इंस्टाग्राम का मायाजाल: ऑनलाइन दोस्ती में फंसी नोएडा की 4 सहेलियां, घर छोड़कर भागीं, ट्रेन में देखकर GRP के उड़े होश | Instagram side effects 4 noida girls trapped in online friendship fled home leaving grp rescue from train
नोएडा/शाहजहांपुर. सोशल मीडिया का नशा और किशोरावस्था की नासमझी कैसे किसी हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल सकती है, इसका एक रोंगटे खड़े कर देने वाला उदाहरण नोएडा में सामने आया है. यहां एक ही बिल्डिंग में रहने वाली चार नाबालिग लड़कियां इंस्टाग्राम पर बने एक अनजान दोस्त के बहकावे में आकर घर से फरार हो गईं. ये चारों लड़कियां काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में बैठकर निकल प्रयागराज निकल गईं. यह मामला उस समय और भी पेचीदा हो गया जब पता चला कि इन लड़कियों ने सिर्फ इसलिए घर छोड़ने का फैसला किया क्योंकि उनके माता-पिता ने उन्हें घर की छत पर घूमने से मना किया था. हालांकि, दिल्ली से उत्तर प्रदेश के लिए निकली इन लड़कियों की किस्मत अच्छी थी कि वे समय रहते जीआरपी की नजर में आ गईं.
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ मौत का खेल घटना की शुरुआत नोएडा के एक घनी आबादी वाले इलाके से हुई. यहाँ एक मकान की ऊपर और नीचे की मंजिलों पर रहने वाले दो परिवारों की चार बेटियाँ आपस में सहेलियां थीं. इनमें से एक 15 वर्षीय किशोरी इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय रहती थी. कुछ समय पहले उसकी पहचान प्रयागराज के एक युवक से हुई. दोनों के बीच घंटों चैटिंग होने लगी. उस युवक ने लड़की को अपने प्रेम जाल में इस कदर फंसाया कि उसने उसे प्रयागराज आने के लिए मना लिया. शातिर युवक ने न केवल 15 साल की उस लड़की को बहकाया, बल्कि उसे यह भी पट्टी पढ़ाई कि वह अपनी अन्य तीन सहेलियों को भी साथ लेकर आए.
छत पर घूमने की पाबंदी बनी ‘विद्रोह’ की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच और लड़कियों से हुई पूछताछ में एक बेहद अजीबोगरीब कारण सामने आया है. बताया जा रहा है कि चारों लड़कियां अपने परिजनों से इस बात को लेकर बेहद नाराज थीं कि उन्हें घर की छत पर टहलने या घूमने से रोका जाता था. परिजनों का कहना था कि सुरक्षा के लिहाज से लड़कियों का अकेले छत पर जाना ठीक नहीं है, लेकिन किशोरियों ने इसे अपनी आजादी पर हमला माना. इसी गुस्से और इंस्टाग्राम वाले ‘दोस्त’ के बहकावे में आकर उन्होंने शनिवार रात को एक साथ घर छोड़ने की योजना बना ली.
काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और वो खौफनाक सफर
योजना के मुताबिक, चारों लड़कियां चुपचाप अपने घरों से निकलीं और सीधे रेलवे स्टेशन पहुँच गईं. वहां से वे प्रयागराज जाने वाली ‘काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस’ में सवार हो गईं. सफर के शुरुआती घंटों में तो वे काफी उत्साहित थीं, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेन नोएडा से दूर होती गई, उनकी धड़कनें तेज होने लगीं. ट्रेन जब बरेली के पास पहुँची, तो आधी रात का समय था. सूनसान बोगियां और अजनबियों की भीड़ देखकर इन लड़कियों की रूह कांप गई. जिस युवक के भरोसे वे घर से निकली थीं, उसका ख्याल आते ही उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर लगने लगा. उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ कि वे एक अनजान शख्स के कहने पर अपना घर और परिवार छोड़ आई हैं.
शाहजहांपुर में जीआरपी की सतर्कता और रेस्क्यू
ट्रेन जब शाहजहांपुर स्टेशन पर पहुँची, तो वहां तैनात जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) के जवानों की नजर इन चार लड़कियों पर पड़ी, जो बेहद डरी-सहमी और संदिग्ध स्थिति में बैठी थीं. पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की, तो वे घबरा गईं और अलग-अलग कहानियां सुनाने लगीं. शक होने पर महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें विश्वास में लिया, जिसके बाद उन्होंने सारी सच्चाई उगल दी. पुलिस ने तुरंत उनके परिजनों को सूचित किया. हालांकि, शाहजहांपुर में फिलहाल तीन लड़कियों को ही सुरक्षित बरामद करने की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जबकि चौथी लड़की और पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए नोएडा और शाहजहांपुर पुलिस संयुक्त अभियान चला रही है.
अभिभावकों के लिए बड़ी चेतावनी
यह घटना उन सभी माता-पिता के लिए एक बड़ा सबक है, जिनके बच्चे सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर ‘ग्रूमिंग’ के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहाँ अपराधी बच्चों की छोटी-मोटी पारिवारिक नाराजगी का फायदा उठाकर उन्हें घर से भागने के लिए मजबूर करते हैं. पुलिस अब उस प्रयागराज के युवक के इंस्टाग्राम प्रोफाइल की जांच कर रही है और उसके आईपी एड्रेस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है. नोएडा पुलिस ने भी इस मामले में अपहरण और बहला-फुसलाकर ले जाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
फिलहाल, बरामद की गई लड़कियों को काउंसलिंग दी जा रही है ताकि उनके मन से इस खौफनाक सफर के डर को निकाला जा सके. पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उनके -वसाथ एक मित्रवत व्यवहार बनाए रखें ताकि वे बाहरी लोगों के बहकावे में न आएं.