Google Jobs: गूगल में लाखों की नौकरी कैसे मिलेगी? आसानी से पास कर लेंगे इंटरव्यू, नोट करिए सीक्रेट टिप्स

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नई दिल्ली (How to Get a Job at Google). दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी गूगल में काम करना अल्टीमेट करियर गोल माना जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर साल लाखों आवेदनों में से गूगल केवल कुछ ही चेहरों को क्यों चुनता है? दरअसल, गूगल सिर्फ डिग्री या कॉलेज का नाम नहीं देखता, बल्कि वह आपके भीतर उस ‘Googliness’ को तलाशता है, जो आपको भीड़ से अलग बनाती है. चाहे आप कोडर हों, मार्केटिंग एक्सपर्ट हों या डेटा साइंटिस्ट, गूगल के चयन की प्रक्रिया जितनी कठिन है, उतनी ही रोचक भी.

यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि ऐसे वर्क कल्चर का हिस्सा बनने का मौका है, जहां भविष्य की तकनीकें आकार लेती हैं. गूगल में एंट्री का रास्ता केवल रिज्यूमे भेजने से शुरू नहीं होता, बल्कि यह आपके सोचने के तरीके और आपकी प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी से होकर गुजरता है. गूगल में नौकरी के लिए लीक से हटकर सोचना जरूरी है. यहां नौकरी का मतलब है दुनिया के सबसे होशियार दिमागों के साथ बैठकर वैश्विक ग्लोबल का समाधान ढूंढना. जानिए गूगल में नौकरी कैसे मिल सकती है.

गूगल में नौकरी पाने का ‘मास्टर प्लान’

गूगल में नौकरी के लिए मास्टर प्लान यानी सही स्ट्रैटेजी बनाना जरूरी है. यहां कई राउंड के इंटरव्यू पास करके ही सिलेक्शन होता है.

रिज्यूमे को बनाएं ‘गूगल-रेडी’

गूगल के पास पहुंचने वाला आपका पहला प्रतिनिधित्व आपका रिज्यूमे है. यहां ‘लंबे चौड़े’ पैराग्राफ नहीं, बल्कि ‘इम्पैक्ट’ काम आता है. गूगल ‘X-Y-Z’ फॉर्मूले का सुझाव देता है: मैंने [X] हासिल किया, जैसा कि [Y] ने मापा, [Z] करके. उदाहरण के लिए, मैंने मार्केटिंग खर्च में 20% की कमी की (Y), एक नया डेटा टूल लागू करके (Z)।” अपने रिज्यूमे को उपलब्धियों और डेटा के इर्द-गिर्द बुनें.

समझें ‘Googliness’ का मतलब

इंटरव्यू के दौरान गूगल आपकी व्यवहार संबंधी स्किल्स परखता है, जिसे वे ‘Googliness’ कहते हैं. इसका मतलब है- आप टीम में कैसे काम करते हैं, आप फीडबैक को कैसे लेते हैं और क्या आप अनिश्चितता की स्थिति में भी लीडरशिप दिखा सकते हैं या नहीं? यहां ‘ईगो’ के लिए कोई जगह नहीं है; वे ‘हंबल’ लेकिन ‘स्मार्ट’ लोगों की तलाश करते हैं.

डेटा और प्रॉब्लम सॉल्विंग पर फोकस

गूगल के इंटरव्यू में आपसे कॉम्प्लेक्स पहेलियां या ‘ब्रेन टीजर’ नहीं पूछे जाएंगे, बल्कि वास्तविक व्यावसायिक समस्याओं पर चर्चा होगी. आपसे पूछा जा सकता है कि अगर आपको गूगल मैप्स का रेवेन्यू 2 गुना करना हो तो आप क्या करेंगे? यहां आपका उत्तर गलत या सही नहीं, बल्कि आपकी तार्किक प्रक्रिया (Logical Reasoning) महत्वपूर्ण होती है.

नेटवर्किंग और रेफरल का जादू

हजारों आवेदनों के बीच अपनी जगह बनाने का सबसे अच्छा तरीका ‘रेफरल’ है. लिंक्डइन (LinkedIn) पर गूगल के मौजूदा कर्मचारियों से कनेक्ट होने का फायदा मिलता है. उनसे कंपनी के कल्चर के बारे में पूछें और अगर संभव हो तो रेफरल मांगें. एक इंटरनल रेफरल आपके रिज्यूमे के सीधे रिक्रूटर की मेज तक पहुंचने की संभावना को 10 गुना बढ़ा देता है.

कोडिंग और टेक्निकल स्किल्स

अगर आप गूगल के टेक्निकल रोल्स (SDE) के लिए आवेदन कर रहे हैं तो डेटा स्ट्रक्चर्स और एल्गोरिदम पर आपकी पकड़ ‘बुलेटप्रूफ’ होनी चाहिए. ‘LeetCode’ या ‘HackerRank’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर प्रैक्टिस करें. गूगल आपसे उम्मीद करता है कि आप केवल कोड न लिखें, बल्कि सबसे ‘एफिशिएंट’ कोड लिखें. इसलिए कोडिंग की प्रैक्टिस करना जरूरी है.

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