AI से बना चेहरा और ऑमलेट ने खोला राज, ग्वालियर में हाईटेक पुलिसिंग, ब्लाइंड मर्डर में बॉयफ्रेंड का खुल गया राज | gwalior police ai technology solved murder mystery boyfriend arrested after omelet stall clue found girlfriend

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ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने न केवल आम जनता को बल्कि अपराधियों में भी खौफ पैदा कर सकता है. अपराधी अपराध करते वक्त चाहे जितनी भी चालाकी कर लें, लेकिन कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते. ग्वालियर पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से हल कर सबको हैरान कर दिया है. यह केस पुलिस जांच में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है. दरअसल, ग्वालियर पुलिस ने टीकमगढ़ की महिला की हत्या की गुत्थी बड़े ही नाटकीय अंदाज में सुलझा लिया. महिला के जेब में ऑमलेट का एक छोटा टुकड़ा कातिल तक पहुंचने में ग्वालियर पुलिस की बड़ी मदद की. आइए जानते हैं कि कैसे टीकमगढ़ की महिला का ग्वालियर के एक शख्स से इश्क हुआ और फिर उसका कैसे कत्ल कर दिया गया?

आजकल पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जमीनी मुखबिरी का खूब इस्तेमाल करने लगी है. ग्वालियर में एक महिला का मर्डर मिस्ट्री किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जिसमें पुलिस कातिल तक पहुंच गई. इस पूरी कहानी की शुरुआत एक सिर कुचली लाश से हुई और अंत दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ हुआ, जिसमें एक ‘ऑमलेट’ सबसे बड़ा सुराग बना.

पहाड़ी पर मिली थी वीभत्स लाश

घटना की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई जब ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक सुनसान पहाड़ी पर पुलिस को एक महिला का शव बरामद हुआ. हत्या करने का तरीका इतना वीभत्स और क्रूर था कि कातिल ने महिला की पहचान छिपाने के लिए भारी पत्थर से उसका चेहरा पूरी तरह कुचल दिया था. शव को देखने के बाद किसी के लिए भी यह पहचानना असंभव था कि वह महिला कौन थी. पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि जब तक मृतका की पहचान नहीं होती, तब तक कातिल तक पहुंचना नामुमकिन था. स्थानीय स्तर पर गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाली गई, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा.

एआई ने दिया मृतका को नया चेहरा

ग्वालियर पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया. जब पारंपरिक तरीके नाकाम होने लगे तो पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया. पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉफ्टवेयर की मदद ली. महिला के कुचले हुए चेहरे की हड्डियों की संरचना और उपलब्ध अवशेषों के आधार पर एआई ने एक डिजिटल चेहरा तैयार किया. इस चेहरे को घटनास्थल वाले इलाके में अंडा बनाने वालों को दिखाया गया. इसमें अंडा वाला ने महिला की पहचान कर कहा कि कुछ दिन पहले दो शख्स के साथ यह महिला ऑमलेट खाने आई थी.

ऑमलेट का वो आखिरी सुराग

पहचान होने के बाद पुलिस ने मृतका के पिछले कुछ घंटों की गतिविधियों को ट्रैक करना शुरू किया. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला को आखिरी बार एक युवक के साथ देखा गया था. पुलिस ने जब आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय दुकानदारों से पूछताछ की, तो एक अंडे के ठेले वाले ने महत्वपूर्ण जानकारी दी. उसने बताया कि हत्या से कुछ देर पहले एक युवक और युवती उसके पास आए थे और युवक ने बड़े प्यार से युवती को ऑमलेट खिलाया था. ठेले वाले ने युवक का हुलिया पुलिस को बताया, जो मृतका के एक करीबी दोस्त से मेल खाता था.

प्यार, धोखा और हत्या की साजिश

पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के बॉयफ्रेंड और उसके एक साथी को हिरासत में लिया. कड़ी पूछताछ के बाद जो सच सामने आया, वह दिल दहला देने वाला था. आरोपी बॉयफ्रेंड ने कबूल किया कि वह महिला के साथ प्रेम संबंध में था, लेकिन पिछले कुछ समय से उनके बीच विवाद चल रहा था. आरोपी को शक था कि महिला किसी और से भी बात करती है. इसी रंजिश के चलते उसने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची. उसने अपनी प्रेमिका को पहाड़ी पर घुमाने के बहाने बुलाया, रास्ते में उसे उसकी पसंद का ऑमलेट खिलाया ताकि वह किसी भी तरह का शक न करे और फिर सुनसान जगह ले जाकर अपने साथी की मदद से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी.

पुलिस की चतुराई और आरोपियों की गिरफ्तारी

आरोपियों ने सोचा था कि चेहरा कुचल देने के बाद पुलिस कभी भी मृतका की पहचान नहीं कर पाएगी. उन्हें अंदाजा नहीं था कि पुलिस एआई जैसी तकनीक का इस्तेमाल करेगी. पुलिस ने आरोपी बॉयफ्रेंड और उसके साथी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. उनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया भारी पत्थर और खून से सने कपड़े भी बरामद किए गए हैं. ग्वालियर पुलिस की इस सफलता की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है क्योंकि यह मामला साबित करता है कि अब अपराधी केवल सबूत मिटाकर कानून की गिरफ्त से नहीं बच सकते.

ग्वालियर की यह घटना हमें बताती है कि अपराध विज्ञान के क्षेत्र में एआई एक क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है. जहां इंसानी आंखें हार मान लेती हैं, वहां डेटा और एल्गोरिदम सच को सामने लाने में मदद करते हैं. फिलहाल दोनों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं और पुलिस कोर्ट में उनके खिलाफ पुख्ता चार्जशीट पेश करने की तैयारी कर रही है. यह मामला भविष्य की पुलिसिंग के लिए एक मिसाल बन गया है, जहाँ ‘अंधे कत्ल’ का राज एक एआई फोटो और एक ऑमलेट के ठेले से खुल गया.

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