दिल्ली की जनता को बड़ा तोहफा! रिजर्व बैंक ने मिलाया सरकार से हाथ, विकास के लिए अब कम नहीं पड़ेगा पैसा
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Delhi-RBI Agreement : दिल्ली सरकार और रिजर्व बैंक के बीच एक ऐतिहासिक करार हुआ है. इससे दिल्ली को पहली बार अपना फाइनेंशियल सिस्टम मिला है. सरकार अब खुले बाजार से कर्ज ले सकेगी, जो पहले के मुकाबले 6 फीसदी तक सस्ता पड़ेगा.
आरबीआई और दिल्ली सरकार में विकास के लिए करार हुआ है. नई दिल्ली. रिजर्व बैंक और दिल्ली सरकार के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है. इसके तहत अब प्रदेश में विकास कार्यों के लिए पैसों की कमी नहीं होगी. यह पहली बार है जब राजधानी को अपना बैंकिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम मिलेगा. आरबीआई के साथ हुए करार के तहत दिल्ली सरकार को अपने विकास कार्यों के लिए अब खुले बाजार से कर्ज लेने की छूट मिलेगी. साथ ही यह कर्ज अभी तक मिल रहे लोन से काफी सस्ता भी दिया जाएगा. इससे दिल्ली की जनता पर आर्थिक बोझ भी कम होगा और सरकार को भी इस कर्ज के लिए कम ब्याज चुकाना पड़ेगा.
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार और आरबीआई के बीच एक समझौता हुआ है. इससे दिल्ली को अपना बैंकिंग और वित्तीय प्रबंधन सिस्टम मिल गया है. आरबीआई अब दिल्ली सरकार का बैंकर, कर्ज प्रबंधक और वित्तीय सलाहकार होगा. इस करार के तहत अब दिल्ली पहली बार स्टेट डेवलपमेंट लोन के जरिये खुले बाजार से कर्ज ले सकेगी. इसका मतलब है कि उसे कर्ज के लिए बैंकों और बॉन्ड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और यह लोन सरकार के लिए आसान होने के साथ ही सस्ता भी पड़ेगा.
कितना सस्ता होगा लोन
दिल्ली सरकार को खुले बाजार से मिलने वाला कर्ज लगभग 7% ब्याज दर पर दिया जाएगा, जिसके लिए अभी तक 12 से 13% ब्याज देना पड़ता था. सस्ता कर्ज मिलने से राजधानी की जनता पर आर्थिक बोझ कम होगा. इसके अलावा सरकार के पास पड़ी अतिरिक्त नकदी का रोजाना आरबीआई के माध्यम से स्वचालित निवेश होगा और यह पैसा बेकार नहीं पड़ा रहेगा, बल्कि निवेश के जरिये पर सरकार ब्याज कमाती रहेगी. इसका मतलब है कि अब सरकारी पैसा बिना इस्तेमाल के नहीं पड़ा रहेगा, उस पर ब्याज कमाया जाएगा और इन पैसों का इस्तेमाल विकास कार्यों पर किया जाएगा.
आरबीआई से मिलेगा स्पेशल कर्ज
इस करार के तहत जरूरत पड़ने पर आरबीआई से वेज एंड मीन्स एडवांस और स्पेशल ड्राइंग फैसिलिटी के तहत कम ब्याज पर अल्पकालिक मदद मिलेगी यानी कम समय के लिए तत्काल पैसा सीधे आरबीआई से लिया जा सकेगा. इससे वेतन, पेंशन और जरूरी खर्च समय पर पूरे किए जा सकेंगे और सरकार को फंड की कमी की वजह से इन कार्यों को लटकाने की मजबूरी नहीं होगी.
केंद्र से अलग होगा दिल्ली का खाता
करार के तहत दिल्ली के पब्लिक अकाउंट अब केंद्र सरकार के खातों से अलग कर दिए गए हैं. इससे दिल्ली को पहली बार स्वतंत्र बैंकिंग और उधारी व्यवस्था मिली है. समझौते के बाद दिल्ली को वही वित्तीय सुविधाएं मिलेंगी जो अन्य राज्यों को मिलती हैं. इसके साथ ही कैश मैनेजमेंट और कर्ज व्यवस्था अधिक पारदर्शी व अनुशासित होगी. बाजार से जुटाई गई पूरी राशि केवल विकास कार्यों पर खर्च होगी और रोजमर्रा के खर्च के लिए कर्ज नहीं लिया जाएगा.
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आज तक से टीवी पत्रकारिता शुरू करने वाली प्रियंका कांडपाल को अब तक तकरीबन 11 साल का अनुभव है. तकरीबन चार साल आज तक में रिपोर्टिंग के साथ एंकरिंग भी कर चुकी हैं. उसके बाद इंडिया टीवी में पांच साल तक काम किया. 201…और पढ़ें