दिल्ली: मोबाइल टावर यूनिट चोरी रैकेट का खुलासा, आफताब गिरफ्तार
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Delhi पुलिस क्राइम ब्रांच ने आफताब उर्फ रेहान को गिरफ्तार कर 2 करोड़ के 130 रेडियो रिमोट यूनिट्स बरामद किए, जो मोबाइल टावरों से चोरी कर दुबई भेजे जा रहे थे. जांच जारी है.

Delhi Crime News: देशभर में मोबाइल नेटवर्क को ठप करने वाली चोरी की वारदातों के पीछे सक्रिय एक अंतर-राज्यीय गिरोह का आखिरकार पर्दाफाश हो गया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल ने मोबाइल टावरों से कीमती उपकरण चुराकर उन्हें विदेश भेजने वाले एक रैकेट के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई में करीब 2 करोड़ रुपये कीमत के 130 रेडियो रिमोट यूनिट्स बरामद की गई हैं, जिनके जरिए 60 से ज्यादा चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है.
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान आफताब उर्फ रेहान (28) के रूप में हुई है, जो दिल्ली के गोकलपुरी इलाके का रहने वाला है. उसका सहयोगी रबनवाज उर्फ बॉबी (40) को पुलिस ने कानून के तहत पाबंद किया है. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मोबाइल टावरों से चोरी किए गए रेडियो रिमोट यूनिट्स को पहले दिल्ली के ट्रांस-यमुना इलाके में जमा करता था और फिर उन्हें कबाड़ बताकर दुबई भेजने की योजना बनाता था.
आपको बता दें कि रेडियो रिमोट यूनिट मोबाइल टावर का बेहद अहम और महंगा हिस्सा होता है. एक यूनिट की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये बताई जा रही है. इनके चोरी हो जाने से न सिर्फ टेलीकॉम कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि नेटवर्क सेवाएं भी बाधित हो जाती हैं. पुलिस को लंबे समय से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों से ऐसी चोरी की सूचनाएं मिल रही थीं.
इसी कड़ी में 26 दिसंबर 2025 को क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई की. इंस्पेक्टर शिवराज सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित टीम ने एक टाटा 407 वाहन को रोका, जो चोरी के रेडियो रिमोट यूनिट्स को लेकर एक्सपोर्ट के लिए जा रहा था. दिल्ली के धौला कुआं इलाके से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया और वाहन से 130 चोरी की गई रेडियो रिमोट यूनिट्स बरामद की गईं.
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे ये रेडियो रिमोट यूनिट्स अलग-अलग राज्यों में सक्रिय चोरों से करीब 90 हजार रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदते थे. इसके बाद ट्रांसपोर्टर की मदद से फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार कर इन्हें स्क्रैप बताकर कस्टम क्लियरेंस कराने की कोशिश की जाती थी. जांच में यह भी सामने आया है कि आफताब पहले भी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में इसी तरह के 10 मामलों में शामिल रहा है.
बरामद रेडियो रिमोट यूनिट्स की पुष्टि के लिए एयरटेल कंपनी के प्रतिनिधियों को बुलाया गया, जिन्होंने बताया कि इनमें से 60 यूनिट्स अलग-अलग राज्यों में स्थित उनके मोबाइल टावरों से चोरी की गई थीं. बाकी यूनिट्स की पहचान और मालिकाना हक की जांच अभी जारी है. पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े फरार आरोपियों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
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Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें