नई ऊंचाई पर मिथिला की उड़ान, एयर कार्गो-लॉजिस्टिक्स हब के लिए जमीन अधिग्रहण को मंजूरी, बिहार में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बड़ा विस्तार
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Darbhanga Airport News: मिथिला क्षेत्र के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है. राज्य सरकार ने दरभंगा एयरपोर्ट के पास कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से न केवल हवाई बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र में रोज़गार और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूत प्रोत्साहन मिलेगा.
दरभंगा एयरपोर्ट के पास कार्गो हब को मिली बिहार सरकार की मंजूरीपटना. बिहार सरकार ने दरभंगा एयरपोर्ट के पास कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण को मंज़ूरी दे दी है. राज्य मंत्रिमंडल ने इस परियोजना के लिए लगभग 50 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण करने और इसमें करीब 138 करोड़ रुपये की मुआवज़ा राशि देने का फैसला किया है. यह निर्णय मिथिला और उत्तर बिहार के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर लेकर आया है. इस खुशखबरी को सोशल मीडिया में साझा करते हुए राज्य सभा सांसद और जदयू राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा है कि यह निर्णय मिथिला क्षेत्र के उद्योगों और व्यापार के विस्तार के लिए एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली कैबिनेट के दरभंगा एयरपोर्ट के पास कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए बड़ी मंजूरी से मिथिला क्षेत्र में विकास की एक और राह खुल गई है. 50.04 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 138.82 करोड़ रुपए के मुआवजे को हरी झंडी मिलना मिथिला क्षेत्र के लिए खुशखबरी है, क्योंकि इससे आधुनिक कार्गो हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और एयरोसिटी का विकास होगा. एयरोसिटी में 5-स्टार होटल जैसे सुविधाएं शामिल होंगी. कैबिनेट ने कुल 41 प्रस्तावों को मंजूर किया, जिसमें यह परियोजना मुख्य है. राज्य सरकार ने भूमि मालिकों को उचित मुआवजा देने का वादा किया है, ताकि विकास कार्य सुचारू रूप से चलें.
युवाओं को रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत दरभंगा एयरपोर्ट क्षेत्र में आधुनिक कार्गो हब, लॉजिस्टिक्स पार्क और एयरोसिटी (जिसमें 5-स्टार होटल जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी) का विकास होगा. इससे क्षेत्र में निवेश, वाणिज्यिक गतिविधियां और औद्योगिक बुनियादी ढांचा मजबूत होंगे. कार्गो हब से कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय सामान को तेजी से देश के अलग-अलग हिस्सों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. लॉजिस्टिक्स पार्क से माल के भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा बढ़ेगी, जिससे व्यापारियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा. इससे यह क्षेत्र न सिर्फ व्यापार और निवेश के लिए आकर्षक बनेगा, बल्कि यहां के युवाओं को रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के बेहतरीन मौके मिलेंगे.
दरभंगा एयरपोर्ट के पास कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब के लिए बिहार सरकार ने भूमि अधिग्रहण मंजूर किया, मिथिला क्षेत्र में विकास और रोजगार के नए अवसर. राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने जानकारी साझा की.
रोजगार और स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से हजारों युवाओं को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे. निर्माण से लेकर संचालन तक, कई क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि एयरोसिटी सुविधा आने से व्यापारिक यात्रियों और पर्यटकों दोनों को बेहतर अनुभव मिलेगा. विशेषज्ञ मानते हैं कि इस परियोजना से न केवल दरभंगा, बल्कि मिथिला क्षेत्र के छोटे-बड़े कस्बों और गांवों की अर्थव्यवस्था में भी स्थिरता आएगी. कृषि, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों में निवेश को भी नई दिशा मिलेगी.
भूमि अधिग्रहण और रनवे के विस्तार की तैयारी
दरभंगा एयरपोर्ट पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से विकसित हुआ है. 2020 में अंतर्देशीय सेवा के रूप में शुरू हुए एयरपोर्ट से आज कई प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं. इसके विस्तार के लिए पहले से ही भूमि अधिग्रहण और रनवे के विस्तार की तैयारी जारी है, जिससे बड़े विमान उतर सकेंगे और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का मार्ग भी प्रशस्त होगा. ऐसी पहलें दरभंगा को एक उभरता हुआ एयरवेज़ और वाणिज्यिक केंद्र बना रही हैं. राज्य सरकार का मानना है कि यह परियोजना मिथिला और बिहार की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी.
मिथिला क्षेत्र में कनेक्टिविटी और निवेश
इस कार्गो-लॉजिस्टिक्स हब के साथ एयरपोर्ट के नजदीक सड़क, रेल और अन्य परिवहन कनेक्टिविटी भी विकसित होगी. इससे स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुंच आसान होगी. स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से मिथिला और उत्तर बिहार के आर्थिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आएगा. इस परियोजना से न सिर्फ बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.
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