‘कोई ये न सोचे मैं ये नहीं कर सकता’, 89 साल के धर्मेंद्र की 100% देने की थी जिद्द

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नई दिल्ली. 89 साल की उम्र में भी धर्मेंद्र का जज्बा आज के कलाकारों के लिए मिसाल बना हुआ है. उम्र को कभी अपनी कमजोरी न मानने वाले धर्मेंद्र ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जुनून के आगे सालों का हिसाब बेमानी होता है. किसी प्रोजेक्ट के दौरान उन्होंने साफ कहा था कि कोई ये न सोचे कि वह अब कुछ नहीं कर सकते. अपने काम को 100 प्रतिशत देने की जिद में धर्मेंद्र ने वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद कम ही लोग करते हैं. थकान, उम्र या सीमाओं की परवाह किए बिना उन्होंने अपनी आखिरी फिल्म में वो सब किया, जो साबित करता है कि वो बॉलीवुड के असली ही-मैन क्यों बने.

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ हाल ही में रिलीज हुई है और उनके फैंस इस फिल्म में उनके हर पल को सेलिब्रेट कर रहे हैं. नवंबर में 89 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले इस ही-मैन ऑफ बॉलीवुड ने अपनी अंतिम फिल्म में भी अपनी एनर्जी से सभी को प्रभावित किया. क्या आप जानते हैं इस फिल्म के लिए डांस स्टेप्स उन्होंने रात के 3 बजे सीखे.

‘मैं ये क्यों नहीं कर सकता?’

हाल ही में कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने पिंकविला को दिए इंटरव्यू में फिल्म की शूटिंग के दौरान एक दिल छू लेने वाला किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि एक कव्वाली सीक्वेंस की शूटिंग रात 2:30-3 बजे तक चल रही थी. टीम ने धर्मेंद्र को कहा कि उन्हें सिर्फ थोड़ा-सा मूवमेंट करना है, जो उनके लिए कम्फर्टेबल हो. लेकिन धर्मेंद्र ने पूछा, ‘बाकी लड़के क्या कर रहे हैं?’ जब उन्हें बताया गया कि दूसरे डांसर्स एक-दूसरे के कंधों पर हाथ रखकर लेग स्टेप कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मैं ये क्यों नहीं कर सकता?’

‘कोई ये न सोचे मैं ये नहीं कर सकता’

विजय गांगुली ने आगे कहा, ‘वे बैठे थे क्योंकि बार-बार उठना उनके लिए मुश्किल था. फिर भी वे उठे और स्टेप्स करने पर जोर दिया. हमने उन्हें कई रिटेक्स से रोकने की कोशिश की क्योंकि ये उनके लिए शारीरिक रूप से थकाने वाला होता, लेकिन उनके मन में था कि वे 100 प्रतिशत दें. उन्हें लगता था कि कोई यह न सोचे कि वे नहीं कर सकते. उन्होंने किया तो हर कोई हैरान था. हर किसी ने कहा- ‘वाह, ये तो कमाल है!’

श्रीराम राघवन ने धर्मेंद्र का एक्टिंग को लेकर क्या कहा?

वहीं, फिल्म के निर्देशक श्रीराम राघवन ने भी धर्मेंद्र के किरदार को लेकर दिलचस्प खुलासा किया है. द हिंदू से बातचीत में उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र के साथ अभिनय जैसा कुछ था ही नहीं. उनकी चाल, उनका उठना-बैठना और बॉडी लैंग्वेज खुद किरदार का हिस्सा बन गई थी. निर्देशक के मुताबिक, पंजाब में अपना घर छोड़ने का जो दर्द धर्मेंद्र ने निजी जिंदगी में महसूस किया, वही सालों में उनके शरीर और भावनाओं में बस गया है. यही वजह है कि फिल्म में अपने घर लौटने का विचार उनके लिए बेहद निजी अनुभव बन गया.

सच्ची कहानी पर आधारित है इक्कीस

आपको बता दें कि 1 जनवरी 2026 को रिलीज हुई यह फिल्म, जो श्रीराम राघवन द्वारा निर्देशित है, 1971 के युद्ध में शहीद हुए सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की सच्ची कहानी पर आधारित है. फिल्म में अगस्त्य नंदा ने अरुण खेत्रपाल का रोल निभाया है, जबकि धर्मेंद्र ने उनके पिता ब्रिगेडियर एम.एल. खेत्रपाल का किरदार किया है. जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया, सिकंदर खेर जैसे कलाकार भी इसमें नजर आए हैं.

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