Faiz e Ilahi Masjid Bulldozer Action | Turkman Gate Bulldozer Action | Mosque Bulldozer Action | फैज-ए-इलाही मस्जिद से दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी उमर का कनेक्शन, एमसीडी का बुलडोजर एक्शन
इस पथराव में चांदनी महल थाना प्रभारी महावीर प्रसाद समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें एसएचओ की हालत गंभीर बताई जा रही है. हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े. जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने बताया कि स्थिति को न्यूनतम बल प्रयोग के साथ नियंत्रित कर लिया गया और किसी बड़े टकराव से बचा लिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई से पहले अमन कमेटी और स्थानीय लोगों के साथ कई बैठकें की गई थीं, ताकि शांति बनी रहे.
फैज ए इलाही मस्जिद से उमर का कैसा कनेक्शन?
इस बीच दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि लाल किला ब्लास्ट का आरोपी आतंकी उमर वारदात से पहले इसी इलाके में देखा गया था. सीसीटीवी फुटेज में उमर को फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास और मस्जिद के अंदर करीब 15 से 20 मिनट तक मौजूद देखा गया है. जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लास्ट से पहले उमर मस्जिद के भीतर भी गया था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही थीं कि वहां उसका मकसद क्या था और किन लोगों से उसका संपर्क हुआ.
खुफिया एजेंसियों की खास निगरानी में तुर्कमान गेट इलाका
सूत्रों के अनुसार, इसी कनेक्शन के सामने आने के बाद से तुर्कमान गेट और फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास का इलाका पुलिस और खुफिया एजेंसियों की खास निगरानी में है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि बुलडोजर कार्रवाई का सीधा संबंध ब्लास्ट जांच से नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चिह्नित अवैध निर्माणों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. वहीं मस्जिद कमेटी का दावा है कि संबंधित ढांचा 100 साल से ज्यादा पुराना है और मस्जिद परिसर का अभिन्न हिस्सा है.
पथराव की घटना के बाद दिल्ली पुलिस अब सीसीटीवी कैमरों और बॉडी वॉर्न कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है. पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है, वहीं 10 लोगों को हिरासत में लिया है.