Traditional remedies for fever। बुखार का ज्योतिष उपाय

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Fever Astrology Remedies : ज्योतिष के अनुसार मंगल, सूर्य और राहु बुखार से जुड़े ग्रह माने जाते हैं. गुड़, गेहूं और ज्वार को तीन दिन मंदिर में रखने का उपाय ग्रहों के असर को शांत करने के लिए किया जाता है. इसे आस्था के साथ अपनाया जाता है, इलाज के रूप में नहीं.

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Fever Astrology Remedies : आज के समय में जब बीमारी की बात आती है तो सबसे पहले लोग डॉक्टर और दवा के बारे में सोचते हैं, जो सही भी है. इसके बावजूद हमारे समाज में ज्योतिष और ग्रहों से जुड़ी मान्यताओं को भी खास जगह मिली हुई है. खासकर जब बुखार बार-बार आ रहा हो, दवा लेने के बाद भी पूरी राहत न मिल रही हो, तब कई लोग ग्रहों की स्थिति पर ध्यान देने लगते हैं. पुराने समय से यह माना जाता रहा है कि कुछ ग्रह शरीर की गर्मी बढ़ाने का काम करते हैं, जिसका असर बुखार के रूप में दिखाई देता है. ज्योतिष के अनुसार मंगल, सूर्य और राहु ऐसे ग्रह माने जाते हैं जिनका सीधा संबंध शरीर की गर्मी, खून और ऊर्जा से होता है. जब कुंडली में इन ग्रहों का असर ज्यादा हो जाता है, तब व्यक्ति को बुखार, जलन या थकान जैसी परेशानी हो सकती है. इसी सोच के आधार पर कुछ आसान उपाय बताए गए हैं, जिन्हें लोग आस्था के साथ अपनाते हैं. ये उपाय धार्मिक विश्वास से जुड़े होते हैं और मन को शांति भी देते हैं, जिससे व्यक्ति को अंदरूनी सुकून मिलता है.

ज्योतिष में मंगल को शरीर की गर्मी और खून से जोड़कर देखा जाता है. जब मंगल कमजोर या ज्यादा उग्र हो जाए, तब शरीर में ताप बढ़ सकता है. इसी तरह सूर्य को जीवन शक्ति और ताप का कारक माना जाता है. सूर्य की चाल बिगड़ने पर व्यक्ति को तेज बुखार, सिर दर्द या कमजोरी महसूस हो सकती है. राहु को अचानक होने वाली परेशानियों और रहस्यमयी असर से जोड़ा जाता है. राहु का असर होने पर बुखार बिना कारण के आ सकता है या लंबे समय तक बना रह सकता है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी, वास्तु विशेषज्ञ एवं न्यूमेरोलॉजिस्ट हिमाचल सिंह.

इन ग्रहों के असर को शांत करने के लिए एक सरल धार्मिक उपाय बताया गया है. इस उपाय में तीन चीजों का इस्तेमाल होता है. मंगल के लिए गुड़, सूर्य के लिए गेहूं और राहु के लिए ज्वार लिया जाता है. इन तीनों चीजों को एक-एक किलो की मात्रा में लेना होता है. यह ध्यान रखें कि अनाज साफ हो और खराब न हो.

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इस उपाय को करने का सही समय शाम के चार से पांच बजे के बीच माना गया है. लगातार तीन दिन तक किसी मंदिर में जाकर यह सामग्री रखनी होती है. मन में यह भावना रखें कि आप अपने कष्ट से राहत के लिए यह काम कर रहे हैं. किसी से चर्चा किए बिना, शांत मन से यह प्रक्रिया पूरी करना बेहतर माना जाता है.

ऐसा विश्वास है कि इस उपाय से ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और शरीर को बुखार से राहत मिलती है. कई लोग बताते हैं कि ऐसा करने से उन्हें मानसिक शांति मिलती है और आराम महसूस होता है. यह भी जरूरी है कि इस उपाय को किसी इलाज का विकल्प न समझा जाए. अगर बुखार ज्यादा हो या लंबे समय तक बना रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. यह उपाय सिर्फ आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ है, जो मनोबल बढ़ाने में मदद कर सकता है.

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Keerti Rajpoot

मीडिया की दुनिया में मेरा सफर एक रेडियो जॉकी के रूप में शुरू हुआ था, जहां शब्दों की ताकत से श्रोताओं के दिलों तक पहुंच बनाना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि रही. माइक के पीछे की यह जादुई दुनिया ही थी जिसने मुझे इलेक्ट्र…और पढ़ें

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