SBI के एटीएम से पैसे निकालना महंगा, बैंक ने एक साल में दूसरी बार बढ़ाई फीस, सैलरी अकाउंट वालों पर भी शिकंजा

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SBI ATM Fee Hike : एसबीआई ने अपने ग्राहकों को एक बार फिर झटका देते हुए गैर-एसबीआई बैंकों के एटीएम से पैसे निकालने पर फीस बढ़ा दी है. बैंक ने एक साल में दूसरी बार फीस बढ़ाई है और इस बार इसमें 2 रुपये की बढ़ोतरी की है.

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SBI के एटीएम से पैसे निकालना महंगा, बैंक ने एक साल में दूसरी बार बढ़ाई फीसएसबीआई ने दूसरे बैंकों के एटीएम पर ट्रांजेक्‍शन फीस 2 रुपये बढ़ा दी है.

नई दिल्‍ली. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) ने सालभर के भीतर दूसरी बार अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है. बैंक ने गैर-एसबीआई एटीएम से पैसे निकालने पर फीस और बढ़ा दी है. अब एसबीआई के खाताधारकों को फ्री लिमिट खत्‍म होने के बाद गैर-एसबीआई एटीएम से पैसे निकालने को लेकर ज्‍यादा फीस देनी होगी. नई फीस 1 दिसंबर, 2025 से ही प्रभावी हो चुकी है, जिसका मतलब है कि बैंक जनवरी में अपने खाताधारकों के अकाउंट से इस चार्ज को काट सकता है.

एसबीआई ने इससे पहले फरवरी, 2025 में भी एटीएम से पैसे निकालने पर फीसदी बढ़ाई थी और अब दिसंबर से इसमें फिर बढ़ोतरी कर दी है. एसबीआई ने बताया कि उसके कस्‍टमर को अब गैर-एसबीआई एटीएम से फ्री निकासी की लिमिट पार करने के बाद हर विड्रॉल पर 23 रुपये फीस और जीएसटी का भुगतान करना पड़ेगा. इससे पहले यह फीस 21 रुपये और जीएसटी थी. इसका मतलब है कि बैंक ने एटीएम निकासी पर 2 रुपये प्रति विड्रॉल की फीस बढ़ाई है. जो ग्राहक पैसे निकालने के बजाय बैंलेंस की जानकारी या मिनी स्‍टेटमेंट निकालने के लिए गैर-एसबीआई एटीएम का इस्‍तेमाल करते हैं, उन्‍हें 11 रुपये और जीएसटी का भुगतान करना होगा. इससे पहले तक यह फीस 10 रुपये और जीएसटी थी.

बैंक ने क्‍यों बढ़ाई फीस
एसबीआई का कहना है कि फीस में यह बढ़ोतरी एटीएम पर इंटरचार्ज फीस बढ़ाने जाने के बाद की गई है, क्‍योंकि एटीएम से जुड़ी सेवाओं पर खर्च बढ़ रहा है. एटीएम पर बढ़ाई गई फीस का असर बचत खाते और सैलरी अकाउंट पर होगा. जो भी ग्राहक गैर-एसबीआई एटीएम से फ्री ट्रांजेक्‍शन लिमिट के बाद निकासी करेंगे, उन्‍हें ज्‍यादा फीस देनी होगी. अन्‍य बैंक खातों पर इसका असर नहीं दिखेगा.

कितनी बार फ्री निकासी
एसबीआई ने फीस में भले ही बढ़ोतरी कर दी है, लेकिन फ्री ट्रांजेक्‍शन की संख्‍या नहीं बढ़ाई है. आज भी बैंक के ग्राहकों को दूसरे बैंक के एटीएम से हर महीने 5 बार फ्री निकासी की सुविधा दी जाती है. इसमें फाइनेंशियल और नॉन फाइनेंशियल यानी पैसे निकालने और स्‍टेटमेंट या बैलेंस चेक करने जैसी सुविधा शामिल है. ग्राहक अगर 5 बार की फ्री निकासी लिमिट को पार कर जाता है तो उसे नई फीस और जीएसटी का भुगतान करना होगा.

सैलरी अकाउंट वालों पर भी शिकंजा
ऐसे ग्राहक जिनका एसबीआई में सैलरी अकाउंट है, उन्‍हें बैंक की ओर से हर महीने दूसरे बैंकों के एटीएम से 10 बार फ्री निकासी की सुविधा दी जाती है. अभी तक सैलरी अकाउंट वाले ग्राहकों को हर महीने गैर-एसबीआई एटीएम से अनलिमिटेड फ्री निकासी की सुविधा दी जाती थी, लेकिन अब यह सिर्फ 10 बार ही मिलेगी. अब सैलरी अकाउंट वालों को भी फ्री निकासी की लिमिट खत्‍म होने के बाद 23 रुपये फीसदी और जीएसटी का भुगतान करना होगा. बैलेंस चेक करने या मिनी स्‍टेटमेंट निकालने के लिए 11 रुपये और जीएसटी का भुगतान करना होगा.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

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