Litti-Chicken: छपरा में खाना है लिट्टी-चिकन तो पहुंचें यहां, स्वाद ऐसा कि गोपालगंज-सीवान से आते हैं लोग
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छपरा के थाना चौक का ‘चिकन-लिट्टी’ (चाप लिट्टी) अपने घरेलू मसालों और शुद्धता के कारण पूरे क्षेत्र में मशहूर है. दुकानदार रूपेश मात्र ₹70 में एक प्लेट परोसते हैं. जिसमें घर जैसा स्वाद मिलता है. स्वाद का जादू ऐसा है कि स्थानीय लोगों के साथ सीवान और गोपालगंज के लोग भी इसका स्वाद लेने पहुँचते हैं.
सारण: बिहार के खान-पान में लिट्टी-चोखा का नाम तो जगजालिम है, लेकिन इन दिनों छपरा का ‘चिकन-लिट्टी’ (जिसे स्थानीय लोग चाप लिट्टी भी कहते हैं) लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. छपरा शहर का थाना चौक अब इस स्वाद का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां की खुशबू न केवल जिले में बल्कि पड़ोसी जिलों सीवान और गोपालगंज तक फैल चुकी है.
क्यों खास है यहां का स्वाद?
दुकानदार रूपेश के अनुसार, इस स्वाद का राज शुद्ध घरेलू मसाले हैं. वे बाजार के मिलावटी मसालों के बजाय अदरक, लहसुन, सरसों तेल और जीरा-मरिच जैसे मसालों को खुद पिसवाकर तैयार करते हैं.
लिट्टी की खासियत: लिट्टी को शुद्ध चने के सत्तू से बनाया जाता है, जिसमें लहसुन, हरी मिर्च, अदरक, गोल मरिच और घी का उचित मिश्रण होता है.
घर जैसा स्वाद: बिना किसी मिलावट के तैयार होने के कारण यह चिकन-लिट्टी खाने में भारी नहीं लगती और ग्राहकों को घर जैसा अनुभव देती है.
किफायती दाम और भारी भीड़
थाना चौक पर शाम होते ही कई ठेले सज जाते हैं, जहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है. यहां मात्र ₹70 में दो लिट्टी और दो पीस चिकन की प्लेट दी जाती है. स्वाद ऐसा कि बड़े-बड़े रेस्टोरेंट भी इसके आगे फीके पड़ जाते हैं.
सीवान से आए ग्राहक नीतीश भारती बताते हैं कि वे पिछले 5 वर्षों से यहां के चाप लिट्टी के मुरीद हैं. वे जब भी किसी काम से छपरा आते हैं, यहां का स्वाद लेना नहीं भूलते. ठंड के मौसम में यहां गर्मागर्म चाप लिट्टी खाने का आनंद दोगुना हो जाता है, जिसके लिए लोगों को अक्सर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.