हौसलों की दौड़ में अव्वल शिवम! बचपन से दोनों हाथ नहीं, फिर भी पैरों से रचा इतिहास
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Saharanpur News : सहारनपुर के शिवम कुमार ने साबित कर दिया कि हौसलों के आगे कोई कमी बाधा नहीं बन सकती. जन्म से ही दोनों हाथ न होने के बावजूद शिवम ने उत्तर प्रदेश पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर पैरों से इतिहास रच दिया.
सहारनपुर : दिव्यांगता किसी व्यक्ति के लिए अभिशाप नहीं, बल्कि संकल्प और साहस के साथ उसे शक्ति में बदला जा सकता है. इस कथन को सहारनपुर के शिवम कुमार ने सच कर दिखाया है. जन्म से ही दोनों हाथ न होने के बावजूद शिवम ने अपने जोश, जुनून और जज्बे के बल पर उत्तर प्रदेश राज्य पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर एक नई मिसाल कायम की है.
हाल ही में बरेली में आयोजित यूपी पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शिवम कुमार का यह प्रदर्शन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश भर के दिव्यांग युवाओं के लिए प्रेरणा भी बन गया है. शिवम का बचपन संघर्षों से भरा रहा. जब उन्हें यह अहसास हुआ कि वे दूसरों से अलग हैं, तो मन में पीड़ा जरूर आई, लेकिन उन्होंने पढ़ाई को अपनी ताकत बनाया और कभी हार नहीं मानी.
2022 से शुरू हुआ खेल का सफर
शिवम कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वर्ष 2022 में बीए में प्रवेश लेने के दौरान उन्हें यह जानकारी मिली कि दिव्यांग खिलाड़ी भी पैरा ओलंपिक के जरिए देश का नाम रोशन कर सकते हैं. इसी सोच के साथ उन्होंने दौड़ की प्रैक्टिस शुरू की. दौड़ में आमतौर पर हाथों की भूमिका बेहद अहम होती है, क्योंकि गति और संतुलन के लिए हाथों से पावर मिलती है. लेकिन दोनों हाथ न होने के बावजूद शिवम ने हार नहीं मानी और पैरों की ताकत और संतुलन के सहारे अपनी एक अलग तकनीक विकसित की.
पहले भी जीत चुके हैं स्वर्ण पदक
शिवम ने बताया कि इससे पहले वह 2022 में 800 मीटर और 1500 मीटर दौड़ में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं. ताजा प्रतियोगिता में 1500 मीटर में गोल्ड जीतना उनके लिए एक और बड़ी उपलब्धि है. हालांकि उनका कहना है कि असली खुशी तब मिलेगी, जब वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाएंगे.
पैरा ओलंपिक है अगला लक्ष्य
कड़ाके की सर्दी के बीच भी शिवम कुमार रोजाना कड़ी मेहनत में जुटे हैं. जब लोग ठंड में घरों से बाहर निकलने से बचते हैं, तब शिवम मैदान में अभ्यास कर रहे हैं. उनका लक्ष्य साफ है. पैरा ओलंपिक में हिस्सा लेकर स्वर्ण पदक जीतना और सहारनपुर के साथ-साथ पूरे देश का नाम रोशन करना.शिवम कुमार की कहानी यह साबित करती है कि सीमाएं शरीर की नहीं, सोच की होती हैं. उनके जज्बे के आगे चुनौतियां भी छोटी पड़ जाती हैं.
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मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें