Aakash Chopra compare KL Rahul with ms dhoni: धोनी की तरह नर्व्स को कंट्रोल करना, केएल राहुल को सलाम… आकाश चोपड़ा ने मॉडर्न क्रिकेट का सबसे बड़ा फिनिशर बताया
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Aakash Chopra compare KL Rahul with ms dhoni: आकाश चोपड़ा ने केएल राहुल की बल्लेबाजी की तुलना एमएस धोनी से करते हुए उन्हें ‘मॉडर्न क्रिकेट का सबसे बड़ा फिनिशर’ बताया है. जानिए कैसे राहुल ने अपनी नर्व्स पर कंट्रोल रख धोनी की याद दिला दी और क्यों चोपड़ा उन्हें टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा मैच-विनर मान रहे हैं.
केएल राहुल ने पहले वनडे में फिनिशर की भूमिका निभाई. नई दिल्ली. आकाश चोपड़ा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल की नाबाद 29 रन की पारी के बाद उनकी बहुमुखी प्रतिभा और फिनिशिंग क्षमता की तारीफ की. जिसने भारत को एक रोमांचक चेज में चार विकेट से जीत दिलाई. वडोदरा के कोटाम्बी के बीसीए स्टेडियम में 301 रनों का पीछा करते हुए भारत मुश्किल में पड़ गया था जब उसका स्कोर 242/5 हो गया था. तब भारतीय ऑलराउंडर हर्षित राणा क्रीज पर केएल राहुल के साथ आए. राहुल ने सावधानी से खेलते हुए राणा के साथ 37 रन की साझेदारी की, जिसमें हर्षित ने ज्यादा रन बनाए, जबकि राहुल ने यह सुनिश्चित किया कि न्यूजीलैंड को उनका विकेट न मिले, क्योंकि इससे विपक्षी टीम को भारतीय निचले क्रम तक पहुंचने का मौका मिल जाता.
हर्षित राणा (Harshit Rana) के विकेट गिरने के बाद केएल राहुल ने वाशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) के साथ 27 रन की साझेदारी की. जिसमें ज्यादातर रन उन्होंने खुद बनाए. केएल राहुल (KL Rahul) ने 49वें ओवर तक बड़े शॉट खेलने से परहेज किया. जब भारत को आखिरी 12 गेंदों में 12 रन चाहिए थे, तो राहुल ने तेजी दिखाई और लगातार चौके लगाए और फिर आखिरी ओवर की आखिरी तीन गेंदों में एक छक्का लगाकर टीम इंडिया को जीत दिलाई.
केएल राहुल ने पहले वनडे में फिनिशर की भूमिका निभाई.
‘हम उन्हें एक आक्रामक खिलाड़ी के तौर पर जानते हैं’
आकाश चोपड़ा ने JioStar पर बात करते हुए केएल राहुल की शांत और समझदारी भरी पारी की तारीफ की. उनकी बहुमुखी प्रतिभा, चेज को गति देने की क्षमता और दबाव में शांत रहने की तारीफ की. उन्होंने डेथ ओवर्स में राहुल के कंट्रोल की तुलना एमएस धोनी से की. और फिनिशर की भूमिका में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उनकी तारीफ की. चोपड़ा ने कहा, ‘न्यूजीलैंड के खिलाफ इस पहले वनडे में केएल राहुल का बैटिंग अप्रोच दिलचस्प था. हम उन्हें एक आक्रामक खिलाड़ी के तौर पर जानते हैं. लेकिन यहां, हर्षित राणा और चोटिल वॉशिंगटन सुंदर के साथ बैटिंग करते हुए, वह अलग थे. कई बार आपको लगता है कि वह तेजी से रन बनाएंगे और एक बड़े शॉट से मैच जल्दी खत्म कर देंगे, लेकिन उन्होंने अपना समय लिया. 49वें ओवर में उन्होंने जो पहली गेंद मारी, वह बाउंड्री वाली गेंद नहीं थी, लेकिन उन्होंने बाउंड्री लगा दी. उनमें आसानी से बाउंड्री ढूंढने की काबिलियत है और वह जब चाहते हैं तब शॉट मारते हैं.’
‘केएल राहुल को सिर्फ बॉलिंग करना बाकी है’
जियोस्टार के एक्सपर्ट आकाश चोपड़ा ने आगे कहा, ‘वह उन गेंदों पर सिंगल ले रहे थे जिन पर वह आमतौर पर शॉट मारते हैं, लेकिन उन्होंने सही मौकों का इंतजार किया. एक अलग तरीके से, उनकी वर्सेटिलिटी ही उनकी सबसे बड़ी खूबी है. उनसे ओपनिंग करने को कहो, विकेटकीपिंग करने को कहो, या स्टैंड-इन कप्तान बनने को कहो, वह सब करेंगे. उन्होंने बस अभी तक बॉलिंग नहीं की है, वह बाकी है. इन डेथ ओवर्स में, चेज़ को इतने अच्छे से कंट्रोल करना, लगभग धोनी की तरह नर्व्स को कंट्रोल करना, केएल राहुल को सलाम.वह मॉडर्न क्रिकेट की सबसे मुश्किल भूमिका फिनिशर में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं.’
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें