Saturn 11th house spiritual remedies। शनि के ग्यारहवें भाव के प्रभाव

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Saturn In 11th House: ज्योतिष में शनि को कर्म, मेहनत, धैर्य और रिज़ल्ट का ग्रह कहा जाता है. यह इंसान की ज़िंदगी में उसी हिसाब से फल देता है, जैसा उसका व्यवहार, कर्म और सोच होती है. जब शनि जन्म कुंडली के ग्यारहवें भाव में बैठता है, तो इसकी पोज़िशन काफी मायने रखती है, क्योंकि ग्यारहवां भाव कमाई, इनकम सोर्सेज, नेटवर्किंग, सपोर्ट सिस्टम, दोस्त, सोशल सर्कल, लाभ, तरक्की और इच्छाओं की पूर्ति का होता है. इस जगह पर बैठकर शनि कई बार कमाल करता है, तो कई बार टेंशन भी देता है. फर्क इस बात पर पड़ता है कि कुंडली में शनि कैसा है, कौन सी राशी में है, किससे युति कर रहा है और इसका दृष्टि प्रभाव किन घरों पर पड़ रहा है. ग्यारहवें भाव का शनि ये बताता है कि जीवन में प्रोग्रेस एकदम नहीं मिलेगी, बल्कि धीरे-धीरे मेहनत के साथ पहुंचेगी, लेकिन जो रिज़ल्ट मिलेगा वो लंबे समय तक टिकाऊ होगा. इंसान अक्सर नौकरी या बिज़नेस में स्टेबिलिटी चाहता है, और शनि यह स्टेबिलिटी देने का पूरा पॉवर रखता है, बस इसके लिए व्यक्ति को नियम से चलना होता है. यानी समय पर काम, सही रवैया, ईमानदारी और धैर्य शनि को खुश रखता है. कई बार शनि यहां बैठकर इंसान को बहुत मजबूत बनाता है, क्योंकि उसे पता होता है कि मेहनत का फल देर से सही, लेकिन ठोस मिलता है.

हालांकि शनि एक स्ट्रिक्ट टीचर की तरह भी व्यवहार करता है. यदि इंसान शॉर्टकट, गलत रास्ता, धोखा या गलत तरीका अपनाता है, तो यही शनि ग्यारहवें भाव में बैठकर नुकसान भी दे सकता है. यानी रिश्तों में दूरी, दोस्तों से धोखा, इनकम में अटकाव, प्रमोशन में देरी, मेहनत का कम फल आदि. इसलिए इस पोज़िशन को समझना बहुत ज़रूरी है, ताकि इसकी पॉज़िटिव एनर्जी को सही दिशा में इस्तेमाल किया जा सके. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी, वास्तु विशेषज्ञ एवं न्यूमेरोलॉजिस्ट हिमाचल सिंह. (रोहन काल्पनिक नाम है)

अब समझते हैं कि शनि ग्यारहवें भाव में बैठकर क्या-क्या फल देता है -अच्छे भी और चुनौती वाले भी.

शनि ग्यारहवें भाव में होने के सकारात्मक प्रभाव
-इस जगह बैठा शनि इंसान को धीरे-धीरे लेकिन पक्के कदमों से सफलता दिलाता है.
-मेहनत के बदले मिलने वाला फल देर से मिलता है, लेकिन वह स्थाई होता है.
-ऐसे लोग संभलकर खर्च करते हैं, इसलिए बेटर फाइनेंशियल मैनेजमेंट होता है.
-अच्छे और मजबूत कॉन्टैक्ट बनते हैं, खास तौर पर उम्र में बड़े लोगों से मदद मिलती है.
-लाइफ में नेटवर्किंग स्ट्रॉन्ग होती है, जिससे आगे चलकर बड़े मौके मिलते हैं.
-कई बार सरकारी नौकरी, बड़ी कंपनी या बड़े प्रशासनिक पद की संभावना बन जाती है.
-बिज़नेस में धीरे-धीरे ग्रोथ के साथ स्टेबिलिटी आती है.
-वफादार और लंबे समय तक साथ देने वाले दोस्त मिल सकते हैं.
-समय के साथ इनकम सोर्स बढ़ते हैं और लाइफ में स्थायित्व आता है.

शनि ग्यारहवें भाव में होने के नकारात्मक प्रभाव
-शुरुआत में ज्यादा मेहनत लेकिन रिज़ल्ट कम मिलने का महसूस होता है.
-दोस्ती में गलतफहमी, दूरी या धोखा मिलने की संभावना रहती है.
-प्रमोशन, सैलरी हाइक या इनकम ग्रोथ में रुकावटें आ सकती हैं.
-कई बार सोशल लाइफ कमजोर होती है या लोगों से जुड़ने में झिझक रहती है.
-इंसान खुद को इमोशनली कंट्रोल में रखता है, जिससे रिश्तों में दूरी बन सकती है.
-कई बार परिवार या रिश्तेदारों से आर्थिक मदद की उम्मीद टूट सकती है.
-गलत कंपनी का साथ मिले तो नुकसान झेलना पड़ सकता है.
-फाइनेंशियल प्लानिंग गलत दिशा में हुई तो लॉस हो सकता है.

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शनि ग्यारहवें भाव में होने पर आसान और घरेलू उपाय
-शनि को खुश रखने के लिए शनिवार को सरसों के तेल का दान करें.
-जरूरतमंद, बुजुर्ग या दिव्यांग की सेवा हमेशा करें.
-शनिवार के दिन काले तिल, उड़द या नीले कपड़े का दान शुभ माना जाता है.
-हनुमान जी की पूजा या सुंदरकांड पाठ करने से मन को शांति मिलती है.
-लोहे का छल्ला मध्यमा उंगली में पहन सकते हैं, लेकिन इसे पहनने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
-शराब, नशा, गलत संगति और गलत शब्दों से बचें, ये शनि को नाराज़ करते हैं.
-शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में जल चढ़ाना मन को शांति देता है.
-अपने कर्म, व्यवहार और बोलचाल में सच्चाई रखें. यही सबसे बड़ा उपाय है.

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