मिस्टर सिंह को आया फोन, बोला- 92 लाख रुपये दो, 15 दिन बाद खुला पूरा केस, कहा- साहब टाइम दीजिए

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78 वर्षीय जयंत सिंह को 19 दिसंबर को ठग ने वीडियो कॉल किया था. वीडियो कॉल कर ठग ने खुद को सीबीआई अफसर बताया था. जयंत को डराया गया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है. जयंत को बताया गया कि उनके खिलाफ मुंबई में कई मुकदमे दर्ज हैं.

मिस्टर सिंह को आया फोन, बोला- 92 लाख रुपये दो, 15 दिन बाद खुला पूरा केसलखनऊ में रिटायर्ड अफसर को 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा रहा. (सांकेतिक तस्वीर-AI)

लखनऊः देशभर में साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. यही कारण है कि सरकार लगातार जागरुकता अभियान चला रही है. यूपी सरकार ने भी साइबर फ्रॉड के खिलाफ जागरुकता बढ़ाने के लिए वीडियो जारी किया है. लेकिन मामले अब भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला राजधानी लखनऊ का है, जहां रिटायर्ड सरकारी अधिकारी को 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया गया. जालसाजों ने रिटायर्ड अधिकारी जयंत कुमार सिंह से 92 लाख रुपए वसूल लिए. गोमती नगर विस्तार के ऋषिता अपार्टमेंट निवासी जयंत सिंह सरकारी विभाग से रिटायर्ड हैं.

78 वर्षीय जयंत सिंह को 19 दिसंबर को ठग ने वीडियो कॉल किया था. वीडियो कॉल कर ठग ने खुद को सीबीआई अफसर बताया था. जयंत को डराया गया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है. जयंत को बताया गया कि उनके खिलाफ मुंबई में कई मुकदमे दर्ज हैं. जेल भेजने की धमकी देते हुए ठग ने व्हाट्सएप पर कोर्ट का वारंट भी भेजा. बुरी तरह डरे जयंत सिंह से उनके बैंक खातों की जानकारी ले ली. जयंत सिंह को कुछ बैंक खाते भेजकर उसमें अपनी सारी ट्रांसफर करने को कहा. जांच के बाद क्लीनचिट देकर रकम वापस करने की बात कही गई. ठग ने धमकाया कि इस दौरान किसी से भी बातचीत की तो तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

2 जनवरी तक जयंत सिंह ने कई खातों में 92 लाख ट्रांसफर कर दिए. हिम्मत जुटा कर फिर 2 जनवरी को जयंत सिंह ने ठगों का फोन काटा. इसके बाद परिजनों और रिश्तेदारों को मामले की जानकारी दी. तब पता चला कि वो ठगी का शिकार हो गए हैं. एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच में जुटी लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस. बता दें कि हाल ही में ऐसा एक मामला प्रयागराज जिले से आया था, जहां एक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया. लेकिन जब महिला बैंक पैसा निकालने गई तो बैंक मैनेजर की जागरुकता के कारण वह शिकार होने से बच गई.

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Prashant Rai

प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें

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