Kanpur News: The rooftop garden has been turned into a park, and in 22 years, a full-fledged garden has sprung up on the rooftop. See exclusive photos of this Kanpur home’s rooftop garden.

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Kanpur Latest News : कानपुर के एक आम घर की छत आज किसी पार्क से कम नहीं दिखती. चारों ओर हरियाली. पेड़-पौधे. फूल और सब्ज़ियां नजर आती हैं. 22 साल की मेहनत से तैयार इस टॉप गार्डन ने यह साबित कर दिया है कि शहरी जीवन में भी प्रकृति को अपने घर तक लाया जा सकता है.

कानपुर: यूपी के  कानपुर में एक ऐसा घर है, जिसकी छत को देखकर कोई भी पहली नज़र में धोखा खा जाए. देखने में यह किसी बड़े पार्क या पब्लिक गार्डन से कम नहीं लगती. चारों ओर हरियाली. पेड़-पौधे. रंग-बिरंगे फूल और सब्ज़ियों की कतारें नजर आती हैं. लेकिन हकीकत यह है कि यह एक आम घर की छत है, जिसे 22 साल की मेहनत और लगन से एक खूबसूरत टॉप गार्डन में बदला गया है. यह अनोखा गार्डन इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

छत से शुरू हुआ हरियाली का सफर
इस टॉप गार्डन की शुरुआत करीब 22 साल पहले हुई थी. शुरुआत में छत पर कुछ गमलों में छोटे-छोटे पौधे लगाए गए. धीरे-धीरे पौधों की संख्या बढ़ती गई. हर साल नए पौधे लगाए गए और पुराने पौधों की नियमित देखभाल की गई. समय के साथ पौधे बड़े होते गए और पूरी छत हरियाली से ढकती चली गई. आज हालात यह हैं कि छत पर खड़े होकर नीचे का शहर कम और हरे-भरे पौधे ज्यादा दिखाई देते हैं.

छत पर उग रही ऑर्गेनिक सब्ज़ियां
इस गार्डन की सबसे खास बात यह है कि यहां ऑर्गेनिक तरीके से सब्ज़ियां उगाई जा रही हैं. छत पर ही ब्रोकली. टमाटर और कई तरह की मिर्च की खेती होती है. किसी भी तरह के केमिकल खाद या कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं किया जाता. इससे परिवार को ताज़ी और शुद्ध सब्ज़ियां घर पर ही मिल जाती हैं. इसके साथ ही यहां फलदार पौधे और रंग-बिरंगे फूल भी लगे हैं. जो छत की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं.

परिवार की मेहनत और पौधों से लगाव
इस पूरे गार्डन को विकसित करने में परिवार की मेहनत और लगन साफ नजर आती है. डॉ. आराधना गुप्ता बताती हैं कि उनके ससुर को पेड़-पौधों से बेहद लगाव है. वे रोज़ाना छत पर समय बिताते हैं. पौधों को पानी देना. उनकी कटाई-छंटाई करना और उनकी सेहत का ध्यान रखना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है. यही वजह है कि यह छत आज एक साधारण जगह नहीं, बल्कि एक जीवंत गार्डन बन चुकी है.

मानसिक सुकून और सेहत का साधन
यह टॉप गार्डन सिर्फ हरियाली तक सीमित नहीं है. बल्कि यह परिवार के लिए मानसिक सुकून और सेहत का भी बड़ा जरिया है. सुबह-शाम छत पर समय बिताने से तनाव कम होता है और प्रकृति से जुड़ाव महसूस होता है. हरियाली की वजह से घर का वातावरण भी ठंडा और शुद्ध बना रहता है. गर्मी के दिनों में भी छत पर ठंडक का एहसास होता है.

लोगों के लिए बन रहा उदाहरण
यह टॉप गार्डन अब सिर्फ एक घर तक सीमित नहीं है. इसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं. कई लोग यहां से प्रेरणा लेकर अपनी छतों को भी हरा-भरा बनाने की योजना बना रहे हैं. यह गार्डन साफ संदेश देता है कि अगर इच्छा और धैर्य हो. तो खाली पड़ी छत को भी एक सुंदर पार्क में बदला जा सकता है.

शहरों में हरियाली की नई पहल
यह कहानी बताती है कि शहरों में हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट की ही जरूरत नहीं होती. इसकी शुरुआत अपने घर से भी की जा सकती है. कानपुर की यह छत पर्यावरण संरक्षण. स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवन की दिशा में एक छोटी लेकिन प्रेरणादायक पहल बन चुकी है.

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22 साल की मेहनत, खाली छत से हरा स्वर्ग, शहरों के लिए बड़ा संदेश

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