NCB Big Action | Dawood Ibrahim ISI Drug Network | Jaggu Bhagwanpuria – ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ा प्रहार: हाजी यूसुफ–जग्गु भगवानपुरिया गैंग का लिंक टूटा, NCB ने अमृतसर के संदीप चट्ठा को बुड़ैल जेल में किया नजरबंद
चंडीगढ़/अमृतसर. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने साल 2026 की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए पंजाब के अमृतसर निवासी और कुख्यात ड्रग्स स्मगलर संदीप चट्ठा को नजरबंद कर दिया है. संदीप चट्ठा को चंडीगढ़ की हाई-सिक्योरिटी बुड़ैल जेल में रखा गया है. NCB के अनुसार, संदीप अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा एक अहम कड़ी है और उसका सीधा संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और पाकिस्तान की ISI के खासमखास हाजी यूसुफ से जुड़ा हुआ है.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, संदीप चट्ठा नॉर्थ इंडिया के कुख्यात गैंगस्टर जग्गु भगवानपुरिया और पाकिस्तान में सक्रिय डी-कंपनी से जुड़े हाजी यूसुफ का करीबी सहयोगी रहा है. संदीप पर आरोप है कि वह भारत में ड्रग्स की सप्लाई, नेटवर्क मैनेजमेंट और हवाला के जरिए पैसों की आवाजाही में अहम भूमिका निभाता था. NCB सूत्रों के अनुसार, संदीप का नाम पहले भी कई ड्रग्स तस्करी मामलों में सामने आ चुका है लेकिन हालिया इनपुट्स और इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के आधार पर उसे नजरबंद करने का फैसला लिया गया.
बड़े ड्रग माफिया से भी कनेक्शन
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि संदीप चट्ठा के संबंध भारत के बड़े ड्रग माफिया अक्षय छाबड़ा से भी रहे हैं. अक्षय छाबड़ा और जग्गु भगवानपुरिया दोनों फिलहाल नॉर्थ ईस्ट की अलग-अलग जेलों में बंद हैं, लेकिन जेल से भी इनके नेटवर्क सक्रिय रहने के संकेत जांच एजेंसियों को मिले हैं. NCB का मानना है कि संदीप चट्ठा इन दोनों अपराधियों और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के बीच एक महत्वपूर्ण “लिंक” के तौर पर काम कर रहा है.
कौन है हाजी यूसुफ?
हाजी यूसुफ एक कुख्यात अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलर है, जो पाकिस्तान और दुबई से अपने ड्रग्स नेटवर्क का संचालन करता है. भारतीय एजेंसियों-NCB और ईडी के मुताबिक, हाजी यूसुफ को कई बड़े नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में मुख्य आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसियों का दावा है कि 2020 से 2022 के बीच हाजी यूसुफ ने करीब 2000 किलो हेरोइन भारत भेजी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 8,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी. यह हेरोइन भारत के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई की गई, जिससे देश में नशे का बड़ा नेटवर्क खड़ा हो गया.
ED और NCB की संयुक्त जांच में सामने आया है कि हाजी यूसुफ का गिरोह पंजाब के लुधियाना स्थित ड्रग माफिया अक्षय छाबड़ा और कुछ अफगानी नागरिकों के साथ मिलकर काम करता था. ड्रग्स की खेप मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के जरिए भारत में पहुंचाई जाती थी. तस्करी के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाए जाते थे। ड्रग्स को अनार के जूस, टमाटर प्यूरी और अन्य खाद्य पदार्थों की खेप में छिपाकर भेजा जाता था, ताकि जांच एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके.
NCB की रणनीतिक कार्रवाई
NCB अधिकारियों का कहना है कि संदीप चट्ठा को नजरबंद करना केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे ड्रग सिंडिकेट को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है. एजेंसी को आशंका थी कि अगर संदीप खुले में रहा तो वह विदेश में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर नेटवर्क को फिर से सक्रिय कर सकता है. इसलिए उसे नजरबंदी कानून के तहत हिरासत में लेकर बुड़ैल जेल भेजा गया है, जहां उसकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी.
आगे और खुलासों की संभावना
NCB सूत्रों का दावा है कि संदीप चट्ठा से पूछताछ और तकनीकी सबूतों के आधार पर आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं. एजेंसी को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से पाकिस्तान और दुबई से संचालित ड्रग सिंडिकेट को बड़ा झटका लगेगा.