एमपी के रहमान डकैत राजू ईरानी को 7 दिन की पुलिस रिमांड, क्या खुलासे हो पाएंगे?
भोपाल. गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किए गए ईरानी डेरा गैंग के सरगना और एमपी के रहमान डकैत राजू ईरानी को भोपाल की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. अब 17 जनवरी तक राजू ईरानी पुलिस हिरासत में रहेगा. पुलिस का दावा है कि इस दौरान उससे कई राज्यों में फैले अपराध नेटवर्क को लेकर अहम जानकारियां मिल सकती हैं, जबकि आरोपी खुद को निर्दोष बताकर बचाव की रणनीति पर उतर आया है. निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि रिमांड के दौरान राजू से लूट, धोखाधड़ी, आगजनी सहित कई मामलों में गहन पूछताछ की जाएगी. इसके साथ ही लंबे समय से फरार चल रहे गैंग के अन्य आरोपियों की तलाश तेज की जाएगी. पुलिस को हाईवे लूट के मास्टरमाइंड काले ईरानी, मुख्तार ईरानी, सहेब अली, अली हैदर और सरताज की सरगर्मी से तलाश है. वहीं रिमांड के दौरान कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है.
पुलिस मान रही है कि राजू ईरानी की 7 दिन की रिमांड कई बड़े नामों और नेटवर्क को बेनकाब कर सकती है. अगर पूछताछ में गैंग का पूरा ढांचा सामने आता है, तो कई राज्यों की पुलिस को बड़ी राहत मिल सकती है. राजू ईरानी की गिरफ्तारी सिर्फ एक आरोपी की पकड़ नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश मानी जा रही है. ईरानी गैंग भोपाल समेत देश के 14 राज्यों में सक्रिय बताया जा रहा है. ठगी, लूट, आगजनी और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में नाम आने के बावजूद राजू ईरानी अब खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. कोर्ट से मिली 7 दिन की रिमांड को पुलिस बेहद अहम मान रही है, क्योंकि इसी पूछताछ में कई पुराने मामलों की परतें खुल सकती हैं.
सूरत से भोपाल तक गिरफ्तारी की पूरी कहानी
राजू ईरानी को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद निशातपुरा थाना पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा के बीच भोपाल लेकर आई. विशेष अदालत में पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा. सुनवाई के बाद कोर्ट ने राजू ईरानी को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भोपाल में तीन वारंट लंबित थे, जिसके चलते ट्रांजिट रिमांड के बाद उसे यहां लाया गया.
ईरानी डेरा गैंग पर पुलिस की नजर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ईरानी डेरा गैंग लंबे समय से संगठित तरीके से अपराधों को अंजाम देता रहा है. गैंग का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है. राजू ईरानी के तीन भाई और कुछ करीबी रिश्तेदार भी इस नेटवर्क में सक्रिय बताए जाते हैं. पुलिस अब गैंग की फंडिंग, संपर्क सूत्र और शेल्टर सिस्टम को खंगालने में जुटी है.
पूछताछ में क्या-क्या खुल सकता है
- विभिन्न राज्यों में दर्ज पुराने आपराधिक मामलों की कड़ियां
- गैंग के सक्रिय सदस्यों और फरार आरोपियों की जानकारी
- ठगी और लूट से जुड़े आर्थिक लेनदेन
- आगजनी और हत्या के प्रयास के मामलों की साजिश
राजू ईरानी का बचाव और वकील का दावा
राजू ईरानी के वकील नजर रजा का कहना है कि पुलिस ने मामूली मामले में गिरफ्तारी की है. उनके मुताबिक एक महिला से मारपीट का केस है, जिसमें जल्द ही राजीनामा हो सकता है. वकील ने यह भी कहा कि 7 दिन की पुलिस रिमांड की जरूरत नहीं थी और राजू ईरानी को जल्द ही जमानत मिल जाएगी.
पिता से बेटे तक गैंग की विरासत
ईरानी डेरा गैंग की कमान पहले राजू ईरानी के पिता हश्मत के हाथ में थी. उम्र ज्यादा होने के बाद गैंग की जिम्मेदारी राजू ईरानी ने संभाली. इसके बाद गैंग का दायरा और ज्यादा राज्यों तक फैलता चला गया. पुलिस रिकॉर्ड में राजू ईरानी उर्फ आबिद अली उर्फ रहमान डकैत के नाम से कई गंभीर मामले दर्ज हैं.
खुद को बता रहा प्रॉपर्टी डीलर
पुलिस पूछताछ में राजू ईरानी खुद को प्रॉपर्टी डीलर बता रहा है. उसका दावा है कि उसने कई साल पहले अपराध की दुनिया छोड़ दी थी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी बार-बार बयान बदल रहा है और जांच को भटकाने की कोशिश कर रहा है. वह ईरानी डेरे का सरदार होने से भी इनकार कर रहा है.
पत्नी तुन ईरानी का बयान
राजू ईरानी की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी तुन ईरानी पहली बार सामने आई. उसने कहा कि कुछ दुश्मन उसके पति को फंसा रहे हैं. उसके मुताबिक राजू ने डेरे के लोगों को अपराध छोड़ने की सलाह दी थी, जिससे कुछ लोग उसके विरोधी बन गए. तुन ईरानी ने कोर्ट और प्रशासन से नरमी बरतने की अपील भी की है.
राजू ईरानी पर दर्ज प्रमुख केस
- यूपी के बहराइच में ठगी का मामला
- महाराष्ट्र में लूट और ठगी के केस
- भोपाल में 2017 का आगजनी कांड
- हालिया हत्या के प्रयास और आगजनी का केस