Ayodhya News : क्या अयोध्या का पानी सुरक्षित? इंदौर हादसे के बाद नगर निगम ने शुरू की सघन जांच
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Ayodhya News : इंदौर हादसे के बाद अयोध्या नगर निगम अलर्ट मोड में है. शहर की मलिन बस्तियों, पाइपलाइन क्षेत्रों और हैंडपंपों के पानी की सघन जांच कराई जा रही है. ओटी टेस्ट से लेकर लैब रिपोर्ट तक सभी मानकों पर पानी को परखा गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सप्लाई हो रहा पानी पूरी तरह पीने योग्य है या नहीं.
अयोध्या : मध्य प्रदेश के इंदौर में गंदा पानी पीने से बच्चों की मौत की घटना के बाद देशभर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. इसी क्रम में अयोध्या धाम नगर निगम क्षेत्र में भी पानी की सघन जांच कराई जा रही है. नगर निगम की ओर से विशेष रूप से मलिन बस्तियों में पेयजल की गुणवत्ता की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी अनहोनी को रोका जा सके.
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में जहां पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है, वहां सप्लाई होने वाले पानी की नियमित जांच की जा रही है. वहीं जिन इलाकों में पाइपलाइन की सुविधा नहीं है, वहां हैंडपंप के पानी के सैंपल लेकर परीक्षण कराया गया है. अब तक सामने आई सभी जांच रिपोर्ट में पानी को पूरी तरह शुद्ध और पीने योग्य पाया गया है.
3 तरीके से होती है पानी की जांच
नगर निगम ने अयोध्या क्षेत्र की जलापूर्ति को तीन जोन अयोध्या धाम, अवधपुरी और कौशलपुरी में विभाजित किया है. इन तीनों जोन में पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए अलग-अलग टेस्टिंग टीमें तैनात की गई हैं. ये टीमें रोजाना सुबह पानी की सप्लाई के समय फील्ड में जाकर विभिन्न स्थानों से पानी के सैंपल एकत्र करती हैं. फील्ड स्तर पर सबसे पहले ओर्थोटोलिडीन (ओटी) टेस्ट के जरिए क्लोरीन की मात्रा की जांच की जाती है .इसके साथ ही टीडीएस (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स) और पीएच वैल्यू की भी जांच की जाती है. इसके बाद सैंपलों को मॉनिटरिंग लैब भेजा जाता है, जहां पानी की फिजिकल और केमिकल टेस्टिंग की जाती है.सभी मानकों पर पानी सुरक्षित और पीने योग्य पाया गया है.
पानी की मॉनिटरिंग के लिए टीम गठित
अयोध्या नगर निगम जलकल विभाग के महाप्रबंधक सौरव श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में सप्लाई होने वाले हर पानी की नियमित और प्रॉपर जांच की जाती है. पानी की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने के लिए एक अलग मॉनिटरिंग टीम गठित की गई है, जो लगातार निगरानी कर रही है .उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक होने वाली जलापूर्ति के दौरान भी टीम पूरी तरह सक्रिय रहती है.
मलिन बस्तियों में गंदे पानी की आशंका?
महाप्रबंधक ने यह भी स्पष्ट किया कि इंदौर की घटना के बाद सबसे पहले अयोध्या की मलिन बस्तियों में जांच शुरू की गई, क्योंकि वहां गंदे पानी की आशंका अधिक रहती है. हालांकि जांच में मलिन बस्तियों और हैंडपंपों का पानी भी पूरी तरह स्वच्छ पाया गया है. उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि अयोध्या धाम में सप्लाई हो रहा पानी पूरी तरह पीने योग्य है और नागरिकों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.
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मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें