सावधान दिल्लीवालों! आपके अगल-बगल में घूम रहा ‘एन-गैंग’, CCTV ने खोला राज, दिल्ली पुलिस की उड़ी नींद | delhi police action on n gang who roaming around you cctv reveals secret juvenile crime sarojini nagar robbery
नई दिल्ली. देश की राजधानी के पॉश इलाके सरोजिनी नगर में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों के अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दिल्ली में ‘N-Gang’ यानी नाबालिगों का एक नया गैंग सामने आया है, जो दिन-रात या सुबह-शाम नहीं बल्कि तड़के यानी 3 बजे से 5 बजे तक राह चलते राहगीरों पर हमला करता है. दिल्ली पुलिस ने बच्चों के एक ऐसे ही गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें 12 साल से 16 साल के नाबालिग लड़के शामिल थे. दरअसल, बीते 10 जनवरी को सफदरजंग और एम्स फ्लाईओवर जैसे व्यस्त इलाके में आधी रात को एक व्यक्ति से हजारों रुपये की लूट की गई. हालांकि, दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और तेज तर्रार कार्रवाई ने इस मामले को महज 8 घंटे के भीतर सुलझा लिया. इस मामले में पुलिस ने 5 नाबालिगों को भी पकड़ा है, जिनमें से सबसे छोटे आरोपी की उम्र महज 12 साल है.
यह पूरी घटना 10 जनवरी 2026 की तड़के की है. पुलिस को सुबह करीब 03:52 बजे एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें पीड़ित ने बताया कि वह एम्स फ्लाईओवर के पास से गुजर रहा था, तभी तीन लड़कों ने उस पर हमला कर दिया. हमलावरों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि उसका मोबाइल फोन और जेब में रखे 35,200 रुपये नकद लूटकर सफदरजंग की ओर फरार हो गए. इस सूचना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया क्योंकि इलाका बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल माना जाता है.
दिल्ली में ‘एन-गैंग’ का खौफ?
घटना की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी अमित गोयल के निर्देश पर तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया. सरोजिनी नगर थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अतुल त्यागी के नेतृत्व में बनी इस टीम में एसआई अनूप कुमार, हेड कांस्टेबल योगेश, अजीत और कांस्टेबल सौरभ, मुनहेश, राम कुमार व महेश को शामिल किया गया. सफदरजंग एन्क्लेव के एसीपी की देखरेख में टीम ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया और तकनीकी जांच शुरू की.
CCTV ने खोला राज
पुलिस की टीम ने रात के अंधेरे में ही फील्डवर्क शुरू कर दिया. स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया गया और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. तकनीकी सत्यापन और जमीनी सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में संदिग्धों की पहचान कर ली. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 नाबालिगों को हिरासत में लिया. पकड़े गए किशोरों की उम्र 16 साल और सबसे छोटे किशोर की उम्र 12 साल है.
आरोपियों की उम्र जानकर हो जाएंगे हैरान
दिल्ली पुलिस की पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि उसी ने पीड़ित को रोका था और पैसे छीने थे. इस दौरान जो नाबालिगों ने पीड़ित को दबोच रखा था ताकि वह विरोध न कर सके. लूट के बाद यह रकम सभी पांचों लड़कों में बांट दी गई थी. हालांकि तीन लड़के, जिसमें 12 साल का लड़का भी है, वह सीधे तौर पर मारपीट में शामिल नहीं था, लेकिन वे समूह के साथ ही भागे थे और उन्होंने लूट की रकम में से अपना हिस्सा भी लिया था.
वारदात से पहले करता ये काम
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ. इन नाबालिगों ने वारदात को अंजाम देने से पहले नानकपुरा इलाके में नशीले पदार्थों का सेवन किया था. नशे की हालत में वे एम्स फ्लाईओवर और आईएनए की ओर बढ़े और वहां अकेले जा रहे शख्स को अपना निशाना बनाया. पुलिस ने जब इनका रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि इनमें से चार किशोर पहले भी इसी तरह की आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं.
दिल्ली पुलिस की जांच
पुलिस ने पकड़े गए किशोरों के पास से लूटी गई पूरी रकम यानी 35,200 रुपये बरामद कर लिए हैं. इस मामले में सरोजिनी नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4)/3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन बच्चों के पीछे कोई बड़ा गैंग काम कर रहा है या ये नशे की लत के कारण खुद ही इन वारदातों को अंजाम दे रहे थे.
इस घटना में दिल्ली पुलिस का तुरंत एक्शन जनता के भरोसे को और मजबूत किया है. मात्र 8 घंटों में आरोपियों को पकड़ना और शत-प्रतिशत रिकवरी करना पुलिस की पेशेवर दक्षता को दर्शाता है. फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्यवाही कर रही है और किशोरों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा. शहर के व्यस्त फ्लाईओवरों पर रात के समय गश्त बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.