Harmanpreet kaur angry on MI Bowlers: गेंदबाजों पर फूटा हरमनप्रीत का गुस्सा, कप्तान बोलीं- हमने ज्यादा रन लुटा दिए

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Harmanpreet kaur angry on MI Bowlers: महिला प्रीमियर लीग में गुजरात जायंट्स के खिलाफ लगातार आठवीं जीत दर्ज करने के बावजूद मुंबई इंडियंस की कप्तान हरमनप्रीत कौर खुश नजर नहीं आईं. खुद बल्ले से शानदार पारी खेल टीम को जीत दिलाने वाली कप्तान मैच के बाद अपनी ही गेंदबाजों पर बरस पड़ीं. हरमनप्रीत का मानना था कि उनके गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में अनुशासनहीनता दिखाई और जरूरत से ज्यादा रन लुटाए.

गेंदबाजों पर फूटा हरमनप्रीत का गुस्सा, कप्तान बोलीं- हमने ज्यादा रन लुटा दिएहरमनप्रीत कौर ने अपने गेंदबाजों को जमकर कोसा.

नई दिल्ली. हरमनप्रीत कौर ने गुजरात जॉयंटस के खिलाफ मिली जीत के बावजूद अपने गेंदबाजों पर गुस्सा हो गईं. हरमप्रीत का कहना है कि उनके बॉलर्स ने ज्यादा रन लुटा दिए. इसलिए अब उनकी टीम को बैठकर अपनी योजनाओं पर काम करने की जरूरत है. हरमनप्रीत के नाबाद 71 रन की मदद से मुंबई इंडियंस ने महिला प्रीमियर लीग के मैच में गुजरात जायंट्स को सात विकेट से हराया. यह गुजरात जाइंट्स की टूर्नामेंट में पहली हार थी. इससे पहले गुजरात जायंट्स ने पांच विकेट पर 192 रन बनाए थे. जीत के लिए 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए हरमनप्रीत ने 33 गेंद में अर्धशतक पूरा किया जो टूर्नामेंट में उनका दसवां अर्धशतक था. इसके साथ ही उन्होंने डब्ल्यूपीएल में एक हजार रन भी पूरे कर लिए. यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली भारतीय बनीं.

हरमनप्रीत कौर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. मैच के बाद मुंबई इंडियंस की कप्तान ने कहा,’यह एक अच्छा मैच था. मुझे लगता है कि बॉलिंग करते समय हमने बहुत ज्यादा रन दे दिए थे. फिर से, हमें बैठकर अपनी योजनाओं पर चर्चा करने की ज़रूरत है. लेकिन बैटिंग के मामले में हम अच्छे थे. हमने इसे अच्छे से कैलकुलेट किया. अमनजोत और मैंने, साथ में बैटिंग करते समय, चीजों को अच्छे से कैलकुलेट किया. उसने बहुत अच्छी बैटिंग की, और आखिर में निकोला कैरी आईं और उन्होंने मुझ पर से सारा प्रेशर हटा दिया. तो कुल मिलाकर, यह हमारे लिए एक अच्छा मैच था. मुझे लगता है कि आजकल इस तरह के स्कोर नॉर्मल होते जा रहे हैं. अगर आप पहले बैटिंग कर रहे हैं, तो आपको 200 के करीब स्कोर करना होगा. और अगर आप चेज़ कर रहे हैं, तो आपको इस तरह के टोटल का पीछा भी करना होगा. तो वह माइंडसेट है.जब भी आप बाहर जाते हैं, आपको अपनी टीम के लिए बैटिंग करनी होती है. वह क्लैरिटी मदद करती है. आप समझते हैं कि टीम को क्या चाहिए, आप उसी के अनुसार कैलकुलेट करते हैं, और फिर आप जाकर उसे एग्जीक्यूट करते हैं. जब आपके पास इतनी क्लैरिटी होती है, तो चीजें आसान हो जाती हैं.’

हरमनप्रीत कौर ने अपने गेंदबाजों को जमकर कोसा.

हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने 43 गेंद में सात चौकों और दो छक्कों की मदद से 71 रन बनाकर नाबाद रही और मुंबई ने चार गेंद बाकी रहते जीत दर्ज की. मुंबई के दो विकेट पावरप्ले के भीतर ही 37 रन पर गिर गए थे. इसके बाद हरमनप्रीत ने अमनजोत कौर (26 गेंद में 40 रन ) के साथ 44 गेंद में 72 रन की साझेदारी की. अमनजोत के आउट होने के बाद निकोला कैरी ने कप्तान का साथ निभाते हुए 22 गेंद में नाबाद 37 रन बनाये जिसमें छह चौके शामिल थे. दोनों ने 43 गेंद में 84 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को जीत दिलाई.

‘यह एक मुश्किल सवाल है’
हरमप्रीत कौर ने आगे कहा,’ यह एक मुश्किल सवाल है. मुझे असल में वह स्टैट (गुजरात के खिलाफ 5 फिफ्टी) नहीं पता था, लेकिन मेरे लिए हर मैच महत्वपूर्ण है. मैं बस बाहर जाकर अपनी टीम के लिए बैटिंग करना चाहती हूं. जो भी आएगा, मैं उसे स्वीकार करूंगी. इन सभी लड़कियों को जिम्मेदारी लेते हुए और टीम के लिए अपना योगदान देते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है. जब भी हम चर्चा करते हैं, वे हमेशा टीम की जरूरत के हिसाब से कुछ भी करने के लिए तैयार रहती हैं. अमनजोत ऐसी खिलाड़ी है जो कहीं भी बैटिंग करने के लिए तैयार रहती है – ओपनिंग, वन डाउन, या निचले क्रम में. यह सब तैयारी पर निर्भर करता है. जब आप घर पर तैयारी करते हैं, तो आप टीम के लिए तैयारी करते हैं. यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि टीम को जहां भी उनकी जरूरत होती है, वे तैयार रहती हैं.’

गुजरात जॉयंट्स के लिए वेयरहैम ने 43 रन की पारी खेली
इससे पहले गुजरात की पारी में वेयरहैम 33 गेंद में चार चौकों और एक छक्के की मदद से 43 रन बनाकर नाबाद रही. वहीं फुलमाली ने 15 गेंद में नाबाद 36 रन बनाए. जिसमें तीन छक्के और तीन चौके शामिल थे. आयुषी सोनी के रिटायर्ड आउट होने के बाद वह बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आई थीं. फुलमाली ने अमनजोत कौर को आखिरी ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाकर 23 रन निकाले. गुजरात ने आखिरी तीन ओवरों में 49 रन बनाए. पहले ओवर में गुजरात की सलामी बल्लेबाज बेथ मूनी को जीवनदान मिला जब मुंबई की 17 वर्ष की विकेटकीपर गुनालन कमलिनी ने उनका कैच टपकाया.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

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