प्रयागराज में फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, यूपी एसटीएफ ने मास्टमाइंड को किया गिरफ्तार
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Prayagraj News: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने फर्जी मार्कशीट व डिग्री प्रमाण पत्र देने वाले अंतर्राज्यीय गैंग का खुलासा किया है. टीम को छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत बरामद हुए. एसटीएफ ने गैंग के मुख्य सरगना मोहम्मद तारुक को प्रयागराज से गिरफ्तार किया.
प्रयागराज फर्जी डिग्री गैंगप्रयागराज: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. यूपीएसटीएफ ने विभिन्न राज्यों के मेडिकल संस्थानों के नाम पर बीएएमएस की फर्जी मार्कशीट और डिग्री प्रमाण पत्र जारी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा किया है. इस मामले में गिरोह के मुख्य सरगना मोहम्मद तारुक को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है.
एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त मोहम्मद तारुक लाखों रुपये लेकर मेडिकल की फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने का संगठित नेटवर्क चला रहा था. आरोपी प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र स्थित जीटीबी नगर का रहने वाला है. एसटीएफ ने उसे उसके कार्यालय और क्लीनिक ‘सावित्रीबाई फुले मेडिकल रिसर्च सेंटर’, 7बी, नियर हीना गोल्ड बेकरी, करेली से गिरफ्तार किया है.
छापेमारी में कई सबूत बरामद
गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ ने अभियुक्त के कब्जे से एक कम्प्यूटर सीपीयू, एक मोबाइल फोन, एक 32 जीबी पेन ड्राइव और 68 फर्जी मार्कशीट और डिग्री सर्टिफिकेट बरामद किए हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी 6 से 10 लाख रुपये लेकर बीएएमएस की फर्जी डिग्री उपलब्ध कराता था. इन फर्जी डिग्रियों के आधार पर कई लोग खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहे थे, जिससे आम जनता की जान को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था.
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में फैले मेडिकल संस्थानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था. आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और अब तक कई लोगों को फर्जी मेडिकल डिग्री उपलब्ध करा चुका था.
करेली थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज
यह पूरी कार्रवाई एसटीएफ के सीओ शैलेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई. अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद करेली थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके. फिलहाल मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है और एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोगों को फर्जी डिग्रियां दी जा चुकी हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.