आम के बागानों में लगी है दीमक? पेड़ों पर करें इस घोल का छिड़काव, दीमक का हो जाएगा सफाया
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आम की खेती किसानों के लिए एक बेहद लाभदायक व्यवसाय मानी जाती है. आम को फलों का राजा कहा जाता है और इसकी मांग न सिर्फ देश में बल्कि पूरी दुनिया में बनी रहती है. यही वजह है कि आम अच्छे दामों पर बिकता है और बागवानों को इससे अच्छा मुनाफा होता है.

आम का मौसम नजदीक आते ही आम के पेड़ों की सही देखभाल हर किसान के लिए बेहद अहम हो जाती है. आम केवल एक फल नहीं, बल्कि लाखों किसानों की आय का प्रमुख साधन भी है. समय पर ध्यान न देने पर आम के बागानों में दीमक का हमला भारी नुकसान पहुंचा सकता है. दीमक पेड़ की जड़ों और तने के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे धीरे-धीरे पेड़ की बढ़वार रुक जाती है, पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और फलन कम हो जाता है. यदि समय रहते उपाय न किए जाएं तो पूरा पेड़ सूखकर नष्ट भी हो सकता है.

जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार के अनुसार आम की बागवानी किसानों के लिए काफी लाभकारी होती है, लेकिन कई बार आम के पेड़ों में दीमक लगने से विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं. आने वाले दिनों में आम के पेड़ों में मंजर आने वाला है, ऐसे समय में यदि दीमक का प्रकोप हो तो नुकसान बढ़ सकता है. हालांकि, आम में दीमक से बचाव के लिए कुछ प्रभावी उपाय मौजूद हैं, जिनके जरिए इस समस्या से राहत पाई जा सकती है.

आम के पेड़ों में लगी दीमक से बचाव के लिए दही, चूना, ब्लिटॉक्स और क्लोरोपाइरीफ़ॉस के घोल का उपयोग किया जा सकता है. चूने में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, ज़िंक और मैंगनीज़ जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जो आम के पेड़ को पोषण प्रदान करते हैं और कीट व रोगों से लड़ने में मददगार साबित होते हैं.
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क्लोरोपाइरीफ़ॉस एक प्रभावी कीटनाशक है, जिसका उपयोग पेड़-पौधों में लगी दीमक और कीड़ों को नष्ट करने के लिए किया जाता है. वहीं ब्लिटॉक्स एक व्यापक-स्पेक्ट्रम सुरक्षात्मक कवकनाशी है, जिसमें कवकनाशक और जीवाणुनाशक दोनों गुण होते हैं. इसका प्रयोग आम की फसलों में विभिन्न कवक और जीवाणु रोगों से बचाव के लिए किया जाता है. इन तीनों चीजों से तैयार कीटनाशक घोल का इस्तेमाल आम के पेड़ों में दीमक हटाने के लिए जरूर करना चाहिए.

आम के पेड़ों में लगी दीमक को खत्म करने के लिए चूना, ब्लिटॉक्स और क्लोरोपाइरीफ़ॉस से तैयार घोल काफी उपयोगी और फायदेमंद माना जाता है. इसके उपयोग के लिए सबसे पहले जिस तने में दीमक लगी हो, उस हिस्से को खरोंचकर दीमक और मिट्टी को साफ करना चाहिए. इसके बाद 1 लीटर चूने के घोल में 5 ग्राम ब्लिटॉक्स और 2.5 मिलीलीटर क्लोरोपाइरीफ़ॉस मिलाकर घोल तैयार करें और ब्रश की मदद से दीमक प्रभावित जगह पर गहरी पुताई करें. इस तरीके से दीमक की समस्या से स्थायी रूप से छुटकारा पाया जा सकता है.

आम के पेड़ों में जहां दीमक का प्रकोप अधिक हो, वहां खट्टे दही का उपयोग किया जा सकता है. इसके लिए पुराना और ज्यादा खट्टा दही लें, उसका घोल तैयार करें और स्प्रे बोतल में भर लें. इस खट्टे दही का पेड़-पौधों पर छिड़काव करने से दीमक से राहत मिल सकती है.

इस तकनीक के जरिए आम के पेड़ों में लगने वाले दीमक के प्रकोप से छुटकारा पाया जा सकता है और इसमें ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती. इस विधि को अपनाकर आसानी से आम के पेड़ों में लगे दीमक को नष्ट किया जा सकता है.