ये है हलवाई स्टाइल सौंधा गाजर का हलवा बनाने की रेसिपी, मुजफ्फरपुर के दिलीप का सीक्रेट, इनकी दुकान पर लगती है लाइन – Bihar News
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Muzaffarpur Famous Gajar Ka Halwa: मुजफ्फरपुर में दिलीप जी का पारंपरिक गाजर का हलवा ठंड में बेहद लोकप्रिय है. इसे खरीदने आसपास के जिलों से भी लोग आते हैं. कीमत 500 रुपये किलो है, उन्होंने अपने खास हलवे की रेसिपी भी साझा की.
मुजफ्फरपुर. ठंड के मौसम में गाजर का हलवा लोगों की पहली पसंद बन जाता है. जैसे-जैसे तापमान गिरता है, वैसे-वैसे बाजारों में गरमागरम गाजर के हलवे की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींचने लगती है. वैसे तो गाजर का हलवा हर घर में बनाया जाता है, लेकिन हर किसी के हाथों का स्वाद अलग होता है. यही वजह है कि मुजफ्फरपुर में दिलीप जी के हाथों से बना गाजर का हलवा इन दिनों खासा लोकप्रिय हो रहा है.
ग्राहक आते हैं दूर-दूर से
मुजफ्फरपुर में अपनी दुकान चलाने वाले दिलीप जी पिछले कई वर्षों से पारंपरिक तरीके से गाजर का हलवा तैयार कर रहे हैं. उनके हलवे की खास बात यह है कि वह शुद्ध सामग्री और पारंपरिक विधि का उपयोग करते हैं. दिलीप जी अपनी दुकान पर गाजर का हलवा 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचते हैं, जिसे खरीदने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं. उनका कहना है कि स्वाद और गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया जाता, इसी वजह से ग्राहक हर साल ठंड के मौसम में उनका हलवा खाने जरूर आते हैं.
शरीर को फायदे भी पहुंचाता है यह हलवा
दिलीप जी बताते हैं कि गाजर का हलवा सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. गाजर में विटामिन-ए, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने, इम्यूनिटी मजबूत करने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं. दूध और मेवों के साथ बनने वाला यह हलवा ठंड में शरीर को गर्म रखने में भी सहायक होता है.
घर पर ऐसे बनाएं दिलीप जी के अंदाज में गाजर का हलवा
दिलीप जी बताते हैं कि इस हलवे को लोग आसानी से अपने घर पर भी बना सकते हैं. सबसे पहले ताजी लाल गाजर को अच्छे से धोकर कद्दूकस कर लें. इसके बाद एक कढ़ाही में थोड़ा दूध डालकर उसमें कद्दूकस की हुई गाजर डालें और धीमी आंच पर पकाएं. जब गाजर और दूध अच्छे से गल जाएं, तो उसमें मलाई डालें, जिससे हलवे में गाढ़ापन और स्वाद आए.
इसके बाद बारीक कटे काजू और किशमिश डालें. खुशबू और स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें इलायची और थोड़ी सी लौंग का प्रयोग करें. खास बात यह है कि दिलीप जी हलवे को चीनी में ही तैयार करते हैं, जिससे इसका स्वाद संतुलित और पारंपरिक बना रहता है.
चीनी डालने के बाद हलवे को लगातार चलाते रहें, ताकि वह कढ़ाही में लगे नहीं. जब हलवा अच्छी तरह पककर घी छोड़ने लगे, तो समझ लें कि यह तैयार है. गरमागरम गाजर का हलवा परोसते समय ऊपर से थोड़े से काजू-किशमिश डालें, जो देखने में और सुंदर लगता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें