बिहार में ठंडा के मौसम में लाएं स्वाद का मजा, खोया वाली बगिया दे नाश्ते में खुशियों का तड़का, जानें रेसिपी
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बगिया तैयार करने के लिए सबसे पहले जरूरी होगा चावल का आटा, खोवा, और कुछ दूध. सबसे पहले हम चावल के आटा को चाल लेंगे उसके बाद हल्का गुनगुना पानी लेंगे उसे उस आटा को सान लेंगे. आटा थोड़ी सी टाइट रहनी चाहिए
बिहार का प्रसिद्ध डिश सिर्फ लिट्टी चोखा ही नहीं बल्कि बगिया भी है जिसे देहात में पीठा भी कहा जाता है. आम तौर पर ठंड के मौसम में देहात में तरह तरह के डिश बनने शुरू हो जाते हैं. खास कर बड़े पैमाने पर लिट्टी बनते देखा होगा. आग वाला लिट्टी का मजा ही कुछ अलग है. इसके साथ बैंगन व आलू का चोखा और आनंद भर देता है. लेकिन आपने पीठा बनते शायद ही देखा होगा. खास कर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग पीठा बनते जरुर देखे होंगे खाए भी होंगे. अलसी व दाल वाला पीठा जरूर खाये होंगे आज आपको इससे बिल्कुल अलग खोवा वाला पीठा के बारे बात करने वाले हैं.
जाने कैसे तैयार किया जाता है खोवा वाला बगिया
दरअसल खोवा वाला बगिया तैयार करने के लिए सबसे पहले जरूरी होगा चावल का आटा, खोवा, और कुछ दूध. सबसे पहले हम चावल के आटा को चाल लेंगे उसके बाद हल्का गुनगुना पानी लेंगे उसे उस आटा को सान लेंगे. आटा थोड़ी सी टाइट रहनी चाहिए. उससे पहले आप खोवा बना लें. खोवा बनाते समय उसमें इलायची पाउडर हल्की दे दें जिससे उसका स्वाद और बढ़ जाएगा. खोवा को लें उसमें जैसे अलसी भरते हैं उसी तरीके से उसमें खोवा भर दें. उसके बाद इसको दूध में पका लें. पकाने वाले दूध में भी चीनी का इस्तेमाल करें जब यह दूध हल्का गाढ़ा पन आ जाए तब आप देख लें कि आपका पीठा पूरी तरीके से पका की नहीं जब अच्छे से पक जाए तब वह खाने लायक हो जाएगा. सब पीठा से बेहतर यह खाने में लगेगा.
बगिया खाने का मजा ही कुछ अलग
दरअसल सुबह या शाम में यह नाश्ते के रूप में मिल जाये तो यह अलग ही मजा देता है. वैसे अलसी वाली पीठा भी काफी अच्छा लगता है. लेकिन अलसी वाली पीठा में मेहनत थोड़ा अधिक होता है. क्योकि इसमें पुआल और लकड़ी की आवश्यकता होती है पकाने के लिए लेकिन इसमें किसी भी चिज की आवश्यकता नहीं होती है. सीधे दूध में डालकर और इसे पका लें.