इलेक्ट्रिक स्कूटी और बाइक पर 30 हजार, कार खरीदी तो 1 लाख की छूट, दिल्ली सरकार की सबसे बड़ी सब्सिडी योजना
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EV Policy 2.0 : दिल्ली सरकार ने प्रदेश में ईवी पॉलिसी 2.0 शुरू करने की तैयारी कर ली है. इसका प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट को भेजा जा चुका है और मंजूरी मिलने के बाद आम आदमी तक इसका फायदा पहुंचाया जाएगा.
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी देने की योजना बनाई है. नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली की सरकार शहर को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की राह पर तेजी से आगे बढ़ाने के लिए EV पॉलिसी 2.0 का नया ड्राफ्ट तैयार कर रही है. परिवहन विभाग के स्तर पर जिन प्रस्तावों पर विचार हो रहा है, वे न सिर्फ आम खरीदारों के लिए राहत लाने वाले हैं, बल्कि EV उद्योग, पावर सेक्टर और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को भी नई दिशा दे सकते हैं. सरकार का फोकस साफ है कि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करके इलेक्ट्रिक वाहनों को दिल्ली की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना.
ड्राफ्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक खरीदने वालों को सरकार की ओर से 21,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है. महिला खरीदारों को अतिरिक्त बढ़ावा देते हुए यह राशि 30,000 तक किए जाने का प्रस्ताव है. सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की संख्या को मौजूदा 5 लाख से बढ़ाकर 12 लाख तक पहुंचाना है. इससे राजधानी में प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी.
ई-कार के लिए भी खुला रास्ता
दिल्ली सरकार की नई नीति में निजी इलेक्ट्रिक कारों को भी दोबारा प्रोत्साहन देने की तैयारी है. इसके तहत 25 लाख रुपये से कम कीमत वाली EV कारों पर बैटरी क्षमता के आधार पर सब्सिडी दी जाएगी. योजना के तहत पहले 27,000 खरीदारों को 10,000 रुपये प्रति kWh और अधिकतम 1 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है. परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने News18 India को बताया कि नीति का मकसद आम उपभोक्ताओं को EV की ओर आकर्षित करना है, न कि महंगी लग्जरी कारों को बढ़ावा देना.
पुरानी कारें भी बनेंगी इलेक्ट्रिक
EV पॉलिसी 2.0 का एक अहम प्रस्ताव मौजूदा पेट्रोल और डीजल कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने से जुड़ा है. इसके तहत शुरुआती 1,000 वाहनों के रेट्रोफिट पर 50,000 रुपये प्रति वाहन की सहायता देने की योजना है. सरकार पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले दोपहिया, तीन-पहिया और हल्के व्यावसायिक वाहनों को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक विकल्प अपनाने के लिए भी इंसेंटिव देने की तैयारी में है. इससे सड़कों से पुराने वाहन हटाने और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी.
लोन लेने वालों को राहत
EV खरीद में आने वाली फाइनेंशियल अड़चनों को कम करने के लिए ड्राफ्ट में 5 फीसदी ब्याज सब्सिडी का प्रस्ताव शामिल है. इससे मध्य वर्ग के खरीदारों और छोटे व्यवसायों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन लेना आसान हो सकता है. नई नीति स्थानीय स्तर पर EV पार्ट्स के निर्माण को भी बढ़ावा देगी. बैटरी, चार्जर और अन्य जरूरी कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों को वित्तीय प्रोत्साहन देने की योजना है, जिससे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं.
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आज तक से टीवी पत्रकारिता शुरू करने वाली प्रियंका कांडपाल को अब तक तकरीबन 11 साल का अनुभव है. तकरीबन चार साल आज तक में रिपोर्टिंग के साथ एंकरिंग भी कर चुकी हैं. उसके बाद इंडिया टीवी में पांच साल तक काम किया. 201…और पढ़ें