Soft Til Gud Gajak। सर्दियों की हेल्दी मिठाई कैसे बनाएं
Till Gud Gajak Recipe: सर्दियों का मौसम आते ही शरीर की ज़रूरतें बदल जाती हैं. कई राज्यों में ठंड इतनी तेज़ पड़ती है कि सिर्फ गर्म कपड़े ही काफी नहीं होते. ऐसे समय में शरीर को अंदर से गर्म रखने वाली चीज़ें बहुत काम आती हैं. हमारे यहां पुराने ज़माने से तिल और गुड़ को सर्दियों का सबसे भरोसेमंद साथी माना गया है. यही वजह है कि मकर संक्रांति, लोहड़ी और ठंड के पूरे मौसम में तिल-गुड़ की मिठाइयां हर घर में बनती हैं. आजकल बाज़ार में कई तरह की गजक और रेवड़ी मिल जाती हैं, मगर उनमें हार्डनेस इतनी होती है कि बुजुर्ग लोग या जिनके दांत कमजोर हैं, वो चाहकर भी उसे खा नहीं पाते. इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए यह सॉफ्ट तिल-गुड़ गजक एकदम परफेक्ट है. यह इतनी मुलायम बनती है कि बिना दांत वाला इंसान भी इसे आराम से खा सकता है. खास बात यह है कि यह गजक बिना मावा, बिना मिल्क पाउडर, बिना मिल्कमेड और बिना किसी केमिकल के बनती है. सिर्फ तिल, गुड़ और कुछ छोटे-छोटे किचन ट्रिक्स से यह मिठाई बिल्कुल हलवाई जैसी, बल्कि उनसे भी बेहतर बन जाती है. स्वाद ऐसा कि मुंह में रखते ही घुल जाए और फायदा ऐसा कि दवा का काम करे. अगर आप सर्दियों में बच्चों, बुजुर्गों और खुद के लिए कुछ हेल्दी, टेस्टी और लंबे समय तक चलने वाली मिठाई बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके काम की है.
तिल और गुड़ क्यों हैं सर्दियों में इतने खास
तिल और गुड़ दोनों की तासीर गर्म होती है. ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म रखने में ये बहुत मदद करते हैं. तिल में अच्छी मात्रा में कैल्शियम और आयरन पाया जाता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने में सहायक होता है. वहीं गुड़ खून की कमी को पूरा करने में मदद करता है और कमजोरी दूर करता है.
जिन लोगों को सर्दियों में कमर दर्द, घुटनों का दर्द या टांगों में अकड़न रहती है, उनके लिए तिल-गुड़ किसी घरेलू दवा से कम नहीं है. यही वजह है कि पुराने समय में दादी-नानी सर्दियों में रोज थोड़ा तिल-गुड़ खाने की सलाह देती थीं.
सही तिल चुनना और भूनने का तरीका
मार्केट में आपको पॉलिश्ड और नॉन पॉलिश्ड दोनों तरह के तिल मिल जाते हैं. सफेद भी होते हैं और हल्के डार्क रंग के भी. अच्छी बात यह है कि इस गजक को बनाने के लिए कोई खास किस्म का तिल ज़रूरी नहीं. जो भी तिल आपके पास आसानी से मिल जाए, उसी से मिठाई बन सकती है.
करीब 200 ग्राम तिल लें और उन्हें धीमी आंच पर 4–5 मिनट हल्का सा भून लें. ध्यान रखें कि तिल का रंग बदलना नहीं चाहिए. बस इतना भूनें कि उनका क्रंच बना रहे. तेज़ आंच पर भूनने से तिल जल सकते हैं और स्वाद खराब हो सकता है.
भूनने के बाद तिल को कढ़ाही में न छोड़ें. तुरंत किसी थाली में निकाल लें ताकि वे ठंडे हो जाएं. गरम तिल को पीसने से उनका तेज़ फ्लेवर निकल आता है, जो मिठाई के स्वाद को बिगाड़ सकता है.
तिल पीसने की सही ट्रिक
जब तिल पूरी तरह ठंडे हो जाएं, तब उन्हें मिक्सी में डालें और सिर्फ एक बार हल्का सा चलाएं. बहुत बारीक पाउडर नहीं बनाना है. बस दरदरा सा पीसना है. इसके बाद इस मिश्रण को फिर से ठंडा होने दें, क्योंकि आगे चलकर इसे दोबारा पीसा जाएगा.
गुड़ की चाशनी कैसे बनाएं ताकि गजक परफेक्ट बने
अब कढ़ाही में उतनी ही मात्रा में गुड़ लें, जितना तिल लिया था. मापने के लिए तराजू की जरूरत नहीं, बस उसी कटोरे से नाप लें जिससे तिल नापे थे. गुड़ में 4–5 टेबलस्पून पानी डालें और धीमी गैस पर पिघलने दें.
सर्दियों में गुड़ धीरे-धीरे पकता है, इसलिए धैर्य रखना बहुत ज़रूरी है. तेज़ गैस पर पकाने से गुड़ कड़वा हो सकता है. जब गुड़ में बुलबुले आने लगें, तब उसकी जांच शुरू करें. सही स्टेज पर गुड़ इतना पक चुका होता है कि पानी में डालने पर कड़क आवाज़ करे और हाथ से तोड़ने पर चटक कर टूट जाए.
बीच-बीच में कढ़ाही के किनारों पर थोड़ा घी लगा दें, ताकि गुड़ चिपके नहीं.
तिल और गुड़ को मिलाने का सही तरीका
जब गुड़ तैयार हो जाए, तब उसमें आधा चम्मच घी डालें और तुरंत दरदरे पिसे तिल मिला दें. अच्छे से मिक्स करें और इस मिश्रण को किसी थाली या चकले पर फैला दें. बेलना नहीं है, बस छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें. ठंडा होने के बाद इन्हें फिर से मिक्सी में डालकर पीसें.
अब एक बड़ा बाउल लें और इसमें यह मिश्रण निकाल लें.
हलवाई वाला सीक्रेट जो गजक को बनाए सॉफ्ट
इस गजक को लंबे समय तक नरम रखने और स्वाद बढ़ाने के लिए आधा कप पिसी हुई चीनी डालें. साथ में एक चम्मच इलायची पाउडर जरूर मिलाएं. इसके बाद आधा कप घी हल्का गर्म करके थोड़ा-थोड़ा डालते जाएं और मिक्स करते रहें. देखते ही देखते मिश्रण एकदम मुलायम हो जाएगा.
बर्फी या लड्डू, जैसे चाहें वैसे बनाएं
अब आप चाहें तो इसके लड्डू बना सकते हैं या फिर ट्रे में बटर पेपर लगाकर इसे बर्फी की तरह सेट कर सकते हैं. ऊपर से बारीक कटे बादाम, पिस्ता डालें और 1–2 घंटे के लिए छोड़ दें. फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं.
सेट होने के बाद इसे आसानी से काटा जा सकता है और यह बिल्कुल मार्केट जैसी दिखती है.
स्टोरेज और खाने का सही तरीका
यह गजक बिना किसी खराब होने वाली चीज़ के बनती है, इसलिए इसे एक महीने तक आराम से खाया जा सकता है. बच्चों के टिफिन में, ऑफिस के लंच में और बुजुर्गों की डाइट में यह एकदम फिट बैठती है.