Gulab Jamun Recipe Tips । सर्दियों में नरम और रसदार गुलाब जामुन बनाने के आसान टिप्स
Last Updated:
Gulab Jamun Recipe Tips: सर्दियों में गुलाब जामुन सख्त होने की समस्या आम है. सही तरीके से आटा मिलाना और उसे आराम देना बेहद जरूरी है. धीमी आंच पर तलना जामुन को अंदर तक सॉफ्ट रखता है. चाशनी हमेशा हल्की गरम होनी चाहिए, ज्यादा उबलती नहीं. सही खोया या मिल्क पाउडर का चुनाव जामुन की क्वालिटी तय करता है.

Gulab Jamun Recipe Tips: सर्दियों का मौसम आते ही घर घर में कुछ खास बनाने का मन अपने आप करने लगता है. ठंडी शाम, गरम चाय और मीठे में कुछ देसी सा हो तो मजा ही आ जाता है. ऐसे में गुलाब जामुन का नाम आते ही मुंह में पानी आना बिल्कुल लाजमी है. नरम, रस में डूबे हुए गुलाब जामुन सर्दियों की सबसे प्यारी मिठाइयों में से एक माने जाते हैं. लेकिन दिक्कत तब होती है जब वही गुलाब जामुन घर पर बनाते वक्त पत्थर जैसे सख्त हो जाते हैं.

बाहर से रंग अच्छा, लेकिन काटते ही अंदर से हार्ड. ऐसा अनुभव लगभग हर किसी को कभी न कभी हुआ है. सर्दियों में खासकर ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि ठंड में खोया और आटा जल्दी सूख जाते हैं. अगर आप भी इस सर्दी घर पर गुलाब जामुन बनाने की सोच रहे हैं और चाहते हैं कि वो बाजार जैसे सॉफ्ट बनें, तो ये टिप्स आपके बहुत काम आएंगे.

सबसे पहली और सबसे जरूरी बात है आटे को ज्यादा न गूंथना. गुलाब जामुन का आटा रोटी या पूड़ी के आटे जैसा नहीं होता. इसे जितना हल्के हाथ से मिलाया जाए उतना बेहतर होता है. ज्यादा गूंथने से आटे में कसाव आ जाता है और तलने के बाद जामुन सख्त हो जाते हैं. खोया या मिल्क पाउडर, मैदा और घी को बस हल्के हाथ से मिलाएं. जब सब एक साथ जुड़ जाए तभी रुक जाएं. आटे को 10 से 15 मिनट ढक कर रख दें ताकि वो थोड़ा रिलैक्स हो सके. सर्दियों में ये स्टेप और भी जरूरी हो जाता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

दूसरी टिप है छोटे और स्मूद गोले बनाना. अक्सर लोग बड़े साइज के जामुन बना लेते हैं जो अंदर से ठीक से पक नहीं पाते. गोले बनाते वक्त अगर सतह पर हल्की सी भी दरार दिखे तो समझ लीजिए कुछ गड़बड़ है. ऐसे जामुन तलते वक्त फट सकते हैं या फिर ठीक से रस नहीं पीते. हाथों में थोड़ा सा घी या दूध लगाकर धीरे धीरे चिकने गोले बनाएं. छोटे साइज के जामुन अच्छे से पकते हैं और चाशनी को भी बेहतर तरीके से सोखते हैं.

तीसरी और सबसे कॉमन गलती होती है तेज आंच पर तलना. सर्दियों में लोग सोचते हैं कि ठंड है तो तेल ज्यादा गरम होना चाहिए, लेकिन गुलाब जामुन के मामले में ये सोच उलटी पड़ जाती है. तेज आंच पर जामुन बाहर से जल्दी ब्राउन हो जाते हैं और अंदर से कच्चे रह जाते हैं. बाद में चाशनी में डालने पर यही कच्चापन सख्ती में बदल जाता है. हमेशा धीमी से मीडियम आंच पर तलें और जामुन को लगातार हल्के हाथ से घुमाते रहें. इससे रंग भी अच्छा आएगा और अंदर तक सही से पकेंगे.

चौथी टिप है चाशनी का सही तापमान. बहुत से लोग यहां गलती कर बैठते हैं. जामुन को हमेशा गरम लेकिन उबलती हुई चाशनी में नहीं डालना चाहिए. ज्यादा गरम चाशनी जामुन की बाहरी परत को टाइट कर देती है जिससे रस अंदर नहीं जा पाता. एक भाग चीनी और एक भाग पानी लें, उसमें इलायची या गुलाब जल डालें और बस हल्की चिपचिपी चाशनी तैयार करें. चाशनी हल्की गरम होनी चाहिए. तलते ही जामुन सीधे उसी चाशनी में डाल दें और कम से कम दो घंटे के लिए छोड़ दें.

पांचवी और बेहद जरूरी बात है सही खोया या मिल्क पाउडर का इस्तेमाल. सर्दियों में सूखा खोया मिलने की संभावना ज्यादा होती है. बहुत ज्यादा सूखा या दानेदार खोया गुलाब जामुन को सख्त बना देता है. हमेशा चिकना और नरम खोया लें. अगर मिल्क पाउडर इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसमें थोड़ा सा दूध और घी जरूर मिलाएं ताकि आटा सॉफ्ट बने. सही नमी ही जामुन की जान होती है.

अगर गलती से आपके गुलाब जामुन सख्त बन गए हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. उन्हें दो से तीन घंटे तक हल्की गरम चाशनी में रहने दें. चाशनी में एक दो चम्मच गरम दूध या पानी मिला सकते हैं. परोसने से पहले 10 से 15 सेकंड माइक्रोवेव करने से भी थोड़ी नरमी आ जाती है.

कुछ आम गलतियां भी हैं, जिनसे बचना जरूरी है. बहुत गरम तेल में तलना, ठंडी चाशनी में जामुन डालना, कढ़ाही में ज्यादा जामुन भर देना, आटे को ज्यादा गूंथना और आराम का समय न देना. इन छोटी छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो सर्दियों में भी आपके गुलाब जामुन हर बार परफेक्ट बनेंगे.