Kanpur News: Supply chain disrupted due to political turmoil in America and Venezuela, Kanpur’s export business affected with many countries including Brazil.
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Kanpur Latest News : वेनेजुएला में आए राजनीतिक और आर्थिक संकट का असर अब कानपुर के निर्यात कारोबार पर साफ नजर आने लगा है. लैटिन अमेरिका का अहम व्यापारिक रास्ता प्रभावित होने से लेदर. सेफ्टी शूज और अन्य उत्पादों की सप्लाई अटक गई है. इससे कानपुर और प्रदेश के निर्यातकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.
कानपुर: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आए अचानक बदलाव का असर अब सीधे कानपुर के निर्यात कारोबार पर दिखाई देने लगा है. अमेरिका की कार्रवाई के बाद वेनेजुएला में बने अस्थिर हालात ने वहां की पूरी सप्लाई चेन को झकझोर कर रख दिया है. इसका असर सिर्फ वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ब्राजील. टोको और अन्य लैटिन अमेरिकी देशों के साथ होने वाले व्यापार पर भी पड़ा है. नतीजतन कानपुर और उत्तर प्रदेश के निर्यातकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.
वेनेजुएला से होकर जाता था अहम व्यापारिक रास्ता
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि भारत से वेनेजुएला में भले ही सीमित मात्रा में उत्पाद भेजे जाते थे. लेकिन यह देश आसपास के लैटिन अमेरिकी बाजारों के लिए एक अहम ट्रांजिट प्वाइंट था. वेनेजुएला के रास्ते टोको. ब्राजील और अन्य देशों तक भारतीय उत्पाद आसानी से पहुंचते थे. अब इस मार्ग के बाधित होने से पूरी सप्लाई चेन पर असर पड़ा है.
दवाइयों से लेकर लेदर तक सप्लाई प्रभावित
इस ट्रेड रूट के टूटने से दवाइयों. सेफ्टी शूज. लेदर और अन्य निर्यात उत्पादों की सप्लाई लगभग ठप हो गई है. कई शिपमेंट समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं. जिससे विदेशी ग्राहकों के साथ किए गए करार प्रभावित हो रहे हैं. निर्यातकों का कहना है कि लगातार हो रही देरी से उनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
कानपुर के लेदर उद्योग पर सीधा असर
कानपुर को देश का प्रमुख लेदर हब माना जाता है. यहां से जूते. बैग. सेफ्टी शूज और चमड़े से बने कई उत्पाद विदेशों में निर्यात किए जाते हैं. आलोक श्रीवास्तव के अनुसार ब्राजील एक बड़ा बाजार है. जहां कानपुर के लेदर उत्पादों की अच्छी मांग रहती है. लेकिन वेनेजुएला संकट के चलते अब नए ऑर्डर रुक गए हैं और पुराने ऑर्डर भी देरी का शिकार हो रहे हैं. इससे कई फैक्ट्रियों में उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
निर्यातकों पर बढ़ता आर्थिक दबाव
कानपुर की लेदर कारोबारी प्रेरणा वर्मा ने बताया कि प्रदेश के निर्यातक पहले से ही आर्थिक दबाव में हैं. कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी और भुगतान में देरी की समस्या बनी हुई है. अब वेनेजुएला संकट ने हालात और मुश्किल कर दिए हैं. उनका कहना है कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई. तो छोटे और मध्यम निर्यातकों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा.
सरकार से राहत की उम्मीद
निर्यातकों को उम्मीद है कि सरकार इस चुनौतीपूर्ण समय में उनके लिए कोई राहत पैकेज या वैकल्पिक समाधान लेकर आएगी. कारोबारी चाहते हैं कि नए बाजारों तक पहुंच आसान की जाए और लॉजिस्टिक सपोर्ट को मजबूत किया जाए. ताकि नुकसान को कुछ हद तक संभाला जा सके.
नए बाजारों की तलाश जरूरी
काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट के पूर्व चेयरमैन मुख्तारुल अमीन का कहना है कि मौजूदा हालात से सबक लेते हुए निर्यातकों को अपने व्यापार का दायरा बढ़ाना होगा. वेनेजुएला पर निर्भरता कम कर टोको. ब्राजील और अन्य सुरक्षित बाजारों पर सीधे फोकस करना जरूरी है. उनका मानना है कि जब तक वेनेजुएला की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं होती. तब तक निर्यातकों को इंतजार के साथ नए विकल्प तलाशने होंगे.
कारोबारियों के लिए चुनौतीपूर्ण दौर
कुल मिलाकर वेनेजुएला में आए राजनीतिक बदलाव ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार की एक अहम कड़ी को कमजोर कर दिया है. इसका सीधा असर कानपुर के लेदर और निर्यात उद्योग पर पड़ा है. अब कारोबारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नुकसान को संभालना और नए रास्ते तलाशना है. ताकि कानपुर का निर्यात कारोबार फिर से रफ्तार पकड़ सके.