो साल भर आपके लिए कमाई का जरिया बन सकते हैं। गर्मी हो, जाड़ा हो या बरसात, यह व्यवसाय कभी भी बंद नहीं होंगे.
हवन सामग्री बनाने का व्यवसाय आजकल बहुत सफल है. हवन सामग्री का इस्तेमाल हर मंदिर, पूजा घर और हमारे दैनिक जीवन में होता है. इसे घर पर ही तैयार किया जा सकता है. हवन सामग्री बनाने के लिए हमें चंदन की छाल, लवंग, लोहबान, सुगंधा, आम की पीसी लकड़ी जैसी छोटी-छोटी 30-31 सामग्री की जरूरत होती है. इनका इस्तेमाल कर 2-3 दिन में 50 से 60 किलो हवन सामग्री तैयार की जा सकती है. इसे 30 से 50 रुपए प्रति किलो तक आसानी से बेचा जा सकता है, जिससे 25 से 30 हजार रुपए की आमदनी संभव है। कुल खर्च लगभग 2-3 हजार रुपए आता है.
मोमबत्ती और अगरबत्ती का व्यवसाय
मोमबत्ती और अगरबत्ती बनाना भी बेहद आसान है. इसके लिए कच्चा मोम लाकर उसे सांचे में पिघलाया जाता है और तैयार किया जाता है. 1-2 हजार रुपए के कच्चे माल से 15-20 हजार रुपए तक की कमाई की जा सकती है. इससे घर बैठे एक अच्छा व्यवसाय शुरू किया जा सकता है और अच्छी कमाई भी हो सकती है.
महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता
इस समूह और इस कारोबार से जुड़ी महिला नीता राव बताती हैं कि इस काम से उन्हें काफी फायदा हो रहा है. पहले समूह में शामिल न होने के कारण उन्हें कई दिक्कतें आती थीं और दूसरों से पैसे उधार लेने पड़ते थे, लेकिन अब अपने खुद के समूह के जरिए महिलाएं घर बैठे अपनी सुविधा के अनुसार काम कर रही हैं और कमाई कर रही हैं. वे ग्राहकों की मांग के अनुसार सामग्री तैयार कर उसे बेचती हैं और अपना जीवन बेहतर तरीके से यापित कर रही हैं.
प्रशिक्षण और सहयोग
समय-समय पर महिलाओं को एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के सहयोग से प्रशिक्षण भी दिया जाता है. विभागीय अधिकारी प्रकाश जायसवाल बताते हैं कि महिलाओं को उनके क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है. इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से चला रही हैं.