बाजार जैसी मावा गजक अब घर पर करें तैयार, स्वाद और सेहत का मिलेगा डबल फायदा, जानें आसान रेसिपी
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Mawa Gajak Recipe: सर्दियों में मावा गजक स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है. तिल, गुड़ और मावे से बनी यह पारंपरिक मिठाई शरीर को गर्माहट और ऊर्जा देती है. खास बात यह है कि मावा गजक को अब आसानी से घर पर भी शुद्ध तरीके से बनाया जा सकता है. सही सामग्री और आसान विधि अपनाकर घर की बनी गजक बाजार से ज्यादा स्वादिष्ट और पौष्टिक बनती है, जिसे बच्चे और बुजुर्ग सभी पसंद करते हैं.

सर्दियों का मौसम शुरू होते ही बाजारों में तरह-तरह की गजक की खुशबू फैलने लगती है, लेकिन मावा गजक का स्वाद सबसे अलग होता है. तिल, गुड़ और मावे से बनी यह पारंपरिक मिठाई न केवल खाने में बेहद लाजवाब लगती है, बल्कि ठंड के दिनों में शरीर को गर्माहट और भरपूर ऊर्जा भी देती है. मावा गजक में मौजूद पोषक तत्व कमजोरी दूर करने में मदद करते हैं. खास बात यह है कि अब इस स्वादिष्ट गजक के लिए बाजार जाने की जरूरत नहीं, इसे आप घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं.

मावा गजक को खासतौर पर राजस्थान में सर्दियों की पारंपरिक पहचान माना जाता है. तिल और गुड़ की तासीर गर्म होती है, जो ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म रखती है, जबकि मावा भरपूर ऊर्जा प्रदान करता है. यही वजह है कि यह गजक सर्दियों में कमजोरी, थकान और ठंड से बचाव के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. स्वाद और पोषण से भरपूर मावा गजक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को खूब पसंद आती है. यह मिठाई न सिर्फ स्वाद बढ़ाती है, बल्कि शरीर को ताकत भी देती है.

अगर आप घर पर मावा गजक बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए ज्यादा सामान की जरूरत नहीं होती. इसे बनाने के लिए सफेद तिल, गुड़, मावा, देसी घी और थोड़ा सा इलायची पाउडर ही काफी है. ये सभी सामग्री आसानी से घर में या नजदीकी दुकान पर मिल जाती हैं. घर पर बनी मावा गजक पूरी तरह शुद्ध होती है और बाजार की गजक के मुकाबले स्वाद में भी ज्यादा बेहतरीन लगती है. साथ ही इसमें मिलावट का कोई डर नहीं रहता. सर्दियों में यह मिठाई घर पर बनाकर परिवार के साथ खाने का अलग ही आनंद मिलता है.
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सबसे पहले सफेद तिल को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए हल्का सुनहरा होने तक भून लें. इस बात का खास ध्यान रखें कि तिल जलने न पाएं, क्योंकि जले हुए तिल गजक का स्वाद खराब कर सकते हैं. तिल भुनने के बाद उन्हें एक प्लेट में निकालकर अलग रख दें. इसके बाद कढ़ाही में थोड़ा सा देसी घी डालें और उसमें गुड़ डालकर धीमी आंच पर पिघलाएं. जब गुड़ पूरी तरह पिघलकर हल्की चाशनी जैसा हो जाए, तब आंच बहुत धीमी रखें.

अब पिघले हुए गुड़ में मावा डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते रहें ताकि मावा गुड़ में अच्छे से घुल जाए. जब मावा और गुड़ पूरी तरह मिक्स हो जाएं, तब इसमें भुने हुए सफेद तिल और इलायची पाउडर डाल दें. इस मिश्रण को कुछ मिनट तक लगातार चलाते रहें, जिससे सभी सामग्री एकसार हो जाएं और खुशबू आने लगे. यही वह अहम स्टेज होती है, जहां मावा गजक का असली स्वाद और खुशबू तैयार होती है. इस दौरान आंच नियंत्रित रखना जरूरी है ताकि मिश्रण जले नहीं.

जब मिश्रण थोड़ा गाढ़ा होने लगे, तब गैस बंद कर दें. अब एक प्लेट या ट्रे पर हल्का सा देसी घी लगाएं और तैयार मिश्रण को उसमें डालकर फैलाएं. बेलन या चम्मच की मदद से इसे समान रूप से समतल कर लें. ऊपर से चाहें तो कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर हल्का दबा दें. मिश्रण को कुछ देर हल्का ठंडा होने दें ताकि वह सेट हो जाए. इसके बाद गजक को मनचाहे आकार में काट लें. स्वादिष्ट और पौष्टिक मावा गजक अब परोसने के लिए तैयार है.