यूएई में फंसा गोंडा का युवक! एजेंट ने दिखाए सुनहरे ख्वाब, अब लोहे की फैक्ट्री में बना बंधक
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Gonda News : गोंडा जिले का एक युवक जिप्सम के काम के नाम पर यूएई भेजा गया, लेकिन वहां उससे जबरन लोहे की फैक्ट्री में अमानवीय हालात में काम कराया गया. अब युवक से संपर्क टूट गया है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है और उन्होंने सरकार से उसे सुरक्षित भारत लाने की गुहार लगाई है.
गोंडा : गोंडा जिले के मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अशरफपुर महुआडीह निवासी राम कुमार ने अपने छोटे भाई मोहन कश्यप को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. राम कुमार का कहना है कि एक ट्रैवल्स एजेंट ने 70 हजार रुपये लेकर मोहन कश्यप को शारजाह (यूएई) में जिप्सम का काम दिलाने के नाम पर विदेश भेजा था. परिवार का आरोप है कि शारजाह पहुंचने के बाद मोहन कश्यप से तय काम न कराकर उसे जबरन एक लोहे के कारखाने में बंद कर दिया गया. वहां 44 डिग्री तक के भीषण तापमान में अमानवीय परिस्थितियों में उससे काम कराया गया. इस दौरान वह कई बार घायल हुआ, लेकिन न तो उसका इलाज कराया गया और न ही उसे मेहनताना दिया गया.
मोहन कश्यप के बड़े भाई राम कुमार बताते हैं कि जिस काम के लिए वीजा बनवाया गया था, उससे हटाकर उससे दूसरा काम कराया जा रहा था.करीब दो महीने तक मोहन ने यह काम किया, लेकिन उसे एक रुपये का भुगतान नहीं किया गया.एक दिन मोहन ने फोन कर बताया कि वह बुरी तरह फंस गया है, काम के दौरान उसे कई बार चोट लगी, लेकिन इलाज तक नहीं कराया गया.
मां की हालत बिगड़ी
राम कुमार बताते हैं कि बचपन में ही पिता का साया उठ गया था. अब छोटे बेटे की हालत को लेकर मां का रो-रोकर बुरा हाल है. बेटे की चिंता में उनकी तबीयत भी खराब हो गई है और वह किसी से मिलने तक की स्थिति में नहीं हैं.
कई दिनों से संपर्क टूट गया
राम कुमार के अनुसार, करीब 24–25 दिन पहले आखिरी बार मोहन से बात हुई थी. अब संपर्क पूरी तरह टूट गया. जब वहां साथ काम करने वाले लोगों के नंबर पर कॉल किया गया, तो पता चला कि मोहन को दुबई में सीआईडी ने हिरासत में ले लिया है. जानकारी के मुताबिक, वह किसी तरह कारखाने से निकलकर एक होटल में काम करने लगा था, लेकिन होटल पर सीआईडी की छापेमारी के दौरान उसे पकड़ लिया गया. बताया गया कि उसके पासपोर्ट और आईडी कारखाने में जमा थे, इसी वजह से उसे हिरासत में लिया गया.मोहन 15 अक्टूबर को भारत से दुबई गया था.
नेताओं से लगाई गुहार
राम कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोंडा सांसद एवं विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह से अपने भाई को सकुशल भारत वापस लाने की गुहार लगाई है.उन्होंने बताया कि अब तक मोहन ने विदेश से एक भी पैसा नहीं भेजा है, उल्टा परिवार को यहां से 40 से 50 हजार रुपये खर्च करने पड़े हैं. राम कुमार का कहना है कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब भाई से किसी भी तरह संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे परिवार डरा हुआ है कि उसके साथ कोई अनहोनी न हो जाए. उन्होंने कीर्तिवर्धन सिंह को पत्र देकर भी भाई को सुरक्षित भारत लाने की मांग की है.
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मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें