वंदेभारत स्लीपर लाइट जाने पर क्या रुक जाएगी या चलती रहेगी, क्या डीजल इंजन या अन्य कोई हाईब्रिड मोड है?
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Vande Bharat Sleeper News-वंदेभारत स्लीपर विश्व की बेहतरीन ट्रेनों में एक साबित होने वाली है. भारती की यह पहली सेमी हाईस्पीड स्लीपर ट्रेन है, जो ओवर नाइट सफर कराएगी. यहां पर लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि यह आधुनिक ट्रेन पावर कट होने के बाद रुक जाएगी या चलती रहेगी. इस ट्रेन में हाईबिड मोड क्यों रखा जा सकता है. आइए जानते हैं-
दो से ढाई घंटे का पॉवर बैकअप है ट्रेन में.नई दिल्ली. भारत की पहली सेमी हाईस्पीड स्लीपर ट्रेन यानी वंदेभारत स्लीपर जल्द ही आम लोगों के लिए ट्रैक पर दौड़ने वाली है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा कर दी है. 17 या 18 जनवरी को प्रधानमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन किया जाएगा. इस हाईटेक ट्रेन को लेकर लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि बिजली गुल होने पर भी ट्रेन चल सकती है, इसमें डीजल इंजन या अन्य कोई हाईब्रिड मोड है या फिर पॉवर फेल होने पर पूरी तरह से अंधेरा छा जाएगा, आइए जानते हैं-
वंदेभारत एक्सप्रेस देश की सबसे आधुनिक स्लीपर ट्रेन है. इसको तैयार करने से पहले दूसरे देशों की सेमी हाईस्पीड ट्रेनों की स्टडी करायी गयी है. इस तरह विश्व की सबसे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर स्लीपर वंदेभारत को तैयार की गयी है और यह तकनीक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक ट्रेनों में ही इस्तेमाल हो सकती है. यानी पूरी ट्रेन बिजली से चलेगी.
क्या हाईब्रिड जैसी कोई व्यवस्था है
रेलवे मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ट्रेन हाईब्रिड जैसी कोई तकनीक लागू नहीं की जा सकती है. ट्रेन का इंजन या तो डीजल हो सकता है या फिर इलेक्ट्रिक. इस वजह से हाईब्रिड नहीं हो सकती है.
हाईब्रिड न होने में क्या वजह
मंत्रालय के अनुसार दो तरह की ट्रेनें अभी चल रही हैं, पहली ट्रेन सेट और दूसरी इंजन वाली. ट्रेन सेट वो ट्रेन होती है, जिसमें अलग से इंजन नहीं होता है. पहले और आखिरी कोच में पावर कार के साथ ही बीच में भी पावर बैट्री होती है. इस वजह से ट्रेन कुछ ही सेकेंड में स्पीड पकड़ती है और कुछ ही सेकेंड में धीमी की जा सकती है. क्योंकि कई कोच में पावर होता है. इसी तरह वंदेभारत ट्रेन है. इसके हर दूसरे कोच में पावर बैट्री लगी है. जिससे स्टेशन से ट्रेन छूटने के कुछ ही सेकेंड बाद फुल स्पीड में आ जाती है.
वहीं, इंजन वाली ट्रेन में केवल आगे ( कुछ पुश-पुल वाली ट्रेन हैं जिसमें आगे और पीछे इंजन ) इंजन होता है. इनको स्पीड पकड़ने में और फिर धीमी करने में समय लगता है. इस वजह से दोनों मोड एक साथ नहीं हो सकते हैं.
क्या पावर कट होते ही हो जाएगा अंधेरा
ट्रेन में पावर कट होते ही अंधेरा नहीं होगा. मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ट्रेन में दो से ढाई घंटे का पॉवर बैकअप रहेगा. इस दौरान वंदेभारत स्लीपर में एसी को छोड़कर सारे इलेक्ट्रिक उपकरण चलते रहेंगे. ब्लोवर भी चलेगा. यानी अगर कभी पॉवर कट हो जाए तो ट्रेन भले ही रुक जाए पर यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. लाइट और ब्लोवर तक चलते रहेंगे.